मटर के घरेलू और आयुर्वेदिक फायदे

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प्रोटीन, विटामिन, फास्फोरस तथा लौह तत्त्व से भरपूर मटर भारत में सर्दियों के मौसम में उगायी जाने वाली फसल है। भारतीय किचन में इसका विशेष स्थान है। मटर से बनी मटर पनीर और सूप भारतीय को बहुत ही पसंद है। यह न केवल आपके बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करता है बल्कि यह कैल्शियम का भी स्रोत है। जिन लोगों को ब्लड सुगर है उन्हें नियमित रूप से मटर खाना चाहिए।

मटर के घरेलू और आयुर्वेदिक फायदे

शारीरिक रूप से निर्बल स्त्री-पुरूषों को अंकुरित मटर का सेवन करना चाहिए। इसके सेवन से अधिक शक्ति का विकास होता है।

शीत ऋतु में ठंडी हवा और ठंडे पानी के कारण हाथ और पैर की उंगलियां सूज जाती हैं इसके लिए आप मटर को पानी में उबालकर, उस पानी को छानकर उसमें हाथों को कुछ देर डालकर रखें, सूजन जल्द नष्ट होती है।

एनीमिया रोगियों के लिए मटर का सूप बहुत लाभ देता है। स्वाद के लिए नींबू का रस मिलाने से अधिक लाभ होता है।

मटर के छिलके को रात को पानी में डालकर रखें। सुबह उन्हें अच्छी तरह मसलकर निचोड़ लें। इस पानी को बालों की जडों में उंगलियों से मलने और फिर बालों को धोने से बाल तेजी से बढ़ते और घने होते है।

मटर को भूनकर, कूट-पीसकर फिर उसे नारंगी के छिलकों के साथ पीसकर, दूध में मिलाकर चेहरे और हाथ पांव पर मलने से सौंदर्य आकर्षण विकसित होता है।

आंख की ज्योति तेज हो इसके लिए मटर की फलियों और पालक का रस का सेवन कीजिए। 7. मटर के दाने दांतों से चबाकर खाने से दांतों और मसूढों की सुरक्षा होती है। मटर के छिलकों को दांतों पर रगडने से दांत स्वच्छ होते हैं।

मटर का हलवा बनाकर खाने से सर्दी-जुखाम से सुरक्षा होती है।

मटर की सब्जी खाने और सूप बनाकर पीने से शारीरिक शक्ति का विकास होता है।

मटर के सेवन से स्त्रियों के स्तनों में दूध की मात्रा विकसित होती है।

पीलिया रोगियों के लिए मटर का सूप बहुत लाभप्रद होता है।

मटर पीसकर शरीर पर मलने से धूप की तेजी व अन्य कारण से जलन होने पर राहत मिलती है।

मटर की सब्जी का सेवन करने वाली स्त्रियां मासिक धर्म के अवरोध को दूर कर सकती हैं। इससे मासिक धर्म नियमित होता है।

मटर के दानों को पीसकर शरीर पर लेप करने से शारीरिक सौंदर्य विकसित होता है।

मटर से नुकसान

  • पेट की समस्या होने पर मटर का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • गैस से पीड़ित स्त्री-पुरूषों को मटर का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • अधिक मटर खाने से बच्चों में पेट की समस्या उत्पन हो जाती है।
  • गठिया से पीड़ित स्त्री-पुरूषों को रात के समय मटर की सब्जी नहीं खानी चाहिए।
  • पथरी से पीड़ित लोगों को मटर का सेवन नहीं करना चाहिए।

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