प्राकृतिक तरीके से करें सिर दर्द का इलाज

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सिर दर्द आज बहुत से लोगों की एक आम समस्या है जिसकी वजह से बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है। यह समस्या उम्र, अनुवांशिकी और कुछ हद तक लिंग पर भी आधारित होता है। सिर में दर्द का मुख्य कारण काम का तनाव या पारिवारिक चिंता के साथ सोने में अनियमितता भी हो सकता है।

सिर दर्द के प्रकार पर यह निर्भर करता है कि उसका प्रभाव कितने देर तक बना रहेगा। यह दर्द कुछ घंटों से लेकर हफ्तों तक बना रह सकता है। इनमें सबसे सामान्य दर्द टेंशन या तनाव की वजह से होने वाला सिर दर्द है जो आराम और दर्दनिवारक दवाओं के सेवन से कम होता है।

सिर में दर्द हर किसी के लिए एक असुविधाजनक परेशानी बन जाता है और जब आप कामकाजी होते हैं तो यह समस्या और भी अधिक कष्टकारी हो जाती है। इसके अलावा अगर आप घर पर भी रहते हों या पढ़ाई कर रहे हों तो भी यह एक गंभीर समस्या बन जाता है जो काफी परेशानी भरा होता है और हमारी दिनचर्या को प्रभावित कर देता है।

इसमें आपको समय समय पर थोड़ा अंतराल लेकर अपने काम को रोकने की ज़रूरत पड़ती है और काम की निरंतरता में बाधा उत्पन्न होती है। सिर दर्द जब रोज की परेशानी बन जाये तो इसका जड़ से इलाज जरूरी हो जाता है वरना यह नियमित दिनचर्या को प्रभावित कर आपके रोज़मर्रा के कामों को अस्त व्यस्त कर सकता है। तो सिर दर्द को ठीक करने के लिए दर्द निवारक दवाओं का प्रयोग लंबे समय तक लेना ठीक नहीं होता।

सिर दर्द के लिए किसी प्राकृतिक इलाज़ को सही और सुरक्षित माना जाता है। अगर आप अपने सिर के दर्द को प्राकृतिक तरीके से ठीक करना चाहते हैं नीचे दिये जा रहे उपाय लाभकारी हो सकते हैं।

सिर दर्द के कारण और उपाय, प्राथिमिक प्रकार का सिर दर्द

यह समस्या सिर में होती है जिंसमें सिर की मांसपेशियाँ, हड्डियाँ, सिर व गर्दन की रक्त नलिकाएँ और शिराएँ भी शामिल होती हैं। यह समस्या तब होती है जब सिर की संवेदी संरचरा सही ढंग से काम नहीं करती और मस्तिष्क के अंदर कुछ रासायनिक क्रियाएँ होती है। इस समय सिर दर्द के साथ साथ इस प्रकार की अन्य कुछ समस्याएँ भी पैदा हो सकती हैं।

अन्य प्रकार के सिर दर्द: सिर दर्द के कुछ अन्य कारण भी हो सकते हैं। ज़्यादातर सिर दर्द कुछ दूसरी बिमारियों के बढ़ जाने की वजह से या नसों में किसी प्रकार की समस्या कि वजह से होता है। इस तरह के दर्द शराब के सेवन के बाद हैंगओवर की वजह से, दिल के दौरे, ब्रेन ट्यूमर या बहुत ठंडी चीज तेजी से खा लेने की वजह से हो सकते हैं। इसके अलावा सिर में खून के थक्के बन जाने कि वजह से, शरीर में पानी की कमी, ग्लूकोमा, दौरे या कार्बन मोनोऑक्साइड जैसे विषैले पदार्थ के शरीर में चले जाने के कारण भी सिर दर्द जैसी समस्या बनी रहती है।

सिर दर्द से राहत के उपाय: सिर दर्द से राहत पाने के लिए प्रकृति में कई साधन मौजूद हैं जिनकी मदद से घर पर ही सिर दर्द की समस्या का उपचार किया जा सकता है। सिर दर्द को प्राकृतिक तरीके से ठीक करने के उपाय आसान भी हैं और यह सभी उपाय घर पर सुरक्षित तरीके से किए जा सकते हैं। इनके कोई दुष्प्रभाव नहीं होते और नियमित उपचार विधि से जल्दी ही इस गंभीर समस्या से निजात पाई जा सकती है।

