ये है मेडिटेशन करने के सीक्रेट्स, आप भी करें फोलो

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आज लगभग हर कोई तनाव से बचने के लिए खुशियों के पीछे भाग रहा है। जी हां, आज की तनाव भरी जिंदगी के चलते लगभग हर व्‍यक्ति तनाव से ग्रस्‍त हैं और तनाव से बचने के उपायों की खोज कर रहा है। अगर आप भी तनाव से मन को शांत रखना चाहते हैं तो परेशान न हो क्‍योंकि ध्‍यान मानसिक शांति पाने का सबसे अच्‍छा तरीका है। ध्‍यान से तनाव मुक्ति, खुशी का अनुभव और मन को शांति मिलती है। ध्यान हमारे मन से अनावश्यक विचारों को निकालकर शुद्ध और आवश्यक विचारों को मस्तिष्क में जगह देता है। लेकिन ध्‍यान करने के साथ सबसे बड़ी समस्‍या यह आती है कि लोगों को ध्‍यान केन्द्रित का सही तरीका नहीं आता।

अपनी आंखों को मूंद कर शांत बैठना किसी को भी कठिन लग सकता है। यह समस्‍या आपको ही नहीं है बल्कि ध्‍यान की शुरुआत करने वाले लगभग हर व्‍यक्ति के सामने ऐसी कठिनाई आती है। लेकिन आप परेशान न हो क्‍योंकि एकदम से तो नहीं लेकिन धीरे-धीरे ध्यान करना आ ही जाता है। आइए हम मेडिटेशन यानी ध्‍यान केन्द्रित करने के आसान तरीके के बारे में बताते हैं।

मस्तिष्‍क की गति को समझना: ध्‍यान करने के लिए मन और मस्तिष्‍क की गति को समझना बहुत जरूरी होता है। गति यानि हम क्यों ख्यालों में खो जाते हैं, क्‍यों ‍विचार करते रहते हैं या कल्पना आदि में खो जाते हैं। इसे रोकने के लिए आंखें बंद करके पुतलियों को स्थिर करना, जीभ को जरा भी ना हिलाएं पूर्णत: स्थिर रखना या जब भी किसी प्रकार का विचार आए उसे तुरंत सोचना बंद करके सजग हो जाना बहुत जरूरी है। लेकिन ध्‍यान रहें इसके लिए आपको जबरदस्‍ती नहीं, सहज योग अपनाना है।

निराकार ध्यान: जप करने पर लोगों की शिकायत होती है कि मन भागता रहता है। मन न भागे, इसीलिए हम जप के साथ-साथ में दो ध्यान भी बताते रहते हैं। अकसर हम एक साकार ध्यान बताते रहते हैं और दूसरा निराकार ध्यान। ध्यान करते समय देखने को ही लक्ष्य बनाएं और दूसरे नंबर पर सुनने को रखें। ध्यान दें, कि बाहर जो ढेर सारी आवाजें हैं उनमें एक आवाज ऐसी है जो सतत जारी रहती है- जैसे ॐ का उच्‍चारण कर रहा है तो इसी तरह की आवाज को शरीर के भीतर भी जारी करें। सुनने के बाद बंद आंखों के सामने छाए अंधेरे को देखने का प्रयास करें। इसे कहते हैं निराकार ध्यान।

कल्‍पना ध्‍यान करें: कल्पना ध्‍यान इसलिए किया जाता है ताकि शुरुआत में ध्‍यान के दौरान हमारा मन इधर-उधर भटके नहीं। इसे करने के लिए आप प्रकृति और हरे-भरे वृक्षों की कल्पना कर सकते हैं या आप यह भी कल्पना कर सकते हैं कि आपका ईष्टदेव आपके सामने खड़ा हैं। इससे आपका ध्‍यान इधर-उधर नहीं भटकेगा।

इन सब बातों को ध्‍यान में रखते हुए मेडिटेशन करने के लिए सबसे पहले किसी भी सुखासन में आंखे बंद करके शांत बैठ जाये। अब बारी-बारी से अपने शरीर के पैर से लेकर अंगूठे तक का अवलोकन करे। इस दौरान महसूस करते जाये की आप जिस-जिस अंग का अवलोकन कर रहे है। वह अंग धीरे धीरे स्वस्थ और सुन्दर होता जा रहा है। इसी तरह शरीर और मन को ध्यान करने के लिए तैयार करे।

नियमित ध्यान का अभ्यास करने से धीरे धीरे आपको ध्यान करना आ जायेगा और आप इसे आसानी से कर सकते हैं। अपने दिनचर्या में दिए गए सिर्फ कुछ मिनट किया गया ध्यान आपको ऊर्जावान रखेगा। इसलिए अपनी दिनचर्या में ध्यान को जरूर अपनाये।