साइटिका पेन का सबसे अच्छा घरेलु इलाज, जरूर अपनाएँ और शेयर करे

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सबसे आम समस्या जो लोगो में डॉक्टर्स को देखने को मिलती है वो है सियाटिका .साइटिका नाडी, जिसका उपरी सिरा लगभग 1 इंच मोटा होता है, प्रत्येक नितंब के नीचे से शुरू होकर टाँग के पिछले भाग से गुजरती हुई पाँव की एडी पेर ख़त्म होती है| इस नाडी का नाम इंग्लीश में साइटिका नर्व है| इसी नाडी में जब सूजन ओर दर्द के कारण पीड़ा होती है तो इसे वात शूल अथवा साइटिका का दर्द कहते है| इस रोग का आरंभ अचानक ओर तेज दर्द के साथ होता है| 30 से 40 साल की उम्र के लोगो में ये समस्या आम होती है |साइटिका का दर्द एक समय मे सिर्फ़ एक ही टाँग मे होता है| सर्दियों के दिनो में ये दर्द और भी बढ़ जाता है |रोगी को चलने मे कठिनाई होती है| रोगी जब सोता या बैठता है तो टाँग की पूरी नस खींच जाती है ओर बहुत तकलीफ़ होती है|

इसके कई कारण हो सकते है :

  • जैसे सर्दी लगने(कोल्ड स्ट्रोक),
  • अधिक चलने से,
  • मलावरोध (शोच न होना),
  • स्त्रियॉं में गर्भ की अवस्था,
  • या गर्भाशय का अर्बुद (Tumour),
  • तथा मेरुदंड (spine) की विकृतियाँ, आदि से, किसी तंत्रिका या तंत्रिका मूलों (नर्व रूट) पर पड़ने वाले दबाव से उत्पन्न होता है। कभी-कभी यह नसों की सूजन (तंत्रिकाशोथ Neuritis) से भी होता है।

 सियाटिका का इलाज : 

 सामग्री :

  • 4 लहसुन की कलियाँ
  • 200 ml दूध

तैयार करने की विधि :
लहसुन को काट कर दूध में डाल दें | दूध को कुछ मिनट तक उबालें | उबालने के बाद इसे मीठा करने के लिए थोडा शहद मिला लें | इस दूध का रोजाना सेवन करें जब तक दर्द खत्म न हो जाये |