शशकासन योग जानिए इसकी विधि, लाभ और सावधानिया

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आजकल लोगो में योग के प्रति जागरूकता बढ़ रही है| योग से मिलने वाले फायदों को देखते हुए अघिकतर लोग अपने जीवन में इसे अपना रहे है| योग आपको शारीरिक और मानसिक दोनों तरीको से स्वस्थ रखने में मदद करता है|

यह आपकी कई समस्याओ को दूर करता है| जैसे यदि आपको पीठ या गर्दन में दर्द रहता है तो आप इसे योग द्वारा दूर कर सकते है| शशकासन योग इस समस्या के लिए एक अच्छा आसान है|

यह आसन और भी कई प्रकार से शरीर के लिए लाभकारी है। अंग्रेजी में इसे Hare Pose Yoga के नाम से जाना जाता है। इस आसन को करने से अस्थमा, ह्रदय रोग और मधुमेह जैसे रोग में सहायता मिलती है।

यह आसन पीठ दर्द और गर्दन के दर्द के लिए बहुत ही उपयोगी होता है। यह आसन उन महिलाओं के लिए उपयोगी होता है जिनका वस्तिप्रदेश अविकासित होता है। आइये जानते है शशकासन योग कैसे करते है|

शशकासन योग की विधि

शशांक का अर्थ होता है खरगोश। इस आसन को करते समय शरीर का आकर खरगोश जैसा होता है। इसलिए इसे शशकासन कहते है।

  • सबसे पहले आप एक आसन पर बैठ जाएँ और फिर वज्रासन की स्थिति में आये|
  • अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधी रखें और दोनों घुटनों को दूर-दूर तक फैलाएं।
  • दोनों बांहो को सिर के ऊपर उठाएं। बांहों को कंधे की चौड़ाई जितनी दूरी पर रख सकते है रखे।
  • सांस छोड़ते हुए और बांहें सीधी रखते हुए कमर से आगे की ओर झुकें।
  • ध्यान रहे की आपकी ठोड़ी और बांहें जमीन पर टिकी होनी चाहिए।
  • अपनी क्षमता अनुसार इस स्थिति में जितना हो सके उतनी देर रुकेI
  • इसके बाद सांस लेते हुए धीरे धीरे आरंभिक अवस्था में आ जाएं।
  • यह एक चक्र हुआ। इस तरह से आप 3 से 5 चक्र कर सकते हैं।

शशकासन योग के फायदे:

  • शशकासन के नियमित अभ्यास से आप तनाव एवं चिंता को दूर कर सकते है।
  • इसे नियमित रूप से करने से शरीर लचीला और मजबूत बनता है।
  • शशकासन को करने से पाचन तंत्र मजबूत होता है साथ ही कब्ज की समस्या भी दूर होती है।
  • यह आसन पेट में जमी चर्बी को कम करता है जिससे मोटापे को कम करने में मदद मिलती है।
  • इसका अभ्यास क्रोध, भय, शोक आदि को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
  • यह आसन यकृत और गुर्दों की सक्रियता में वृद्धि करता है और इन्हें स्वस्थ रखता है।
  • गुस्से को कम करने के लिए भी यह आसन बहुत ही फायदेमंद होता है।

शशकासन योग की सावधानी

  • हाई ब्लड प्रेशर संबंधी समस्या होने पर शशकासन का अभ्यास न करें।
  • हर्निया वाले भी इस आसान को करने से परहेज करें।
  • पीठ के गंभीर दर्द या चोट वाले लोगो को यह आसन नहीं करना चाहिए।
  • यह योग पेट और सिर की समस्या होने पर भी नहीं करना चाहिए।