लेवेंडर ऑइल के प्रयोग से करें सिर दर्द का घर पर इलाज: लेवेंडर का तेल सिर दर्द और माइग्रेन जैसी समस्या को ठीक करने का बेहतरीन उपाय है। इसे घर पर ही आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है। लेवेंडर ऑइल को भाप द्वारा लेना या सिर में दर्द वाली जगह पर सीधे लगाया जाता है। यह दोनों ही तरीके प्रभावी होते हैं। लेवेंडर ऑइल का प्रयोग केवल बाहरी उपचार के लिए ही किया जाता है इसमें तेज खुशबू होती है जो इस्तेमाल के वक़्त आस पास की जगह को भी खुशबूदार बना देती है।

सिर दर्द के घरेलू इलाज में पुदीने का तेल: पुदीने का तेल या पिपरमिंट ऑइल सिर दर्द के लिए बहुत असरकारक होता है। तनाव की वजह से होने वाले सिर दर्द में यह बहुत राहत पहुंचाता है। यह सिर में रक्त के बहाव को सुचारु और बेहतर करने में मदद करता है इसकी वजह से रक्त नलिकाएँ अच्छी तरह खुल जाती हैं और रक्त के प्रवाह में आसानी होती है जो दर्द को कम करने में सहायक होता है। पुदीने के तेल के इस्तेमाल से शरीर व मस्तिष्क में ऑक्सीजन का परिवहन सही तरीके से हो पता है और तनाव की वजह से होने वाले सिर दर्द में आराम मिलता है।

सिर दर्द का प्राकृतिक उपचार – तुलसी का तेल: तुलसी का पौधा घर में हर प्रकार से एक औषधिय पौधा माना जाता है। शरीर के लिए तुलसी के विभिन्न भागों का अलग अलग तरीके से इस्तेमाल किया जाना आम है। तुलसी के बीजों से निकले हुये तेल का भी हमारे लिए विशेष महत्व होता है। यह तनाव को कम करने के साथ मांसपेशियों के कड़ेपन को प्राकृतिक तरीके से सामान्य करने में सहायक माना जाता है। इसकी पत्तियों में भी सेहत के लिए विशेष गुण पाये जाते हैं। तुलसी के बीजों का तेल थकान और तनाव को दूर करता है। इसके अलावा यह तेल सिर के दर्द में राहत पहुंचाता है।

सिर दर्द का इलाज है आहार नियमित करें: भोजन या लिए जाने वाले आहार में उचित बदलाव सिर दर्द की समस्या को कम करने में बहुत मददगार होते हैं। कुछ खास आहार जैसे डेयरी उत्पाद, चॉकलेट, पीनट बटर, एवोकडो और केले माइग्रेन के दर्द को कम करने में सहायक माने गए हैं। सिर के इस दर्द से राहत के लिए जंक फूड के उपयोग से बचना ज़रूरी होता है। पोषक तत्वों से भरपूर आहार का सेवन करें।

पत्थर सुवा से सिर दर्द का प्राकृतिक इलाज: पत्थर सुवा एक ऐसी भारतीय औषधि है जिसका प्रयोग कई रोगों के उपचार में सदियों से हो रहा है। इसे व्हाइट विलो के साथ मिलाकर सिर दर्द के उपचार में इस्तेमाल किया जाता है। पत्थर सुवा में एस्पिरिन नामक दवा के बराबर के गुण मौजूद होते हैं। सिर के दर्द को कम करने में यह प्रभावी रूप से काम करता है।

सर दर्द के घरेलु इलाज, अलसी के बीच: अलसी के बीज या दानें प्राकृतिक रेशों से भरपूर होते हैं। यह उच्च फाइबर युक्त तत्व है जो कई तरह से लाभदायक होता है। इसमें मौजूद ओमेगा 3 फैटी एसिड माइग्रेन के दर्द को कम करने में विशेष रूप से प्रभाव डालता है। अलसी के दानों को साबुत और पीसकर भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा अलसी का तेल भी काफी फायदेमंद तरीके से काम करता है। आप इसे बाज़ार से या किसी किराने की दुकान से खरीद सकते हैं।

कुट्टू से करें सिर दर्द का घरेलू इलाज: कुट्टू का प्रयोग माइग्रेन के दर्द में विशेष राहत देता है। इसके पौधे में फाइटोकेमिकल मौजूद होते हैं जो एंटीओक्सीडेंट्स का काम करते हैं। माइग्रेन के तेज दर्द में इसके प्रयोग से काफी राहत मिलती है। नियमित रूप से उचित मात्रा में कुट्टू का सेवन प्राकृतिक उपचार के तौर पर माइग्रेन में बहुत मदद करता है।

