बालों को काला करने के आयुर्वेदिक टिप्स

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बालों को प्राकृतिक रूप से काला करने के लिये आयुर्वेद में उपायों का खजाना है. काले-घने और लंबे बालों का राज है बालों की जड़ों को मिलने वाला पोषण। बालों को पोषण कलर, डाई या शैंपू से नहीं बल्कि आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों वाले से धोने या आयुर्वेदिक तेल लगाने से मिलता है।

आइए जानते हैं, कुछ ऐसे आयुर्वेदिक उपायों के बारे में जिसे इस्तेमाल करने से बाल न सिर्फ काला होता है बल्कि उनमें कुदरती चमक भी आती है। साथ ही, बालों का झड़ना-गिरना भी बंद हो जाता है।

आंवला पाउडर: आंवले के पाउडर को लोहे के काले रंग के बर्तन में एक दिन तक रखिए और दूसरे दिन सुबह इसमें थोड़ा पानी मिलाकर पेस्ट बना लीजिए। इस पेस्ट को पूरे एक हफ्ते तक पानी मिला कर लोहे बर्तन में रखना है। हफ्ते भर में यह पेस्ट बिल्कुल काला हो जाएगा। जब यह पेस्ट पूरी तरह काला हो जाए तो इसे डाई की तरह बालों में लगाएं। इस विधि को दो-तीन बार अलग-अलग दिन पर आजमाए। बालों में कुदरती काला रंग आने लगेगा

शिकाकाई: शिकाकाई और सूखे आंवले लेकर को अच्छी तरह से कूट ले। दोनों के टुकड़ों को रात भर पानी में भिगों कर रखें। सुबह इस पानी को कपड़े के साथ मसलकर छान लें और इससे बालों की मालिश करें। मालिश करने के आधा घंटा बाद बाद नहा लें। बालों के सूखने पर नारियल का तेल लगायें। ऐसा करने से बाल काले, लंबे, मुलायम और चमकदार होते हैं। खास बात यह है कि शिकाकाई और आंवले से बाल कभी सफेद नहीं होते व जिनके बाल सफेद हों तो वे भी काले हो जाते हैं.

नारियल व जैतून का तेल और नींबू का रस: नारियल के तेल और जैतून के तेल (ऑलिव ऑयल) की बराबर मात्रा लेकर इसमें नींबू की कुछ बूंदे मिला कर बालों की मालिश करें। मालिश के बाद फिर गर्म तौलिए से सिर को तीन मिनट के लिए ढकें। ऐसा करने से बालों का झड़ना बंद होता है और बाल काला भी होता है।

मेथी पाउडर: मेथी के बीजों में बालों को पोषण देने वाले सभी जरुरी तत्व मौजूद होते हैं। मेथी के बीज में फॉस्फेट, लेसिथिन, न्यूक्लिओ-अलब्यूमिन और कॉड-लिवर ऑयल के साथ फोलिक एसिड, मैग्नीशियम, सोडियम, जिंक, कॉपर, नियासिन, थियामिन, कैरोटीन आदि पोषक तत्व पाए जाते हैं जो बालों की जड़ों को मजबूती प्रदान करते हैं।

मेथी दानों को ग्राईंडर में पीसकर चूर्ण बना लें। चूर्ण में पानी मिलाकर पेस्ट तैयार कर लें और इस पेस्ट को बालों में लगाएं। इसे लगाने से बाल काला, घना और लंबा तो होगा ही, डैंड्रफ की परेशानी भी खत्म होगी।

अमरबेल: करीब 250 ग्राम अमरबेल को लगभग तीन लीटर पानी में उबालें। जब पानी आधा हो जाए और अमरबेल पानी में पूरी तरह मिल जाए तो तो इसे उतार लें। सुबह के समय इससे बालों को धोयें. इससे बाल लंबे, काले और घने होते हैं।

त्रिफला: त्रिफला चूर्ण में लगभग एक चौथाई ग्राम लौह भस्म मिलाकर सुबह-शाम सेवन करने से बालों का झड़ना बंद हो जाता है और बालों में कुदरती रंग आती है।

कलौंजी: एक लीटर पानी में पचास ग्राम कलौंजी उबाल लें। इस उबले हुए पानी को ठंडाकर इससे बालों को धोएं। बाल एक महीने के अंदर काले और लंबे हो जाएंगे।

नीम: नीम के पत्तों को पानी के साथ पीसकर बालों में लगाएं व दो-तीन घंटे के बाद बालों को धो डालें। इससे बालों का झड़ना कम होगा और बाल लंबे और काले भी होंगे।

मेंहदी और आंवला: सूखी मेंहदी और सूखा आंवला की बराबर मात्रा लेकर शाम को पानी में भींगने के लिए छोड़ लें। रात भर भींगने के बाद सुबह इससे बालों को धोएंट इसे लगातार आजमाने बाल काले, मुलायम और लंबे होते हैं।

रीठा: एक ग्राम कपूर, 100 ग्राम नागरमोथा और रीठे के फल की गिरी, शिकाकाई पाव भर और 200 ग्राम आंवला, इन सभी को मिलाकर पीस लें। इस मिश्रण को आधा ग्लास पानी में मिलाकर लेप बना लें। इस लेप को बालों में लगाएं लेप सूखने के बाद गुनगुने पानी से बालों को अच्छी तरह धो लें। इससे बाल काले, घने और मुलायम होते हैं। रीठा, आंवला व शिकाकाई को आपस में मिलाकर बाल धोने से बाल सिल्की और चमकदार होती है।

शंखपुष्पी: शंखपुष्पी से बने तेल रोजाना नियमित रूप से बालों में लगाने से सफेद बाल काले हो जाते हैं।

भांगरा: जहां पर बाल न हों, वहां पर भांगरा के पत्तों के रस से मालिश करने से कुछ ही दिनों में अच्छे काले बाल निकल सकते हैं। जिन लोगों के बाल अधिक टूटते-झड़ते हैं उन्हें इस उपाय को जरूर आजमाना चाहिए। त्रिफला चूर्ण को भांगरा के रस में उबाल कर फिर इसे अच्छी तरह से सुखाकर, पीसकर रख लें। इसे प्रतिदिन सुबह के समय लगभग 2 ग्राम तक सेवन करने से बालों का सफेद होना बंद हो जाता है।

काला तिल: काले तिल के तेल बालों में लगाने से बाल सफेद नहीं होते हैं। रोजाना सिर में तिल के तेल की मालिश करने से बाल हमेशा मुलायम, काले और घने बने रहते हैं।

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