नीम के औषधीय गुण हैं

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नीम के पेड़ का उपयोग न सिर्फ आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धती में बल्कि विश्व की अन्य चिकित्सा प्रणालियों में बहुत पहले से उपयोग के कई प्रमाण मिले है | आज के इस आधुनिक युग में जहां दवाइयों-रसायनों आदि का प्रयोग दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है| नीम का वृक्ष आधुनिक युग में भी हमारे लिए एक वरदान से कम नहीं है। बल्कि आजकल इसका उपयोग बहुत सारी देसी और विदेशी कम्पनिया अपने उत्पादों में बहुत बड़ी मात्रा में कर रही है | नीम के वृक्ष का बॉटनी नाम (Azadirachta Indica ) है | नीम के हजारो सालो से अजमाए हुए अनेक औषधीय गुण हैं, जिन्हें नकारा नहीं जा सकता। बहुत सारे लोग अपने शरीर को स्वस्थ, सुडौल और आकर्षक कैसे बनाए रखने के लिए ब्यूटी पार्लर या रसायनयुक्त प्रसाधनों का सहारा लेते हैं, लेकिन दोनों ही रास्ते भरोसेमंद नहीं होते है | रसायनयुक्त आधुनिक प्रसाधन सामग्रियां कई बार फायदा पहुंचाने के बजाय नुकसान ही पहुंचाते हैं। किसी नकली या घटिया गुणवत्ता वाले प्रोडक्ट से तो कई स्त्री पुरुषो का रहा-सहा प्राकृतिक सौंदर्य भी जाता रहता है, लेकिन नीम के पेड़ (Neem Plant) से बने विभिन्न उपायों के प्रयोग से जहां धन और समय की बचत होती है वहीं आप अपने शरीर को भी प्राकृतिक रूप से स्वस्थ रख पाएँगे वो भी बिना किसी साइड इफ़ेक्ट के | तो आइये देखते है नीम के उपयोग से बने कुछ घरेलू नुस्खे जो आपके स्वास्थ और सौन्दर्य का ख्याल रखने में सहायक सिद्ध होंगे |

सौन्दर्य के लिए नीम के घरेलू उपाय  

  • मौसम के बदलने पर नीम की पत्तियों (neem leaves) को पीसकर उसका पानी निकालकर सेवन किया जाए तो खून साफ होता है व अनेक रोग दूर होते हैं।
  • नीम से बना घरेलू फेस पैक भी बहुत उपयोगी साबित होता है। नीम के पत्ते तथा दही और बेसन का पेस्ट बनाकर चेहरे पर फेस पैक की तरह लगाये । इससे जहां चेहरे का रंग खिल उठता है, वहीं चेहरे के दाग, मुंहासे भी नष्ट होते हैं।
  • पिम्पल्स दूर करने के लिए नीम के पत्तो और तुलसी के पत्तो को गुलाब जल में मिलाकर बारीक पीस लें फिर इस पेस्ट को फेस पैक की तरह लगाये यह एक बेहतरीन फेस पैक होता है |
  • तैलीय त्वचा के लिए नीम फेस पैक – दो चमम्च नीम पाउडर (neem leaf powder) लेकर उसमे आधा चमम्च नींबू का रस और थोड़ी सी दही मिलाकर त्वचा पर लगाये , यह अतिरिक्त त्वचा का तेल यानि सीबम को कम कर देता है जिससे तैलीय त्वचा ड्राई हो जाती है |
  • यदि मुंह पर कील-मुहांसे हैं और रंग भी सांवला है तो उसमें निखार लाने के लिए नीम की पत्तियों को सुखाकर उन्हें बारीक पीस लें। फिर उसमे मुल्तानी मिट्टी, नीम की पत्तियों का पाउडर, तीन-चार बूंद गुलाबजल डालकर पानी में घोलकर पेस्ट बना लें |अब इस पैक को प्रतिदिन नहाने से पहले चेहरे पर लगाएं तो कील-मुहांसे तो हटते ही हैं, साथ ही रंग भी साफ हो जाता है और चेहरे पर चमक भी आती है।
  • Neem Oil For Hair – बालों का झड़ना, उनका सफेद होना, बालों में रूसी होना एक आम समस्या है। यदि नाक में दो बूंद नीम का तेल डाला जाए तो बालों के झड़ने तथा उनके सफेद होने को रोका जा सकता है।
  • रूसी से छुटकारा पाने के लिए रात में नीम के तेल की मालिश सिर में करनी चाहिए। सुबह बालों को नीम के पानी से धो दें। यह नुस्खा हफ्ते में दो बार तीन माह तक करना चाहिए।
  • नीम के तेल का इस्तेमाल साबुन बनाने हेतु भरपूर होता है, इसलिए नीम से बने हर्बल साबुन इस्तेमाल करना चाहिए।

