योग और नेचुरोपैथी – बेहतर स्वास्थ्य पाने का प्राकृतिक तरीका

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आज के समय में औद्योगीकरण का विकास और टेक्नोलॉजी ने मानव जीवन के सामने ऐसी स्थितिया पैदा करदी है जिसके चलते लोगो ने अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देना बिलकुल छोड़ दिया है| यदि हम स्वास्थ्य की बात करे तो अच्छा स्वास्थ्य पाना कोई एक दिन का खेल नही है, इसके लिए आपका सालो का प्रयास, आत्म नियंत्रण और इच्छा शक्ति चाहिए होती है|

स्वस्थ शरीर का बहुत अधिक महत्व है| यह खुशी का एक स्त्रोत है जो हमें अपने प्रियजनों के साथ मिलनसार बातचीत का माहौल बनाने में मदद करता है। एक अच्छा स्वास्थ्य मनुष्य को प्रकृति द्वारा दिया गया सबसे अच्छा उपहार है| लेकिन आज के वक्त में व्यक्ति अपनी यांत्रिक जीवन शैली में इतना अधिक व्यस्त होता जा रहा है की उसने खुद को प्रकृति से बिलकुल विमुख कर दिया है|

एक अच्छे स्वास्थ्य से धनि होने के लिए व्यक्ति प्रकृति द्वारा दिए गए रिसोर्सेज को इस्तेमाल करने के बजाय उल्टा उससे दूर जा रहा है| अच्छे स्वास्थ्य से उन्मुख होने के कारण आज कम उम्र के लोगो में ही मोटापा व अन्य बीमारिया देखने को मिल रही है| इस निराशाजनक स्थिति में यदि फिर भी कोई उम्मीद की किरण है तो वो है प्राकृतिक चिकित्सा और योग| इसलिए आज के लेख में हम बात करेंगे योग और नेचुरोपैथी के बारे में|

योग और नेचुरोपैथी कई रोगों की प्राकृतिक चिकित्सा

योग और नेचुरोपैथी एक अच्छा स्वास्थ्य प्राप्त करने में मदद करते है साथ ही जीवन की गुणवत्ता भी बढाते है| कई सारी बीमारिया जो की आधुनिक युग ने दी है जैसे की स्ट्रोक, कैंसर, मधुमेह, गठिया आदि नियंत्रित होती है और अन्य रोंग भी नहीं होते है|

नेचुरोपैथी एक प्राकृतिक चिकित्सा प्रणाली है जिसमे दवाओ का उपयोग किये बिना रोगों को ठीक किया जाता है| यह एक प्राचीन और पारंपरिक विज्ञान है जो हमारे शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक पहलुओं को एकीकृत करता है। नेचुरोपैथी में कई रोगों को रोकने की क्षमता है और जो रोंग हो चुके है उसका इलाज आप कर सकते है|

Naturopathy Treatment का मुख्य उद्देश्य लोगो को अपनी दिनचर्या बदलकर स्वस्थ रहने की कला सिखाना है| इससे ना केवल आपके रोंग ठीक होते है बल्कि आपका शरीर भी मजबूत बनता है और आपके चेहरे पर चमक आती है|

नेचुरोपैथी में क्या तकनीक शामिल होती है?

इसका चार भागो में वर्गीकरण किया गया है:

  • भोजन
  • मिट्टी
  • पानी
  • और मालिश थेरेपी

खाद्य थेरेपी: खाद्य थेरेपी की बात की जाये तो हम इसमें कोशिश करते है की जितना संभव हो किसी भी आहार को उसके प्राकृतिक रूप में ही खाया जाये| प्राकृतिक रूप में सेवन करने पर कई खाद्य पदार्थ अपने आप में एक दवा है| आपको इसमें मुख्य रूप से लेना है ताजे फल, ताजा हरी पत्तेदार सब्जियां और अंकुरित अनाज|

आहार को लेना ही काफी नहीं है आपको इस बात पर गौर करना होगा की किस चीज़ को कितने अनुपात में लेना है| साथ ही आपको अपने पेट का कुछ हिस्सा खाली भी छोड़ना जरुरी है|

मिट्टी थेरेपी: शरीर से मादक द्रव्यों निकालने के लिए, मिट्टी का स्नान और मिट्टी का लैप दोनों का इस्तेमाल किया जाता है| यह विशेष रूप से उच्च रक्तचाप, तनाव, सिर दर्द, चिंता, कब्ज, गैस्ट्रिक और त्वचा विकार आदि बीमारियों के लिए किया जाता है| Mud Therapy in Naturopathy बहुत ही प्रभावी है|

जल चिकित्सा: नेचुरोपैथी में जल चिकित्सा भी अपनाई जाती है जिसमे स्वच्छ, ताजे और ठंडे पानी का उपयोग किया जाता है| इस उपचार के बाद, शरीर ताजा और सक्रिय महसूस करता है। इस चिकित्सा के अलग अलग बीमारियों के लिए अलग अलग परिणाम है|

  • हिप बाथ आपके जिगर, बड़ी आंत, पेट, और गुर्दे की दक्षता में सुधार करता है|
  • फुल स्टीम बाथ आपकी त्वचा के पोर्स को खोलता है और मादक द्रव्यों को बाहर निकालता है|
  • एक हॉट फूट बाथ आपको अस्थमा, घुटने के दर्द, सिर दर्द, अनिद्रा, और मासिक धर्म जैसी अनियमितताओं के साथ मदद करता है|
  • इसके अलावा पुरे शरीर की पानी से मालिश की जाती है जिससे विषाक्त पदार्थो को शरीर से दूर किया जाता है|
  • नेचुरोपैथी कई बीमारियों को दूर करने और रोगों से राहत दिलाने में मदद करती है| जो भी व्यक्ति रिलैक्स होना चाहते है वो इसका इस्तेमाल कर सकते है| इस बात में कोई संदेह नहीं है की यह अपने आप में चिकित्सीय पद्धति है|

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