सावधान! ‘गले के कैंसर’ की ओर इशारा करते हैं ये लक्षण

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कैंसर वो बीमारी है, जिसमें कोशिकाएं असामान्य रूप से बढ़ने लगती हैं। शरीर में फैलने लगती हैं। वैसे तो कैंसर कई प्रकार का होता है। इन्हीं में से एक ‘गले का कैंसर’ भी होता है। ‘गले का कैंसर’ वॉइस बॉक्स, वोकल कॉर्ड्स और गले के अन्य हिस्सों जैसे टॉन्सिल्स और Oropharynx आदि को प्रभावित करता है।

‘गले के कैंसर’ से अन्य तरह के कैंसर की तुलना में कम लोग ग्रसित होते हैं। कुल जनसंख्या के तकरीबन 1% लोग ही गले के कैंसर की चपेट में आते हैं। गले के कैंसर को मुख्य रूप से दो कैटेगरीज में बांटा गया है, जिनमें Pharyngeal cancer और Laryngeal कैंसर का नाम शामिल हैं।

गले के कैंसर के जितने भी प्रकार होते हैं, वो इन्हीं दो कैटेगरी के अंतर्गत आते हैं। महिलाओं की तुलना में पुरुषों में गले का कैंसर होने की अधिक आशंका होती है। स्मोकिंग, शराब का सेवन, विटामिन ए की कमी और डेंटल हाइजीन खराब होना जैसी बातें गले के कैंसर का कारण बनती हैं।

वैसे गले के कैंसर को शुरुआती स्टेज में पहचान पाना मुश्किल है। आमतौर पर गले के कैंसर में निम्नलिखित लक्षण दिखाई देते हैं। आज हम आपसे उन्हीं के बारे में बात करेंगे।

आवाज में बदलाव आवाज बदल जाना कोई बड़ी बात नहीं है। अक्सर ही गला सूख जाने पर या सर्दी हो जाने में आवाज बदल ही जाती है। लेकिन आवाज का लंबे समय तक बदले रहना गले के कैंसर का भी सूचक है।

वजन घटना वजन घटना और बढ़ना भी आम बात है। अक्सर बीमार पड़ने के बाद या डाइट चेंज होने पर वजन कम हो जाता है। मगर यदि वजन बिना किसी कारण के लगातार घट रहा है तो इसकी वजह कैंसर भी हो सकती है।

निगलने में दिक्कत होना  जब किसी ठोस या तरल पदार्थ को निगलने में समस्या आती है तो इस स्थिति को ‘dysphagia’ कहते हैं। एसिड रिफ्लक्स, सीने में जलन आदि कई समस्याएं हैं, जिसकी वजह से निगलने में दिक्कत होती है। साथ ही ऐसा गले का कैंसर होने पर भी होता है।

गले में खराबी गले में खुजली, इरिटेशन और दर्द होना आदि गला खराब होने (सोर थ्रोट) के अंतर्गत आता है। इसके कई कारण हो सकते हैं, जिनमें एक ‘गले का कैंसर’ भी है।

कफ बने रहना बदलते मौसम के साथ कफ का हो जाना आम बात है। यदि यह कफ कई दिनों तक बना हुआ है और उसमें खून भी आ रहा है तो यह सावधान होने की चेतावनी है।

गले में सूजन  लिम्फ नोड्स वो ग्रंथियां होती है जो लिम्फ (एक तरह का फ्लूड) को फिल्टर करती है। कुछ इन्फेक्शन्स की वजह से लिम्फ नोड्स में सूजन आ जाती है। लिम्फ नोड्स में सूजन कैंसर की वजह से भी आती है।

सांस लेने में दिक्कत गले के कैंसर का एक लक्षण सांस लेने में तकलीफ लेना भी है। इसके अलावा सांस लेते वक्त सीटी की आवाज आना  भी इस कैंसर का लक्षण है।

कान में दर्द  सर्दी होने पर अक्सर ही कान में खुजली की समस्या हो जाती है या अधिक मेल जम जाने पर कान दर्द करते हैं। लेकिन कान का दर्द लंबे समय तक बना रहे या सिरदर्द की समस्या भी तो यह गले का कैंसर भी हो सकता है।

इन अंगों में सूजन  गले का कैंसर सिर्फ गले के हिस्सों को ही प्रभावित नहीं करता है। बल्कि गले के साथ ही आँख, गर्दन, और जबड़े में सूजन आना भी गले के कैंसर के लक्षण हैं।

गले में खराश  अक्सर ही गले में खराश हो जाना या गले को साफ करने की जरूरत पड़ जाना तो आपको याद ही होगा। आमतौर पर यह समस्या कुछ ही देर के लिए होती है। मगर यह लंबे समय तक बने रहे तो इस पर ध्यान दिया जाना चाहिए।