महाराष्ट्र में अमीर किसानों को कर्ज माफी के दायरे से रखा जा सकता है बाहर

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– एक उच्च स्तरीय समिति का गठन करेगी सरकार | मुंबई । महाराष्ट्र में कर्ज माफी को लेकर नई बात सामने आ रही है। मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने सोमवार को स्पष्ट किया कि राज्य सरकार द्वारा घोषित कर्ज माफी के दायरे से अमीर किसानों को बाहर रखा जाएगा। लेकिन यह योजना किसानों के पास मौजूद जमीन के आकार से जुड़ी नहीं होगी। मंत्री ने कहा कि कर्ज माफी के लिए जमीन के मालिकाना हक को नहीं जोड़ने का मतलब है कि अधिक से अधिक किसानों को इसका लाभ मिलेगा। सरकार योजना के कार्यान्वयन के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन करेगी। इसकी घोषणा समूचे राज्य में किसानों के आंदोलन के मद्देनजर हाल ही में की गई थी। राजस्व मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि समिति का इसलिए गठन किया जा रहा है क्योंकि पिछले कर्ज माफी पैकेज 2007-08 से कई अमीर किसानों को फायदा हुआ था।

किसान नेताओं के साथ सोमवार को हुई बैठक में भी इस मुद्दे को उठाया गया था और उन्होंने भी मांग की थी कि पहले जरूरतमंद किसानों को लाभ मिलना चाहिए और सरकार इस मांग पर सहमत हो गई थी। समिति इस योजना के दायरे से अमीर किसानों को बाहर रखने जा रही है। बहरहाल महाराष्ट के मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने भी कहा कि किसानों को उचित तौर पर ऋण माफ किया जाना बाकी है। कर्जमाफी के मानदंड को लेकर समिति के किसी फैसले पर पहुंचने के बाद ही ऋण माफी की मात्रा का पता चल पायेगा। यह समिति फैसला करेगी कि कर्ज माफी केवल उन्हीं किसानों की जाये जिनकी आजीविका सिर्फ खेती पर आधारित है और कर्जमाफी पैकेज के दायरे से धनी किसानों को दूर रखा जाए या नहीं।