सरकारी योजनाओं के लाभ लिए अक्टूबर से जरूरी होगा आधार नंबर

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नई दिल्ली (ईएमएस)। उच्चतम न्यायालय ने लोक कल्याण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए आधार को अनिवार्य बनाने वाली सरकारी अधिसूचना पर अंतरिम आदेश पारित करने से इंकार कर दिया। हालांकि अदालत ने कहा है कि ऐसे लोग जिनके पास अभी आधार कार्ड नहीं है, उन्हें सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं किया जा सकता है। शीर्ष अदालत ने अपने 9 जून के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि इस मामले में इससे अधिक अवलोकन की आवश्यकता नहीं है। सर्वोच्च न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख 7 जुलाई निर्धारित की है। वहीं, केंद्र सरकार ने उच्चतम न्यायालय को बताया कि जिन लोगों के पास अभी आधार संख्या नहीं हैं, उन्हें 30 सितंबर तक सामाजिक कल्याण योजनाओं का लाभ लेने की छूट दी जा रही है। इससे पहले सरकार ने 30 जून की समय सीमा निर्धारित की थी। इसके मुताबिक, 30 जून के बाद सामाजिक कल्याण योजनाओं का लाभ उठाने के लिए आधार अनिवार्य किया जाना था। लेकिन अब इसकी समय सीमा तीन महीने और बढ़ा दी गई है। यानी सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए अब लोगों को आधार कार्ड बनाने के लिए और तीन महीने का समय मिल गया है।

उच्चतम न्यायालय के वरि… लॉयर श्याम दीवान ने याचिकाकर्ताओं से बहस के दौरान कहा कि उच्चतम न्यायालय ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि आधार कार्ड नहीं होने की स्थिति में किसी को भी सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रखा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक संवैधानिक पीठ इस मुद्दे पर कोई अंतिम फैसला नहीं करती है तब तक आधार योजना को आवश्यक नहीं किया जा सकता है। महीने के शुरुआत में उच्चतम न्यायालय ने आईटीआर फाइल करने के लिए आधार कार्ड के पैन कार्ड से लिंक करने के केंद्र सरकार के आदेश को कोर्ट ने स्थिर रखा था। जिसके बाद आयकर विभाग ने इस मामल में लोगों को अपना आधार पैन से लिंक करने के लिए उत्साहित किया था।

आयकर अधिनियम की धारा 139एए के लागू करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मद्देनजर केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने स्पष्ट किया है कि 1 जुलाई से आधार प्राप्त करने के पात्र प्रत्येक व्यक्ति को आयकर रिटर्न दाखिल करने के लिए अपने आधार का नाम या उनके आधार नामांकन आईडी की संख्या साथ ही उनके स्थायी खाता संख्या (पैन) के लिए आवेदन भी देना पड़ेगा। हालांकि, उपरोक्त बिंदु की गैर-अनुपालन के लिए, अदालत ने केवल आंशिक राहत दी है। एक ऐतिहासिक फैसले में, सर्वोच्च न्यायालय ने आयकर अधिनियम की धारा 139एए को संवैधानिक रूप से मान्य कर दिया, जिसके लिए आधार संख्या में पैन के लिए आवेदन करने और आयकर रिटर्न दाखिल करने की आवश्यकता थी। सरकार की ओर से लिए गए ताजा निर्णय के मुताबिक अब आधार नंबर नया बैंक खाता खुलवाने के लिए भी जरूरी कर दिया गया है। साथ ही 50,000 रुपए से ज्यादा के लेन देन के लिए भी अब आधार कार्ड अनिवार्य होगा। बता दें कि सरकार ने इस साल से आयकर रिटर्न फाइल करने के लिए भी आधार कार्ड को जरूरी कर दिया है।

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