मलेरिया की पहचान में सहायक होगी नई तकनीक

0
27

लंदन । अभी तक मलेरिया की बीमारी के जांच रव्त के जरिए की जाती है। लेकिन अब शोधकर्ताओं ने एक स्वचालित रव्त जांच प्रणाली (ऑटोमैटिक क्विक ब्लड टेस्ट सिस्टम) विकसित की है जिससे मलेरिया की पहचान जल्दी और अधिक अच्छे तरीके से की जा सकती है। म्यूनिख तकनीकी विश्वविद्यालय (टीयूएम) के मुताबिक, नई तकनीक रोग की पहचान 97 प्रतिशत तक सटीक करने में सक्षम है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, दुनिया भर में 2015 में मलेरिया से करीब 430,000 लोगों की मौत हुई थी। अब तक डॉक्टर्स ब्लड में मलेरिया के बैक्टीरिया की पहचान माइप्रोस्कोप से करते थे। इसमें अधिक समय लगता है।

इस नए परीक्षण में अलग-अलग रव्त के नमूनों(ब्लड सैंपल्स) के 30 कॉम्बिनेशंस का इस्तेमाल करके एक ऑटोमैटिड विधि से परीक्षण किया गया। इस तरीके का विकास म्यूनिख तकनीकी विश्वविद्यालय के प्रोसेसर ओलिवर हैडेन और सीमेन्स हेल्थीनर्स के जान वान डेन बोगार्ट ने किया है। शोधकर्ताओं ने स्वस्थ प्रतिभागियों और मलेरिया मरीजों के रव्त नमूनों की जांच एक सांख्यिकी मूल्यांकन पर किया।