आंखे बंद कर आराम करें: सिर में दर्द या माइग्रेन के आधा सीसी का दर्द में आराम करना सबसे महत्वपूर्ण होता है। आँखों को भी आराम देने से इस दर्द में राहत मिलती है। एक अंधेरे कमरे में आँखें बंद कर लेट जाएँ। गर्दन और मस्तक पर हल्की मसाज करें, यह रक्त के संचरण को तेज करता है जो दर्द को कम करने में सहायक होता है। गर्दन को किसी गरम कपड़े या हीटिंग पैड से लपेट लें। इसकी जगह आप आइस पैक का भी उपयोग कर सकते हैं जो दर्द को कम करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। आँखें पूरी तरह बंद कर लंबी व गहरी साँसे लें। अगर हो सके तो ध्यान या मेडिटेशन करें। अपने शरीर को बिल्कुल रिलैक्स करने दें। और शरीर में हल्कापन महसूस करें। यह आपके आधासीसी के दर्द को कम करने में मदद करेगा।

कम से कम तनाव लें: तनाव की वजह से आधासीसी या माइग्रेन का दर्द हावी हो जाता है। इससे बचने के लिए तनाव का शरीर या दिमाग पर असर न होने दें। तनाव से बचे रहें, इसके लिए कुछ देर तक शोर वाली जगह से दूर एकांत में रहें। ऑफिस या ज़्यादा कामकाज से दूरी बनाकर दिमाग को आराम करने का मौका दें। सिगरेट या अल्कोहल जैसे नशों से दूर रहें। यह नशे शरीर में को कम कर देते हैं और रक्त चाप पर भी सीधा प्रभाव डालते हैं। लंबे समय तक भूखा रहने की वजह से भी इसके लिए ज़्यादा देर भूखे न रहें और थोड़े थोड़े अंतराल में कुछ खाते रहें। नियमित भोजन करें और नाश्ता, लंच या डिनर समय पर करें और इन्हें न छोड़ें। न खाने की आदत भी माइग्रेन के दर्द का मुख्य कारण है।

दर्द किसी भी व्यक्ति की दिनचर्या को प्रभावित कर देता है। इसकी वजह से हमारे नियमित कामों को पूरा करने में ज़्यादा समय लगता है। अपने मन को मजबूत करें और अपने आप को एक्टिव तथा ऊर्जावान महसूस कराएं। मेडिटेशन का सहारा लें, यह आपके आधासीसी के दर्द को कम करने में सहायता करता है।

सिर दर्द में राहत के लिए लाल मिर्च का इस्तेमाल

यह एक प्राकृतिक तत्व है जो माइग्रेन के दर्द को कम करने में मदद करता है। 1 कप गर्म पानी लें और इसमें ½ चम्मच लाल मिर्च (cayenne) का पाउडर मिलाएँ। इसमें एक रुई का गोला भिगो कर नाक के पास लाएँ और इसकी वाष्प को साँसों द्वारा अंदर खींचे। यह आधा सीसी के दर्द में राहत देता है।

सिर दर्द को कम करने के लिए बादाम का प्रयोग

सिर के दर्द के लिए बादाम भी एक बेहतरीन प्रयोग है। रोज़ नियमित रूप से खाली पेट में पानी में भिगोये हुए बादाम खाएं, आप देखेंगे कि, सिर का दर्द धीरे धीरे कम हो रहा है। इस दर्द के उपचार के लिए बादाम को कुछ दिनों तक नियमित रूप से खाना चाहिए।

एप्पल साइडर विनिगर से सिर के दर्द का प्राकृतिक इलाज

कई प्रकार के उपयोग में आने वाला एप्पल साइडर विनिगर आधा सीसी के उपचार में भी मददगार होता है। 3 कप उबला हुआ पानी लें, ¼ कप एप्पल साइडर विनिगर लें। इसके साथ 1 कप ठंडा साफ पानी भी लें। इन्हें एक साथ मिलाकर एक गहरे पात्र में डालें और इसकी भाप लें। भाप लेने के बाद ठंडा पानी पी लें। यह आधा सीसी के दर्द को कम करता है।

 

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