विभिन्न बीमारियों को ठीक करने के लिए नीम के नुस्खे

  • नीम की पत्तियों वाले पानी से नहाया जाए और वही पत्तियां शरीर पर रगड़ी जाएं तो त्वचा की खुजली, फोड़े-फुंसियां ठीक हो जाती हैं। त्वचा की कांति उभरती है तथा शारीरिक दुर्गन्ध भी नष्ट होती है। त्वचा दाग रहित होती है।
  • नीम की छाल (उपरी छिलका ) निकालकर किसी पत्थर पर घिस कर उस नीम पेस्ट (neem paste) को फुंसियो पर लगाया जा सकता है इससे जल्द ही आराम मिलता है |
  • नीम की पत्तियों को तेल में भूनकर गुनगुना होने पर फोड़े, फुंसी व चोट लगे स्थान पर लगाएं, तुरंत आराम मिलेगा।
  • दांतों की आम समस्याओ जैसे पायरिया ,दांतों का कीड़ा आदि को दूर करने के लिए ब्रश करने के बाद नीम के पत्तो का पेस्ट दांतों पर लगाये ,सोने से पहले रोजाना ऐसा करने से दांतों में कभी कीड़ा नहीं लगेगा |
  • मुंह से बदबू आने की समस्या के लिए पुदीने और नीम की पत्तियों को मिलाकर कुल्ला करे निश्चित की लाभ होगा |
  • पांच भाग वैसलिन के साथ एक भाग सूखे नीम की पत्ती से बना पाउडर मिलाकर उपयोगी मलहम घर में ही बनाया जा सकता है।
  • फिस्टुला से परेशान रोगी को नीम के तेल (Neem Oil ) में भिगोई बाती फिस्टुला पर लगानी चाहिए। इससे जख्म भरता जाएगा और मरीज को ऑपरेशन कराने की जरूरत नहीं होगी।
  • बवासीर के रोगी को नीम के फल (निंबोली) से बना मलहम प्रभावित जगह पर लगाना चाहिए।
  • नीम रक्तस्रावरोधक तथा रोगाणुनाशक होता है। शरीर के किसी भी हिस्से में खुजली होना, या किसी अंग का लाल हो जाना , सूज जाना, पेशाब में जलन, पेशाब में रुकावट-ऐसे रोगों में भी नीम बहुत ही प्रभावशाली औषधि साबित होता है। इस हेतु नीम के पत्तों के रस में निंबोली को घिसना चाहिए और इसको प्रभावित हिस्से पर लगाना चाहिए।
  • Benefits Of Neem Leaves – बच्चों को रोग हो जाए तो स्त्रियों की जिम्मेदारियां और बढ़ जाती हैं। इस मामले में भी नीम स्त्रियों की सहायता करता है। बच्चों को होने वाले छोटे–छोटे दाने ,खुजली की स्थिति में नीम उपयोगी सिद्ध होता है। नीम के बीजों का तेल प्रभावित हिस्से पर लगाया जाना चाहिए। नीम के पत्तों से बनी पेस्ट भी लगानी चाहिए। नीम साबुन से नहाना चाहिए। तकिया के नीचे नीम के पत्ते रखने चाहिए।
  • सिरदर्द की स्थिति में नीम के बीजों का पाउडर अगर माथे पर हल्के से रगड़ा जाए तो सिरदर्द गायब हो जाता है।
  • नीम की पत्तियों का रस आँखों में डालने से आँखों के संक्रमण रोग दूर हो जाते है |
  • ल्युकोरिया तथा डिसमेनोरिया (मासिक धर्म में तकलीफ, पेट दर्द, अनियमित तथा विरल मासिक धर्म) के समय दस ग्राम नीम के पत्ते के रस में एक बड़ा चम्मच भर शक्कर मिलाकर हर रोज सुबह सवेरे पीना चाहिए।
  • डायरिया, दस्त, कब्ज में भी नीम सहायक होता है। डायरिया तथा दस्त की स्थिति में एक छोटा चम्मच नीम के पत्तों का रस शक्कर के साथ दिन में तीन बार पीना चाहिए। इससे पेट भी साफ हो जाता है।
  • एक्जिमा के लिए – एक्जिमा एलर्जी की प्रतिक्रिया स्वरूप होता है, नीम का तेल लगाने से इस बीमारी में होने वाली सूजन को कम करने में मदद कर सकता हैं। यह त्वचा पर एक सुरक्षात्मक परत कि तरह काम करता है|
  • कब्ज होने पर दो-तीन ग्राम नीम पाउडर तथा 2 से 4 काली मिर्च दिन में तीन बार लेनी चाहिए।
  • पेट में कीड़े हो जाएं, नतीजतन भूख बहुत लगे या न लगे, वजन कम हो जाए, पेट में दर्द हो, तो एक ग्राम नीम के पत्तों का पाउडर (neem powder) गुड़ के साथ लें। पेट के कीड़ों से भी मुक्ति मिलेगी।
  • नीम फायलेरिया, मधुमेह (diabetes), रक्तचाप, त्वचा रोग, सफेद दाग, एलर्जी में भी बड़ा लाभप्रद सिद्ध होता है।
  • Neem Leaves Diabetes – मधुमेह के रोगी को एक बड़ा चम्मच नीम के पतों का रस खाली पेट सुबह सवेरे तीन माह तक लेना चाहिए। नीम के दस बारह पत्तो को चबाने से या पाउडर (neem powder) के सेवन करने से भी फायदा होता है।