महिलाओं में बढ़ा हाफ मैराथन का क्रेज

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दुनिया भर में महिलाएं व्यस्तता के बावजूद हाफ मैराथन जैसे आउटडोर गेम में हिस्सा लेती हैं। यह उनके फिटनेस एवं स्वास्थ्य के लिहाज से उपयोगी साबित हो रहा है। यह वजन कम करने में सबसे अधिक सहायक हो सकता है क्योंकि इससे आपकी काफी कैलोरी बर्न यानी ऊर्जा खर्च होती है, मांसपेशियां मजबूत होती हैं और शरीर सुंदर बनता है। पूरी दुनिया में हाफ मैराथन तेजी से मशहूर होती जा रही है। इसमें कोई शक नहीं है कि महिलाओं में भी हाफ मैराथन को लेकर काफी क्रेज है। लेकिन इसके लिए आपको इन बातों पर जरूर ध्यान देना चाहिए।

मानसिक ताकत

किसी भी मैराथन में सफल होने के लिए आपमें अंदरूनी शक्ति और स्टेमिना होना बहुत जरूरी है। खुद को मैराथन के लिए प्रशिक्षित करने के लिए काफी अभ्यास की जरूरत होती है। आपको मैराथन में सफलता के लिए किसी पेशेवर प्रशिक्षक की मदद लेनी चाहिए। हाफ मैराथन में सफलता के लिए जरूरी है कि आप अपने लक्ष्य के प्रति केंद्रित रहें। मन में संकल्प कर लें कि हर हाल में जीतकर ही दम लेना है। आपको अपने प्रतिद्वंद्वी पर गौर करने के बजाय अपनी खुद की शक्तियों पर विश्वास करना होगा।

आहार

आपको कार्बोहाइड्रेट युक्त आहार का इस्तेमाल करना चाहिए। इससे शरीर को काफी ऊर्जा मिलती है। ट्रेनिंग के दौरान शरीर के वजन के प्रति किलोग्राम पर 7 से 10 ग्राम कार्बोहाइड्रेट की जरूरत होती है। आपको अनाज, पास्ता, ब्राउन राइस का सेवन करना चाहिए। ट्रेनिंग में जाने से एक या दो घंटे पहले कुछ न कुछ हल्का-फुल्का जरूर खाना चाहिए। मैराथन रनर के लिए शरीर का हाइड्रेशन बरकरार रखना भी जरूरी है। पानी की एक बोतल हमेशा अपने साथ रखें। आप चाहें तो स्पोर्टस ड्रिंक ले सकती हैं, कार्बोहाइड्रेट और इलेक्ट्रोल की कमी नहीं होगी।

ताकत पैदा करें

हाफ मैराथन की तैयारी के शुरुआती सप्ताहों में आपको ताकत और स्टेमिना को बढ़ाने की कोशिश करनी चाहिए। इससे आप रेस के दौरान लेंथ बनाए रख सकती हैं। शुरुआत में 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ें। धीरे-धीरे इस सीमा को बढ़ाकर 50 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे कर सकती हैं।

तनाव का संतुलन करें

चूंकि हाफ मैराथन का रनिंग सेशन काफी गहन होता है। इससे शरीर पर काफी दबाव पड़ता है। इसलिए तनाव को संतुलित करने के लिए हल्की फिटनेस एक्टिविटीज, जैसे स्विमिंग और बाइकिंग पर ज्यादा फोकस करें।

वैकल्पिक प्रशिक्षण

आपको पूरी तरह से खुद को हाफ मैराथन में झोंकने से बचना चाहिए और अपने शरीर को आराम भी देना भी जरूरी है। आपको ट्रेनिंग सेशन को एक दिन छोड़कर एक दिन करना चाहिए। आपको अपने शेडयूल को सही तरह से डिजाइन करना चाहिए।

गति

गतिवान अभ्यास आपके लिए जरूरी है। शुरुआत में अच्छी स्पीड से दौड़ने पर आप हाफ मैराथन की भावना को सही तरह से समझ पाती हैं। तेज दौड़ के लिए छोटी दूरी इस्तेमाल करें। ज्यादा गति से दौड़ते समय अपने शरीर की भी सुननी चाहिए।

रणनीति बनाएं ,यदि आप लंबी दूरी की दौड़ करना चाहती हैं तो एक रणनीति बनाएं, ताकि आपकी अप्रोच सही बनी रहे। इससे आप चोट से बची रहती हैं। दौड़ लगाते समय आपको अपनी सांस का पूरा खयाल रखना चाहिए, नहीं तो आप जल्द ही हांफ सकती हैं। अपनी सहूलियत के हिसाब से दौड़ लगाने का प्रयास करें। अपनी सीमाओं को धीरे-धीरे तोड़ने का प्रयास करें।