योगासन जिनसे बढ़ती उम्र में भी जवान रहा जा सकता है

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बढ़ती उम्र के साथ आपको कमर दर्द, थकान जैसी कई समस्याएं होने लगती हैं और कुछ लक्षण भी दिखने लगते हैं, जिसकी वजह से आपकी उम्र ज्यादा लगने लगती है। बढ़ती उम्र के लक्षणों को खत्म कर आपको स्वस्थ रखने के लिए कुछ योगासन हैं।

उम्र बढ़ने के साथ-साथ कई तरह की परेशानियां भी बढ़ जाती है जैसे कमर दर्द, आंखों के नीचे काले घेरे, भूलने की आदत या थकान उम्र बढ़ने के कुछ लक्षण है। इन सभी के कारण आप 40 की उम्र में भी 60 की तरह महसूस करने लगते हैं। योगासन कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं में राहत देने के लिए कारगर है और इसके नियमित अभ्यास से आप खुद को बेहतर सेहत दे सकते हैं। इतना ही नहीं बल्कि अगर आप सप्ताह में तीन से चार बार योग अभ्यास करते हैं तो आप उम्र बढ़ने के इन लक्षणों से राहत पा सकते हैं और अपनी उम्र से जवां महसूस करते हैं। अपनी उम्र से कम और जवां महसूस करने के लिए कौन से योगासन करें आइए जानते हैं।

वृक्षासन:
उम्र बढ़ने के साथ साथ संतुलन बनाना बेहद जरुरी होता है। वृक्षासन आपके शरीर को संतुलन बनाने के लिए सक्षम बनाता है। इसे करने के लिए अपने पैरों को मिलाकर खड़े हो जाएं और अपने दोनों हाथों को जोड़कर सीने के पास लाएं। अब अपने उल्टे पैर पर शरीर का सारा भार लेकर सीधे पैर को उल्टे पैर की पिंडलियों पर रखें। इस अवस्था में थोड़ी देर तक रुकें और सांस ले व छोड़ते रहें। थोड़ी देर के बाद दूसरी तरफ से करें।

अर्धमत्स्येन्द्रासन:
अर्धमत्स्येन्द्रासन करने से आपके शरीर में फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ती है साथ ही यह आसन स्पाइन और कूल्हे में तनाव को दूर करता है। अपने सीधे पैर को अपने उल्टे पैर के नीचे और कूल्हे के पास रखें। अब सीधे पैर को अपने उल्टे पैर के घुटने के पास लाकर रखें। इस दौरान कमर को सीधे रखें और अपने उल्टे हाथ को अपने पीछे कूल्हे के पास जमीन पर रखें। इस दौरान सांस लेते रहें। दूसरे हाथ को अपने चेहरे के सामने सीधा रखें।

बालासन
बालासन आपके कमर, सीने और बाजुओं को स्ट्रेच करने में मदद करता है। साथ ही इन्हें मजबूत करता है। बालासन करने के लिए अपने घुटनों को मोड़कर जमीन पर बैठ जाएं। अपने कूल्हों को पैरों पर टिकाएं। अब अपने सिर को नीचे की ओर झुकाते हुए जमीन पर रख दें और सीने को अपनी जांघों पर रखें। अपने दोनों हाथों को अपने सिर के सामने सीधा करके रखें। इस अवस्था में थोड़ी देर के लिए रुकें।

विपरीता करनी आसन:
विपरीत करनी आसन से रक्त संचार में सुधार आता है और थके पैरों और टांगों को आराम मिलता है। इस आसन को आपको दीवार के सहारे करना है। अपने घर की किसी भी दीवार के सहारे जमीन पर लेट जाएं। अपने कूल्हों को दीवार से मिलाएं और अपने दोनों पैरों को ऊपर उठाते हुए दीवार पर रख दें। अब धीरे-धीरे अपने पैरों को दीवार पर ऊपर की ओर बढ़ाएं और अपने कूल्हों को उठाएं। अब अपने दोनों हाथों को कूल्हों पर रखें। इस दौरान धीरे-धीरे सांस लेते रहें और छोड़ते रहें।

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