योगासनों के बाद प्राणायाम करना है जरूरी

0
77

योगासनों के बाद प्राणायाम का अभ्यास करना चाहिए। यहां ऐसे 3 प्राणायाम दिए जा रहे हैं, जिनका रोजाना अभ्यास करना चाहिए। हालांकि कपालभाति प्राणायाम नहीं है लेकिन इसे इसी श्रेणी में रखकर अभ्यास कर सकते हैं।

1.कपालभाति क्रिया
सुखासन में बैठ जाएं और आंखें बंद कर लें। दोनों नासिकाओं से गहरी सांस भीतर लें। सीना फूलेगा। अब सांस को जोर लगाकर बाहर निकाल दें। इस तरह से 20 सांसें बिना रुके लेनी और निकालनी है। जोर सांस फेंकने पर देना है। सांस भीतर अपने आप बिना जोर लगाए आने दें। यह कपालभाति का एक राउंड हुआ। हर राउंड के बाद कुछ लंबी गहरी सांस लें और छोड़ें और उसके बाद दूसरे राउंड पर जाएं। ऐसे 3 राउंड कर सकते हैं।

फायदा: सर्दी, जुकाम, अस्थमा, कफ, ब्रोंकाइटिस में फायदेमंद है।
सावधानियां: वर्टिगो, हाई बीपी, मिर्गी, माइग्रेन, हर्निया, गैस्ट्रिक अल्सर और हार्ट के मरीज न करें।

2. अनुलोम-विलोम (नाड़ी शोधन प्राणायाम)
सुखासन में बैठकर आंखें बंद कर लें। सिर और रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें। बाएं हाथ की हथेली को ज्ञान मुद्रा में बाएं घुटने पर रख लें। दाएं हाथ की अनामिका और सबसे छोटी उंगली को मिलाकर बाईं नासिका पर रखें और अंगूठे को दाईं नासिका पर लगा लें। तर्जनी और मध्यमा को मिलाकर मोड़ लें। अब बाईं नासिका से सांस भरें और उसे अनामिका और सबसे छोटी उंगली को मिलाकर बंद कर लें। फौरन ही दाईं नासिका से अंगूठे को हटाकर सांस बाहर निकाल दें। अब दाईं नासिका से सांस भरें और अंगूठे से उसे बंद कर दें। अब सांस को बाईं नासिका से बाहर निकाल दें। यह एक राउंड हुआ। ऐसे 5 राउंड करें।

फायदे: तनाव और बेचैनी को कम करता है और एकाग्रता बढ़ाता है। कफ से संबंधित गड़बड़ियों को दूर करता है। ब्लड सर्कुलेशन, दिल और फेफड़ों को ठीक रखता है।
सावधानियां: इसे सभी लोग कर सकते हैं, लेकिन जबरन सांस रोकने की कोशिश न करें।

3. भ्रामरी प्राणायाम
सुखासन में बैठ जाएं और आंखें बंद कर लें। दोनों हाथों को चेहरे पर लाएं। दोनों अंगूठे दोनों कानों में जाएंगे, तर्जनी उंगली आंखों के ऊपर रखें, मध्यमा उंगली नाक के पास, अनामिका होंठ के ऊपर और सबसे छोटी उंगली होंठ के नीचे रहेगी। अब नाक से गहरी और लंबी सांस लें। अब भंवरे की गुंजन की आवाज के साथ सांस को बाहर निकालें। यह 1 राउंड हुआ। इस तरीके से 5 राउंड कर लें। बाद में बढ़ा भी सकते हैं।
फायदे: गुस्सा और बेचैनी को कम करता है और तनाव से छुटकारा दिलाता है।
कौन न करें: जिन लोगों को नाक या कान का इंफेक्शन है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here