प्रोस्टेट कैंसर के लिए जीन जिम्मेंदार

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नई दिल्ली । शोधकर्ताओं ने पुरूषों में होने वाले प्रोस्टेट कैंसर के लिए जिम्मेंदार जीन की खोज की है। प्रोस्टेट कैंसर के लिए विपरीत किस्म के जीन जिम्मेदार हैं, लेकिन इसके अलावा अस्वास्थ्यकर जीवनशैली भी इस कैंसर के होने का बड़ा कारण है। एक ताजा शोध के मुताबिक सैचुरेटिड फैटी फूड खाने से भी इस कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। शोध में बताया गया है कि प्रोस्टेट कैंसर के लक्षणों को शुरूआत में ही पहचाना जा सकता है।

प्रोस्टेट को बढ़ने में समय लगता है, इसलिए यह जरूरी हो जाता है कि पुरुष इसकी जांच समय रहते करवा लें। विशेषज्ञों के मुताबिक जीवनशैली में बदलाव, प्रोस्टेट कैंसर को लेकर जागरूकता, सही समय पर सटीक इलाज और समय पर जांच करके प्रोस्टेट कैंसर के मामलों को कम किया जा सकता है। आज के समय में एक ही जगह पर घंटों तक बैठे रहने और मोटापे के कारण भी पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर अधिक होने लगा है।

इसके अलावा सैचुरेटिड फैटी फूड भी इस कैंसर का बड़ा कारण है। ऐसे पुरुष जो प्रोस्टेट कैंसर की सर्जरी के बाद भी हाई सैचुरेटिड फैटी फूड जैसे मांसाहार का सेवन करते हैं उन्हें सामान्य लोगों के मुकाबले दोबारा प्रोस्टेट कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है। जब प्रोस्टेट कैंसर की पुष्टि हो जाएं तो इसके तुरंत बाद दवाएं शुरू कर देनी चाहिए और डॉक्टर की सलाहानुसार सर्जरी करवानी चाहिए।