बुजुर्गों की तरह सुस्त होते जा रहे हैं किशोर

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वाशिंगटन । एक अध्ययन के अनुसार, बच्चों और किशोरों के बीच शारीरिक गतिविधि पहले के मुकाबले कम हो रही हैं। इस अध्ययन में 19 साल के किशोर की गतिविधयां 60 साल के बुजुर्ग की तरह सुस्त पायी गई हैं। शोधकर्ताओं ने पाया कि व्यायाम के प्रति लगातार घटती अभिरुचि और आधुनिक जीवनशैली से उपजे मोटापे की वजह से बच्चे और किशोर चिंताजनक रूप से सुस्त होते जा रहे हैं।

अमेरिका में जोन्स ब्लूमबर्ग स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के शोध में सामने आया है कि हाल के सालों में मोटापा एक महामारी का रूप लेता जा रहा है। अध्ययनकर्ताओं ने 20 साल की उम्र के बाद के युवा वयस्कों के बीच की गतिविधियां देखीं तो पाया कि 35 साल की शुरूआत के साथ गतिविधियों का स्तर भी घटता गया। इस दौरान शोधकर्ताओं ने यह देखने का भी प्रयास किया कि दिन के अलग-अलग समय में कौन कैसी गतिविधियां करता है। अध्ययन में यह देखने का प्रयास किया गया कि महिला और पुरुषों के बीच किस आयु वर्ग में गतिविधियां उच्चतम स्तर पर रहीं। सहायक प्रोफेसर वादीम जिपुनिकोव ने कहा किशोरावस्था के अंत में गतिविधियों का स्तर खतरनाक रूप से काफी कम रहा।

19 साल की उम्र में वे 60 साल के व्यव्ति के बराबर गतिशील थे। अध्ययन में पुष्टि हुई कि स्वस्थ रहने के लिए अनुशंसित दिशा निर्देशों का भी वे ठीक से पालन नहीं कर रहे थे। उदाहरण के लिए, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) पांच से 17 वर्ष की उम्र के बच्चों के लिए कम से कम 60 मिनट की शारीरिक गतिविधि को जरूरी बताता है। अध्ययन में पाया गया कि छह से 11 वर्ष की आयु के 25 प्रतिशत से अधिक लड़कों और 50 प्रतिशत लड़कियों और 12 से 19 वर्ष की आयु के 50 प्रतिशत किशोरों और 75 प्रतिशत किशोरियों ने विश्व स्वास्थ्य संगठन की इन गाइडलाइन का पालन नहीं किया।