पेट की समस्या में कारगर पुदीने के अन्य स्वास्थ्य लाभ

0
28

रोजाना 5 से 6 ताजे पुदीने की पत्ती खाने से दांतों में दर्द, मुंह की दुर्गंध या प्लॉक जैसी मुंह से जुड़ी समस्याओं में राहत मिलती है। इसके अलावा पुदीना पेट संबंधी समस्याओं में भी काफी असरदार है।

दीना एक ऐसी जड़ी-बूटी है जिसका इस्तेमाल स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याओं के लिए किया जाता है। इसका उपयोग मेडिसिन और अरोमाथेरेपी के रूप में किया जाता है। पुदीने की पत्तियों, तेल, चाय और गोलियों के रूप में भी इस हर्ब का उपयोग कर सकते हैं। पुदीने में कूलिंग इफेक्ट होता है शरीर को शांत रखता है। इसके अलावा पुदीने में कॉपर, विटामिन-सी, एंटीऑक्सीडेंट और एंटीवायरल गुण होते हैं जो शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इसके अलावा पुदीना आपको किस तरह फायदा पहुंचाता है आइए जानते हैं।

1. पेट की समस्या के लिए: पुदीने में एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं जो पेट में उन बैक्टीरिया को नष्ट करने में मदद करता है जिसके कारण पेट में जलन या सूजन होती है। यह पेट से जुड़ी अन्य समस्याओं के लिए भी प्रभावी होता है जैसे कब्ज, दस्त या गैस। साल 2007 में डाइजेस्टिव और लिवर डीजिज जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन में, शोधकर्ताओं ने बताया कि चार सप्ताह तक पुदीने के तेल के उपचार से इरिटेबल बोवेल सिंड्रोम(आईबीएस) के रोगियों में पेट में होने वाली समस्याओं के लक्षणों में सुधार लाता है।

2. सिरदर्द से राहत दिलाता है: पुदीना माइग्रेन या तनाव के कारण होने वाले सिरदर्द में काफी असरकारक होता है। इसमें एनल्जेसिक इफेक्ट होता है जो दर्द को कम करने में सहायता करता है। यह रक्तसंचार में भी सुधार लाता है और तनाव के कारण मांसपेशियों के ऐंठन में राहत दिलाता है। पुदीना, जैतून और जोजोबा के तेल से प्रभावित हिस्से पर मालिश करने से जल्द राहत मिलती है।

3. मिचली को दूर करता है: पुदीना मिचली और उल्टी को कम करने में मदद करता है। यह पाचन के लिए आवश्यक एंजाइम को सक्रिय करता है, जिसके कारण मिचली की समस्या कम होती है। साल 1997 में इंग्लैंड में लिवरपूल यूनिवर्सिटी के एक अध्ययन के मुताबिक, पुदीना पोस्ट ऑपरेटिव मतली को प्रभावी ढंग से दूर कर सकता है। पुदीने के तेल की कुछ बूंद को कपड़े पर लें और उसे इन्हेल करें। इससे मिचली की समस्या कम हो जाएगी।

4. मुंह की समस्या के लिए: पुदीने में एंटीबैक्टीरियल और एंटीमाइक्रोबियल गुण होते हैं, जो मुंह में बैक्टीरिया के विकास को रोकता है। मुंह की अन्य समस्याओं को भी होने से रोकता है जैसे- दांतों में दर्द, मुंह की दुर्गंध या प्लॉक। रोजाना 5 से 6 ताजे पुदीने की पत्ती को खाने से मुंह से जुड़ी समस्याएं कम हो जाती हैं।

5. एलर्जी या अस्थमा में: पुदीना एलर्जी या अस्थमा के लक्षणों से राहत दिलाने में मदद करता है। यह सांस की नली और फेफड़े से बलगम को कम करने के लिए प्रोत्साहित करता है जो अस्थमा के लक्षणों को दूर करता है। पुदीने में एंटी-इंफ्लेमेट्री, एंटीऑक्सीडेंट और एंटीमाइक्रोबियल गुण होते हैं जो शरीर पर होने वाली एलर्जी को कम करता है। रोजाना 1 से 2 कप पुदीने की चाय पीने से अस्थमा और एलर्जी की समस्या से राहत मिलता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here