पित्ताशय की पथरी को जड़ से खत्म करने के कारगर घरेलू उपचार

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आमतौर पर यह देखा जाता है कि हम बिना सोचे समझे कुछ भी खा लेते है। जिसका नकारात्मक प्रभाव हमारे शरीर पर धीरे-धीरे पड़ता है। आज कल पथरी एक बहुत ही आम समस्या बन गयी है। यह कई तरह की होती है। अगर समय पर इसका इलाज करवा लिया जाये तो यह ठीक हो सकता है। आज हम आपको गाल ब्लैडर स्टोन यानी पित्त की पथरी के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां देने वाले है।

आज पूरी दुनिया में हजारों-लाखों लोग ऐसे है जिन्हें गाल ब्लैडर स्टोन की समस्या है। यह बहुत ही कष्ट दयाक होती है। इस तरह के स्टोन में पित्ताशय के दो तरफ पथरी बनती है। जिसमे पहली पथरी कोलेस्ट्रोल से तथा दूसरी पिग्मेंट से बनती है। यह रोग किसी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है, लेकिन पुरुषों की तुलना में महिलाओं में इस रोग की सम्भावना बहुत कम होती है।

पित्त की थैली में पथरी होने पर डॉक्टर हमेशा सर्जरी की सलाह देते है। इस सर्जरी में पित्त की थैली को शरीर से बाहर निकल दिया जाता है। इसमें पैसा तो अधिक लगता है ही साथ ही साइड इफेक्ट्स होने के चान्सेस भी होते है। इन सभी दुविधाओं से आपको बचने के लिए यहाँ हम आपको कुछ घरेलु उपचार बता रहे है। जो आपके शरीर में मौजूद पथरी को जड़ से खत्म कर देंगे। तो आइये अब हम जानते है

जानें इसके लक्षण और उपचार

गुडहल का पाउडर गुडहल के फूल को तो आप पहचानते ही होंगे। आप इसके फूलों की पंखुड़ियों को तोड़कर धुप में सूखा लें और पीसकर इसका पाउडर बना लें। इस पाउडर को रात में सोने से पहले तथा खाना-खाने के 1-2 घंटे बाद पानी से ले लें। यह थोड़ा कड़वा हो सकता है, लेकिन ध्यान रखें, इसे लेने के बाद आपको कुछ खाना नहीं है।

हल्दी का प्रयोग हर घर में हल्दी का प्रयोग खाना बनाते समय जरूर होता है। यह बहुत अच्छी बात है, क्योंकि पित्ताशय की पथरी को ठीक करने में हल्दी पाउडर की बहुत अहम् भूमिका होती है। इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-ऑक्सीडेंट गुण पथरी को शरीर के अंदर ही अंदर गला देते है। अगर आप नियमित रूप से एक चम्मच हल्दी पाउडर का प्रयोग करते है तो यह शरीर में मौजूद पथरी को 80% तक गलाने का काम करती है।

नाशपाती का रस आधा गिलास नाशपाती का रस लें और उसमें आधा गिलास गर्म पानी तथा 1 चम्मच शहद मिलकर दिन में 2 से 3 बार पियें। दरअसल पित्ताशय की पथरी के बढ़ने का मुख्य कारण कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना होता है। नाशपाती में पाया जाने वाला पेक्टिन इसे बढ़ने से रोकता है। इसलिए नाशपाती का यह प्रयोग बहुत हद तक कारगर साबित होता है।

पुदीना पित्ताशय की पथरी को गलाकर बाहर निकालने में पुदीना का रास भी बहुत सहायक होता है। इसमें टेपरिन नामक तत्व होता है जो कि पथरी को गलाने का काम करता है। पुदीने की पत्तियों को पानी में अच्छी तरह उबाल लें और इसके पानी को छलनी से छानकर अलग कर लें। अब इसमें एक चम्मच शहद मिलाकर मियमित पिए।

खीर, गाजर और चुकंदर का रस  खीर, गाजर और चुकंदर को बराबर मात्रा में लेकर, इनका रस निकल लें और दिन में 2 बार पिए। इसके सेवन से पित्ताशय की पथरी होने के चांसेस भी बहुत कम हो जाते है।

नोट : इस आर्टिकल में दी गई जानकारियां रिसर्च पर आधारित हैं । इन्‍हें लेकर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूरी तरह सत्‍य और सटीक हैं, इन्‍हें आजमाने और अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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