पेट की चर्बी कम करने के लिए इस्तेमाल किए जा सकते हैं ये 5 आयुर्वेदिक हर्ब्स

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आयुर्वेदिक औषधियां शरीर की आंतरिक सेहत को दुरुस्त रखने में प्रभावी होती हैं। इनका इस्तेमाल जितना प्रभावी होता है उतना ही सुरक्षित भी होता है। अगर आप मोटापे की समस्या से ग्रस्त हैं और अपना वजन कम करने की कोशिश में हैं तो इसके लिए आप आयुर्वेदिक नुस्खों को आजमा सकते हैं। आयुर्वेदिक नुस्खों का कोई साइड इफेक्ट नहीं होता और यह समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए जानी जाती हैं। आज हम आपको पांच ऐसे आयुर्वेदिक हर्ब्स के बारे में बताने वाले हैं जिनका इस्तेमाल आप पेट की चर्बी और मोटापे को कम करने के लिए कर सकते हैं।

एलोवेरा – एलोवेरा का इस्तेमाल काफी वक्त से तमाम रोगों के प्राकृतिक उपचार के बतौर किया जाता रहा है। एलोवेरा के जूस को चमत्कारिक पेय कहा जाता है। सेहत को लेकर इसके तमाम फायदे हैं। एलोवेरा मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाता है जिससे पाचन क्रिया तेज हो जाती है। इसके अलावा यह फैट बर्निंग प्रक्रिया को तेज करने का काम करता है। एलोवेरा शरीर में फैट के अवशोषण को भी बढ़ाता है जिससे चर्बी कम होती है।

पुदीना – पुदीने की पत्तियों में कैलोरी कम होती है और फाइबर ज्यादा होता है। ऐसे में यह वजन कम करने का एक बेहतरीन नुस्खा है। पुदीना पेट की मांसपेशियों को रिलैक्स करता है और पाचन क्रिया दुरुस्त रखता है।

करी के पत्ते – करी के पत्तों में एंटी-ऑक्सीडेंट्स और पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। करी के पत्तों को जूस के रूप में या फिर चाय के साथ इस्तेमाल किया जा सकता है। यह शरीर को डिटॉक्सिफाइ तो करता ही है साथ ही यह शरीर में अतिरिक्त फैट को बर्न करने में मदद करता है।

अदरक – आयुर्वेद के मुताबिक बिना शहद के अदरक का सेवन फैट बर्न करने में मददगार होता है। कई अध्ययनों में यह दावा किया गया है कि हर रोज अदरक वाली चाय पीने से वजन में कमी आती है।

मुलेठी – मुलेठी फैट, ग्लूकोज और लिपिड मेटाबॉलिज्म को रेगुलेट करने का काम करती है। एक इटैलियन रिपोर्ट के मुताबिक रोजाना काली मुलेठी का सेवन बिना किसी साइड इफेक्ट के फैट कम करने में मदद करता है। मुलेठी में मौजूद फ्लेवोनॉइड कंपाउंड पेट की चर्बी को कम करने में बेहद प्रभावी है।

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