पालतू जानवरों की करीबी से संप्रमण का खतरा

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नई दिल्ली । आमतौर पर कई लोगों को देखा गया है कि वे पालतू पशुओं जैसे कुत्ता ,बिल्ली तथा अन्य को घर के सदस्य की तरह रखते हैं। उनके साथ प्यार-दुलार भी करते हैं। लेकिन इससे बीमारियों के संप्रमण का खतरा हो सकता है। एक ताजा शोध में बताया गया है कि कुत्ते के साथ करीबी हृदयरोगों के खतरे को कम करती है और शरीर के लिए आवश्यक हार्मोन को तीन गुना बढ़ा देता है। लेकिन पालतू पशु-पक्षी संप्रमण भी फैलाते हैं। इनसे बचने के लिए इन बातों का ध्यान रखना चाहिए। पालतू जानवर कुत्ता , बिल्ली या तोता अक्सर घर के सदस्य बन जाते हैं। कई शोधों के मुताबिक जिन घरों में ये होते हैं वहां चहल-पहल रहती है। इनके साथ पलने वाले बच्चे भी ज्यादा सामाजिक और चंचल होते हैं। एक शोध के अनुसार डॉग हृदयरोगों का खतरा घटाता है और शरीर के लिए आवश्यक हार्मोन को तीन गुना बढ़ा देता है। लेकिन पालतू पशु-पक्षी संप्रमण भी फैलाते हैं। इनसे बचने के लिए इन बातों का ध्यान रखना चाहिए। जानवरों के चेहरे या लार को छूने के बाद साबुन से हाथ धोएं। यदि जानवर काट ले तो घरेलू समझकर टालें नहीं फौरन विशेषज्ञ की सलाह से इलाज कराएं।

पालतू जानवरों के मल-मूत्र की फौरन सफाई करें। जानवर को शयनकक्ष में नही आने देना चाहिए इससे एलर्जी का खतरा हो सकता है। पालतू जानवरों की नियमित रूप से जांच-पड़ताल करवाएं। उसका वेक्सीनेशन (टीकाकरण) विशेषज्ञ की सलाह से करवाते रहें। इसके अलावा जिस भी जानवर को पाल रहे हैं उसकी जानकारी रखें कि उसके बाल कितने समय पर झड़ने लगते हैं। खुजली की बीमारी किस मौसम में होने की आशंका रहती है। इससे संप्रमण का खतरा अधिक रहता है।