बारिश में मलेरिया, डेंगू से करें बचाव

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बारिश का मौसम आ गया है। इसमें बारिश का पानी जामा होने और मच्छरों के पनपने से मलेरिया, डेंगू और चिकन गुनिया का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में इन बीमारियों से बचने पर्याप्त इंतजाम करें। पिछले पांच सालों की तुलना में इस साल अब तक डेंगू के सबसे अधिक मामले सामने आये हैं। आमतौर पर डेंगू का आतंक बारिश शुरू होने के बाद ही फैलता है। इस समय बहुत ज्यादा गर्मी पड़ रही है। बीच-बीच में किसी दिन हल्की बारिश हो रही है लेकिन आमतौर पर लोग तेज धूप और लू से परेशान हैं और ऊपर से डेंगू ने भी हमले शुरू कर दिए हैं।

दिल्ली में ही अब तक 50 लोग डेंगू के डंक का शिकार हो गये हैं। पिछले पांच साल की तुलना में इस साल कई गुना ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। चिंता की बात यह है कि न केवल डेंगू बल्कि साथ में चिकनगुनिया के 105 और मलेरिया के 59 मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। हैरान करने वाली बात यह है कि 45 डिग्री तापमान के बावजूद मच्छर जिंदा है और लगातार डंक मार कर लोगों को बीमार कर रहा है।

एमसीडी के आंकड़ों के अनुसार 17 जून तक दिल्ली में डेंगू के 50 मरीजों की पहचान हो चुकी है। जबकि साल 2016 में यह आंकड़ा केवल 5 था। साल 2015 में 13, 2014 में 6, 2013 में 7 और 2012 में 3 मामले ही सामने आए थे। पिछले साल दिल्ली में डेंगू के कुल 4 हजार 431 मामले सामने आए थे जिसमें से 10 लोगों की मौत हो गई थी और साल 2015 में तो 15 हजार 867 मामले आए थे और 60 लोगों की जान चली गई थी, उस साल भी जून में केवल 13 मामले सामने आए थे।

ऐसे में यह एक बड़ी चिंता की बात है कि जून में ही अगर डेंगू के इतने मामले सामने आ रहे हैं तो बारिश होने के बाद तो यह और खतरनाक रूप ले सकता है। इस साल आए 50 मामले में से जून (17 जून तक) में ही 10 मामले आ चुके हैं, यानि औसतन हर दूसरे दिन एक मरीज डेंगू का शिकार हो रहा है। साथ में चिकनगुनिया के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं।
इस साल अब तक चिकनगुनिया के कुल 105 मामले में से जून में 9 मामलों की पुष्टि की गई है जो दिखा रहा है कि पिछले साल की तरह इस साल भी चिकनगुनिया खतरनाक रूप ले सकता है। पिछले साल 7 हजार 760 लोगों में इस वायरस की पुष्टि हुई थी। डॉक्टरों का कहना है कि लोगों को अभी से अलर्ट रहना होगा। साफ सफाई के साथ साथ पानी जमा नहीं होने दें। मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए सभी उपाय करें और खुद को मच्छर से बचाएं।