सेना प्रमुख की पाक को चेतावनी सर्जिकल स्ट्राइक के अलावा हमारे पास और भी तरीके हैं

0
6

नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात के दौरान भी पाक समर्थित आतंकवाद का मुद्दा उठाया। साथ ही पीएम मोदी ने कहा है कि जब भारत आतंकियों के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक करता है, तो दुनिया उस पर सवाल नहीं उठाती है। वहीं अब सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने भी पाक को चेतावनी देते हुए कहा है कि भारत के पास पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए सर्जिकल स्ट्राइक के अलावा और भी बहुत से तरीके हैं। एक साक्षात्कार के दौरान बिपिन रावत ने कहा कि पाकिस्तान सोच रहा है कि वह भारत से एक आसान लड़ाई लड़ रहा है जिससे उसे फायदा मिल रहा है। तो यह गलत है, हमारे पास सर्जिकल स्ट्राइक से अलग भी कई तरीके हैं।

रावत ने कहा कि हमारी सेना बर्बर नहीं है, हम एक अनुशासन वाली फौज हैं किसी का सर नहीं काटते। वहीं अमेरिका की ओर से हिज्बुल मुजाहिद्दीन के सरगना सैयद सलाहुद्दीन को आतंकी घोषित करने पर रावत ने कहा कि अभी हमें इस पर इंतजार करना होगा कि पाकिस्तान इसे किस तरह लेता है, क्योंकि जिस दिन उसे आतंकी घोषित किया उसी दिन पाकिस्तान ने विरोध कर दिया था। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी ऐसी ही पाबंदी हाफिज सईद पर भी लगाई गई थी। लेकिन हम जानते हैं इससे कोई फर्क नहीं पड़ा है। कश्मीर में लगातार हो रही हिंसा पर रावत ने कहा कि वहां के नेताओं से तभी बात संभव है , जब क्षेत्र में शांति बहाल होगी।

सेना अपना काम कर रही है, शांति स्थापित करना हमारा लक्ष्य है। उन्होंने कहा जब हमें लगेगा कि बातचीत से शांति हो सकती है, मैं खुद बात करने के लिए आगे आउंगा। वहीं युवाओं के लगातार पत्थरबाजी में शामिल होने पर बिपिन रावत ने कहा कि गलत सूचना देकर युवाओं को बहकाया जा रहा है, हम युवा नेताओं से बातचीत कर रहे हैं। मैं चाहूंगा कि लोग हिंसा का त्याग करें, क्योंकि हम बिल्कुल भी नहीं चाहते हैं कि निर्दोष लोग गोली लगने से घायल हो। वहीं मेजर गोगोई की कार्रवाई पर उन्होंने कहा कि उन्हें वहां पर चुनाव आयोग ने सहायता के लिए बुलाया था, मैं वहां नहीं था। लेकिन मैं अपने साथियों को हमेशा प्रेरित करता रहूंगा।

हाल ही में सिक्किम बॉर्डर से आए भारत और चीनी सैनिकों की लड़ाई की तस्वीरों पर बिपिन रावत ने कहा कि हमारे देश पर किसी ने कोई हमला नहीं किया है, मैं नहीं जानता कि वो विजुल्स कहां से आए हैं, पर मैं ये कह सकता हूं कि वह सिक्किम के नहीं थे। बता दें कि हाल ही में चीनी सैनिक भारतीय सीमा से अंदर प्रवेश किए थे और सैनिकों ने उन्हें रोकने के लिए मानव शृंखला बनाई थी।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here