नीम के फायदे व् औषधी गुण

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नीम के पेड़ का महत्व : नीम का पेड़ पूरे विश्व में पाया जाता है। मूल रूप से यह भारतीय मूल का एक हमेशा से फलने फूलने वाला वृक्ष है। आयुर्वेद में इस की अलग ही महत्ता है। इसकी अलग ही पहचान है। सौ रोगों को ठीक करने वाला नीम पूरे वर्ष भर हरा भरा रहता है। भारत के अलावा और भी कई देशों में पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, बर्मा, थाईलैंड, श्रीलंका आदि देशो में पाया जाता है। नीम के साथ कई कथाएं जुड़ी हुई हैं। नीम स्वास्थ्य के साथ-साथ हमारे पर्यावरण के लिए बहुत ही जरूरी है। नीम के फायदे यह पर्यावरण की जलवायु को दूषित होने से रोकता है।

नीम के पेड़ के लाभ :

जब तक नीम का पेड़ रहेगा तब तक हमें कई बीमारियों से निजात दिलाता रहेगा। नीम का वृक्ष औषधीय गुणों का भंडार है। इसके द्वारा पुराने जमाने से लेकर अब तक कई खतरनाक छोटी-मोटी बीमारियों का इलाज सफलतापूर्वक किया जा चुका है। हालांकि नीम स्वाद में बहुत कड़वा होता है। लेकिन इसका परिणाम बहुत ही मधुर होता है। नीम के बारे में एक कहावत मशहूर है। एक नीम और सौ हकीम दोनों बराबर हैं। नीम में बहुत से औषधीय गुण हैं। जो हमारे पूरे शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करता है।

नीम के पत्ते खाने के फायदे :नीम के पेड़ के हर तत्व चाहे वह पत्ते हो, फल हो, छाल हो, जड़ हो सभी किसी न किसी प्रकार से औषधि में प्रयोग किए जाते हैं। चरक संहिता, सुश्रुत संहिता जैसे पुराने चिकित्सा ग्रंथों में इसका उल्लेख सराहनीय है। यह एक प्रकार से औषधालय है। यह पेड़ बड़ी से बड़ी बीमारियों को मिटा देता है।

नीम के फायदे और नीम के पेड़ के लाभ

नीम के तेल से मालिश करने से कई प्रकार के त्वचा रोग ठीक हो जाते हैं।

मच्छर भगाने में भी नीम बहुत बढ़िया औषिधि का काम करता है। इसके लिए नीम के तेल का दिया जलाएं तो मच्छर मक्खी भाग जाते हैं। और डेंगू मलेरिया आदि रोगों से बचाव होता है।

दांतों को स्वस्थ रखने के लिए नीम का दातुन एक चमत्कारिक परिणाम देता है। इसके इस्तेमाल से दांतों में कीड़े नहीं लगते, मुंह से दुर्गंध नहीं आती है। लेकिन आज के फैशनेबल जमाने में दातून को जैसे लोग भूल ही गए हैं।

दांतों की बीमारियों के लिए नीम की कोपलों को पानी में उबालकर कुल्ला करने से दांतों के दर्द में आराम मिलता है।

नीम की पत्तियां चबाने से खून साफ होता है। और त्वचा में होने वाले इन्फेक्शन, दाद, खाज, खुजली आदि चर्म रोगों से निजात मिलती है।

चेचक में नीम की पत्तियां लाभकारी होती हैं। नीम की पत्तियों को उबालकर ठंडा करके नहाने से चेचक रोग और चर्म रोग के विषाणु नष्ट हो जाते हैं।

मलेरिया रोग में नीम की छाल का काढ़े में धनिया और सोंठ का चूर्ण मिलाकर पीने से लाभ मिलता है।

जहां नीम का पेड़ होता है वहां मच्छर नहीं पनपते और मलेरिया होने की का खतरा नहीं होता।

नीम के पत्ते जलाने से उसके धुंए से मच्छर नष्ट हो जाते हैं। नीम के फल और उसकी पत्तियों और उसके बीजों से निकाले गए तेल से शरीर की मालिश करने से शरीर में लाभ होता है।

चेहरे की सुंदरता के लिए नीम के पत्तों का बनाया गया लेप लगाने से चेहरा कोमल बनता है, और कील मुहासों से छुटकारा मिलता है।

बाल झड़ने में नीम के पत्ते और बेर के पत्ते दोनों को उबालकर ठंडा कर कर बाल धोने से बाल झड़ना बंद हो जाते हैं। और बाल काले और मजबूत रहते हैं।

नीम के तेल की 15 -10 बूंदों को रात को सोते समय दूध में डालकर पीने से ज्यादा पसीना आना और जलन होने की समस्या से छुटकारा मिलता है।

बवासीर में नीम के बीजों के चूर्ण को खाली पेट गुनगुने पानी के साथ लेने से लाभ होता है। यदि आपको कब्ज है तो नीम की निंबोली का चूर्ण बनाकर 12 ग्राम रात को गुनगुने पानी से लें कुछ दिनों तक लगातार इसका प्रयोग करें।

आपकी आंखें इससे मजबूत होती हैं और कब्ज दूर हो जाता है। लू लगने पर नीम के पंचांग यानी फूल, फल, पत्तियां, छाल, जड़ सभी का चूर्ण बनाकर पानी में मिलाकर पीने से गर्मी में लगने वाले रोग से निजात मिलती है।

जहरीले जानवर के काट लेने पर, बिच्छू के काटने पर नीम के पत्ते मसलकर काटे गए जगह पर लगाने से जलन कम होती है और जहर का असर धीरे धीरे कम होने लगता है।

नीम के फायदे, नीम के तेल का उपयोग

1 चर्म रोग में नीम बहुत ही चमत्कारिक असरदार परिणाम दिखाता है। फोड़ा फुंसी या घाव होने पर नीम के 25 ग्राम तेल में थोड़ा सा कपूर मिलाकर लगाने से लाभ मिलता है।

2 नीम के तेल की मालिश गठिया या सूजन में करने से आराम होता है। अनाज या कपड़ों या किताबों को दीमक, कीड़े मकोड़ों से बचाने के लिए उनमें नीम के पत्ते रखें तो कीड़े नहीं लगते।

3 जल जाने पर है- जले हुए जगह पर नीम की निंबोली का तेल लगाने पर लाभ मिलता है।

4 नीम का फूल और उसकी निम्बोली खाने से पेट से संबंधित सभी रोग ठीक हो जाते हैं।

5 बुखार होने पर नीम की जड़ को उबालकर पीने से बुखार उतर जाता है।

इसके अलावा बहुत सारे नीम के फायदे, नीम के तेल उपयोग हैं। यदि इस की कोमल पत्तियां रोजाना खाली पेट निराहार सुबह के वक्त ,अगर आप खाते हैं तो आपको ढेरों बीमारियों से छुटकारा अपने आप ही मिल जाता है। मधुमेह से लेकर ऐड्स कैंसर ना जाने किस किस तरह की बीमारियों का इलाज नीम के द्वारा संभव है। तो सिर्फ जरूरी है तो इसका नियमित तौर पर इस्तेमाल करने की अपनी दिनचर्या में इसको जरुर शामिल करें और इसका परिणाम देखें।