विटामिन डी के चमत्कारी लाभ

0
116

स्वस्थ और निरोग रहना कौन नहीं चाहता है, जिसमें महिलाएं तो अपनी उम्र से हमेशा ही कम ही दिखने की चाहा रखती है। उम्र चाहे उनकी 30 की हो लेकिन दिखना 21 की चहाती हैं। तो इसके लिए उन्हें सभी आवश्यक विटामिनस का समुचित मात्रा में सेवन करना चाहिए। ताकि आप पूर्ण तौर पर स्वस्थ रहें।
विटामिन डीकैल्शियम हड्डियों को मजबूत बनाता है। यह शरीर में होने वाली टूट-फूट में मरम्मत करता है, यदि आप पर्याप्त मात्रा में विटामिन डी का सेवन करती हैं। तो हड्डियों से जुडी बीमारियों से बची रह सकती हैं। विटामिन हमारे शरीर न सिर्फ मांसपेशियों को मजबूत बनाता है, बल्कि शरीर में आस्टियोकैल्किन नामक प्रोटीन के निर्माण में भी मदद करता है, जो बोन मांस को बढाता है। जिससे फ्रेक्वर के खतरे कम हो जाते हैं।

विटामिन डी की कमी का प्रभाव विटामिन डी की कमी से कैल्शियम तथा फास्फोरस आँतों में शोषित नहीं हो पाते हैं,परिणामस्वरूप अस्थियों तथा दाँतों पर कैल्शियम नहीं जम पाता है। जिसके फलस्वरूप वे कमजोर हो जाते हैं। दुर्बल हड्डियाँ शरीर का भार नहीं सह पातीं और उनमें अनेक प्रकार सकी विकृतियाँ उत्पन्न हो जाती हैं। इसकी कमी से चार प्रकार के रोग होते हैं।
रिकेट्स, पेशीय मरोड, अस्थि विकृति या आस्टोमलेशिया हैं।
महिलाओं में विटामिन डी की कमी अनेक प्रभाव उत्पन्न करती है शोधकर्ताओं ने अपने शोध में कहा है कि इसकी कमी से फेफडों की बनावट और कामकाज में अंतर आ जाता है। तथा इनकी कार्य करने की क्षमता मे कमी आती है, साथ ही फेफडें सिकुड भी जाते हैं। और इस वजह से वायु को बहुत ज्यादा प्रतिरोध का सामना करना पडता है।

विटामिन डी आंखों के लिए लाभदायक है। एक रिसर्च के अनुसार इसके सेवन से पास की चीजों को देखाने में होने वाली दिक्कत में सुधार होता है।

गर्भवती महिलाओं को तरह-तरह की समस्याओं से होती है। गर्भवस्था में मल्टीपल सिरोसिस का खतरा बढ जाता है, जिसका कारण विटामिन डी की कमी होना है।

विटामिन डी की कमी से हड्डियों की सतह कमजोर पड जाती है। जिससे हड्डियों से जुडी कई समस्याओं का जन्म होता है।

शरीर के भार का केंद्र कमर होती है। रीढ की हड्डी पूरी तरह कमर पर टिकी होती है। यदि विटामिन डी की कमी हो, तो रीढ के लिए शरीर का भार ढोपाना एक चुनौती बन जाती है।

विटामिन डी की मात्रा और शरीर में मोटापे के सूचक बॉडी मास इंडेक्स, कमर का आकार और स्कीन फोल्ड रेशीओं में गहरा संबंध है। जिन महिलाओं में विटामिन डी की कमी थी, उनमें विटामिन डी की मात्रा अधिक होने वालियों की अपेक्षाकृत मोटापा तेजी से बढता है।

महत्त्वपूर्ण सुचना: यहाँ दी गई जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हरसम्भव प्रयास किया गया है। यहाँ उपलब्ध सभी लेख पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए है और इसकीनैतिक जि़म्मेदारी www.braahmi.com  की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपनेचिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। आपका चिकित्सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्प नहीं है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here