योगा के ये 5 आसन आपको दिला सकते हैं सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस से छुटकारा

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सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस की परेशानी से बड़ी तादाद में लोग जूझते हैं यह कहना शायद गलत नहीं होगा। जिन लोगों को दफ्तर में लंबे समय तक बैठकर काम करना होता है उन्हें इस समस्या से खासा जूझना पड़ता है। एक अनहेल्थी लाइफस्टाइल और खराब वर्क कल्चर की वजह से कई लोग इस समस्या का सामना कर रहे हैं। ऐसे में आप योगा से अपनी इस समस्या का समाधान पूरा कर सकते हैं। आइए जानते हैं योगा के कुछ आसनों के बारे में जिनसे आप सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस की परेशानी से छुटकारा पा सकते हैं।

सूर्य नमस्कार- सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस, गर्दन का दर्द या फिर कंधों में दर्द की समस्या को आप सूर्य नमस्कार से दूर कर सकते हैं। सूर्य नमस्कार करते समय हमारा शरीर कई मुद्राओं में मूवमेंट करता है जिससे शरीर को फ्लेक्सिबिलिटी मिलती है जो गर्दन और रीढ़ को स्वस्थ रखने के लिए लाभदायक है। इसे करने से आपकी कमर, गर्दन और कंधों का दर्द दूर होगा।

भुजंगासन- रीढ़ की हड्डी को स्वस्थ रखने के लिए यह आसन एक कारगर उपाय है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक शरीर की रीढ़ का लचीला होना बेहद जरूरी है। ऐसा नहीं होने पर कमर में दर्द बढ़ने का खतरा बना रहता है। यह आसन रीढ़, गर्दन और कंधों की अकड़न को कम करने में मदद करता है जिससे सर्वाइकल की बीमारी से निजात पाई जा सकती है।

मकरासन– सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस के ट्रीटमेंट के लिए यह भी एक बेहतरीन आसन है। इससे हमारी रीढ़ की हड्डी अपने कुदरती आकार में बनी रहती है और यह रीढ़ की नसों के लिए भी काफी फायदेमंद एक्सरसाइस है जिससे गर्दन और कंधों का दर्द दूर होता है।

मार्जरासन– यह आसन आपकी रीढ़ की हड्डी को फ्लेक्सिबल रखने के साथ-साथ उसे एक तरह का मसाज भी देता है। यह गर्दन, कमर और रीढ़ को स्वस्थ रखने का एक बेहद उपयोगी आसन हैं।

अर्ध नौकासन- गर्दन, कमर और कंधों का दर्द दूर करने के अलावा यह आसन आपको कई और तरीकों से लाभ देता है। यह आसन खराब पाचन शक्ति, कॉन्सटिपेशन को भी दूर करने में मदद करता है।

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