सेतुबंधासन योग

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यदि आपका काम दिन भर बैठे रहना का है तो आपको पीठ और कमर में दर्द होना लाजमी है| इससे आपके नितम्बो और जांघो पर चर्बी भी जमने लगती है| इसलिए बहुत जरुरी है की आप सेतुबंधासन का अभ्यास करे| यह आपके रीढ़ के हड्डी को सीधा और लचीला बनाता है साथ ही साथ आपके कंधो को भी झुकने नहीं देता|

सेतुबंधासन को ब्रिज पोज़ के नाम से भी जाना जाता है| यह एक ऐसी योग मुद्रा है जो थायराइड, पीठ में दर्द, गर्दन दर्द, तंत्रिका तंत्र और कई और भी समस्याओं के उपचार में सहायक है|

सेतुबंधासन करते वक्त शरीर की मुद्रा सेतु अर्थात ब्रिज के समान दिखाई देती है इसलिए इसे सेतुबंधासन कहा जाता है| इस आसन को सुबह खाली पेट किया जाता है| आइये विस्तार से जानते है

सेतुबंधासन योग के फायदे जानिए

  • सेतुबंधासन पीठ के लिए बहुत फायदेमंद है, यह पीठ की मासपेशियों को मज़बूत बनाता हैं|
  • इसका नियमित अभ्यास पीठ की मासपेशियों को आराम देने में सहायक है|
  • इससे छाती व गर्दन में अच्छा खिंचाव उत्पन्न होता है, साथ ही यह थाइरोइड में भी फायदे पहुँचता है|
  • इससे पाचन क्रिया सुचारू होती है| यह फेफड़ों को भी खोलता है|
  • यह आपके तनाव को कम करने में मदद करता है और मन को चिंतामुक्त करता है|
  • इससे मासिक धर्म में होने वाले दर्द से निजात मिलती है|
  • उच्च रक्त चाप, साइनस तथा अस्थमा के मरीजो को इसे करने से लाभ मिलता है|
  • इस योग मुद्रा से गर्दन का तनाव दूर होता है|
  • इससे पैर मजबूत बनते है| जो लोगो के पैर बहुत दुखते है वो इसे जरूर करे|
  • यह आसन नितंबों को मजबूत बनाने में कारगर है।
  • यह दिमाग के लिए अच्छा है और अवसाद और चिंता को कम करने में मददगार है|
  • जिन लोगों को थोड़े बहुत सिरदर्द की समस्या है उन्हें इसे करके फायदा मिलता है|
  • इससे पेट पर जमी फालतू की चर्बी दूर होती है|
  • इसे गर्भावस्था में करने से और प्रसव के बाद करने से, महिलाओ में कमर दर्द जैसी समस्या नहीं होती है| लेकिन हां इसे गर्भावस्था के अंतिम चरणों में नहीं करना चाहिए|

इसे कैसे करे?

सेतुबंधासन योग करने के लिए सबसे पहले समतल जगह पर पीठ के बल लेट जाएँ| इसके बाद अपने दोनों घुटनो को मोड़ लें| आपको अपने घुटनो और पैरों को एक सीध में रखना है| अपने दोनों पैरों के बिच कम से कम 10 से 12 इंच की दुरी बनाये रखे|

अपने हाथों को शरीर के सामानांतर रख ले और हथेलियाँ ज़मीन पर रखे| इसके पश्चात साँस लेते हुए, धीरे से अपनी पीठ के निचले, मध्य और फिर सबसे ऊपरी हिस्से को ज़मीन से ऊपर की और उठाएँ; और अपने कन्धों को अंदर की ओर लें|

अपनी थोड़ी को अपनी छाती से लगाए, अपने वजन को हाथों व पैरों से सहारा दें| दोनों जंघा इस दौरान एक साथ रहेंगी| यदि आपको दिक्कत हो रही है तो हाथों को ज़मीन पर दबाते हुए शरीर के ऊपरी हिस्से को उठाने की कोशिश करे और अपनी कमर को अपने हाथों द्वारा सहारा दे| इस स्तिथि में 1-2 मिनट बने रहे और साँस छोड़ते हुए आसन से बहार आ जाएँ|

सेतुबंधासन हमारे शरीर के लिए बहुत लाभदायक है| लेकिन जब भी आप योग का अभ्यास करे किसी योग प्रशिक्षक के निर्देशानुसार ही सीखें और करें| साथ ही यदि आपको पेट में अल्सर की समस्या है तो इसे ना करे| इसके अतिरिक्त किसी भी तरह की शारीरिक दुविधा होने पर अपने चिकित्सक से पहले संपर्क करे फिर ही इस योग का अभ्यास करे| नो साल से छोटे बच्चे को भी इसे जरूर करना चाहिए|