16 दिन में 34 किसानों की मौत16 दिन में 34 किसानों की मौत- 28 किसानों ने की आत्महत्या- 5 किसान पुलिस फायरिंग में मारे गए

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16 दिन में 34 किसानों की मौत16 दिन में 34 किसानों की मौत- 28 किसानों ने की आत्महत्या- 5 किसान पुलिस फायरिंग में मारे गए- 1 ने प्रदर्शन के दौरान घायल अवस्था में तोड़ा दम- 12 जून के बाद से नहीं थमा आत्महत्या का सिलसिला- सोमवार-मंगलवार को एक साथ 5 किसानों ने तोड़ा दम

भोपाल (ईएमएस)। मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक में 1 से 10 जून तक हुए किसान आंदोलन के बाद मध्य प्रदेश में किसानों की आत्महत्या की संख्या बढ़ती ही जा रही है। सोमवार और मंगलवार को पांच किसानों ने कर्ज, सूदखोरों और अन्य समस्याओं से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। इसके साथ ही प्रदेश में किसानों की मौत का आंकड़ा 34 पहुंच गया है। इन मौतों में 28 आत्महत्याओं के साथ ही मंदसौर में मारे गए छह प्रदर्शनकारी भी शामिल हैं। हालांकि सरकार का कहना है कि किसानों ने कर्ज की वजह से ही आत्महत्याएं नहीं की हैं, बल्कि कई मौतों के अन्य कारण से दूसरे भी रहे हैं। हालांकि कारण कुछ भी हो, लेकिन सिर्फ 16 दिन में 28 आत्महत्याएं चिंता का विषय है। मध्य प्रदेश के मंदसौर में पुलिस फायरिंग के दौरान छह किसान मारे गए थे। 10 से 11 जून तक  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 24 घंटे का उपवास किया था। इस उपवास के बाद से महज 16 दिन में प्रदेश में अब तक 31 किसान अपनी जान दे चुके हैं।

48 घंटे और पांच आत्महत्याएंताजा मामले में खंडवा जिले के हरसूद में किसान घिसिया खान (70) ने ईद की रात अपने खेत के कुएं में लटकर आत्महत्या कर ली। वहीं, बालाघाट के भरवेली जागपुर के किसान डाल चंद्र लिल्हारे (42) ने कर्ज से परेशान होकर सोमवार देर रात कीटनाशक पी लिया। इंदौर के धरनावदा गांव के युवा किसान पवन (20) ने कीटनाशक पीकर जान दे दी। झाबुआ जिले के पारा चौकी क्षेत्र के आदिवासी किसान जहू ने कीटनाशक पीकर आत्महत्या कर ली। देवास के केसली गांव निवासी किसान मनोहर सिंह (50) ने आत्महत्या कर ली। -मुख्यमंत्री के गृह जिले में चार ने की आत्महत्या23 जून को महज 48 घंटे के भीतर देश भर से 14 किसानों के आत्महत्या की थी। 22 और 23 जून के बीच छह किसानों ने जान दे दी। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री चौहान के गृह जिले सीहोर में चार किसानों ने आत्महत्याएं की हैं। मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र बुधनी में एक और सागर, टीकमगढ़, छतरपुर, छिंदवाड़ा और मंदसौर जिलों में 22 जून को पांच किसानों ने आत्महत्या की है।

इन किसानों ने तोड़ा दमकिसान गांव जिलाबंसीलाल जमोलिया खुर्द सीहोरखाजू खां बापचा सीहोर (मानसिक)मुकेश यादव लाचोर सीहोरदुलीचंद जाजना सीहोरशत्रुघ्न मीणा गुराडिया सीहोरगुलाई कुर्मी बसारी सागरमहेश तिवारी नारायणपुर छतरपुरकल्ला अहिरवार ककरहवा टीकमगढ़श्याम कुमार परासिया छिंदवाड़ामाखनलाल भैरूपुर होशंगाबादहरिसिंह जाटव विदिशा विदिशारमेश बसेने बल्लारपुर बालाघाटजुमला पिसनावल बड़वानीकल्ला बिनेका शिवपुरीनर्मदा प्रसाद चपरासर होशंगाबादहरिसिंह जीरापुर विदिशारमेश बल्हारपुर बालाघाटप्यारेलाल ओढ़ पिपल्या व्यास नीमचजीवन सिंह मीणा बमोरा विदिशामुरलीधर बेलदार गांम बेडी हरदालक्ष्मी गुमास्ता धमना नरसिंहपुरश्याम यदुवंशी कचराम छिंदवाड़ाघिसिया खान हरसूद खंडवाडालचंद्र लिल्हारे भरवेली जागपुर बालाघाटपवन धरनावदा इंदौरजहू आदिवासी पारा चौकी झाबुआमनोहर सिंह केसली गांव देवास

मंदसौर गोलबारी में मारे गए…मृतक गांवघनश्याम धाकड़ बड़वनसत्यनारायण लोधअभिषेक पाटीदार बरखेड़ा पंथकन्हैयालाल चिल्लोद पिपलियापूनमचंद पाटीदार पिपल्या मंडीचैनराम पाटीदार नयखेड़ा  (मंदसौर जिले में एक किसान ने कुएं में कूदकर जान दे दी थी)

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