मंदसौर फायरिंग: तनाव अभी भी जारी, किसानों ने कलेक्टर व पत्रकारों को दौड़ाया

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वीआईपी व्यक्तियों के मंदसौर की सीमा में प्रवेश पर रोक  | भोपाल/इंदौर । मंदसौर में मंगलवार को किसान आंदोलन के दौरान छह लोगों की मौत के बाद बुधवार को भी तनाव बना हुआ है। मंदसौर के डीएम और कुछ पत्रकारों के साथ मारपीट की खबरें आ रही हैं। बुधवार सुबह बरखेड़ापंत गांव में किसानों ने फायरिंग में मारे गए युवक के शव से साथ रास्ता जाम कर दिया। इसके साथ ही मृतकों के परिजनों से मिलने गए मंदसौर के डीएम स्वतंत्र सिंह से धक्कामुक्की भी की गई। किसानों के गुस्से को देखते हुए अधिकारी वहां से भाग खड़े हुए। खबर है कि किसानों ने कलेक्टर के कपड़े तक फाड़ दिए और उनकी पिटाई की तथा कुछ पत्रकारों के साथ भी मारपीट की गई। वहीं कलेक्टर का कहना है कि पुलिस को फायरिंग करने के कोई निर्देश नहीं दिए गए थे। उन्होंने कहा कि असामाजिक तत्व हंगामा कर रहे हैं, किसानों के परिवार को कुछ लोग भड़का रहे हैं। कलेक्टर ने कहा कि हालात फिलहाल काबू में हैं। किसानों ने एसपी का भी घेराव कर दिया। इसके बाद किसानों के शवों को शहीद की तरह तिरंगे में लपेटकर अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया।
इस बीच गुरुवार को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के मंदसौर जाने की खबर है। हालांकि खबरों के मुताबिक प्रशासन ने राहुल को मंदसौर जाने की इजाजत नहीं दी है। उधर किसानों का गुस्सा अभी जारी है। बरखेड़ा में एक बार फिर किसानों ने पुलिस पर पथराव किया है और कुछ गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया है। किसान सीएम शिवराज सिंह चौहान के घटनास्थल पर पहुंचने की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी किसान मीडिया को भी अपना निशाना बना रहे हैं।
सुरक्षा के लिहाज से पुलिस ने किसी भी वीआईपी के मंदसौर की सीमा में प्रवेश पर रोक लगा दी है। कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन किसानों के अंतिम संस्कार में शामिल होने मंदसौर जा रही थीं, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया। पुलिस फायरिंग में किसानों की मौत के बाद मंदसौर, पिपलियामंडी, नाहरगढ़ और मल्हारगढ़ में कर्फ्यू लगा दिया गया है। इसके साथ ही मंदसौर, नीमच और रतलाम में मोबाइल पर इंटरनेट सेवा भी बंद रखी गई है। सरकार ने मृत किसानों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपए और परिवार में से किसी एक को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है।