धन नहीं रूकता तो बुधवार को करें भगवान गणेश का पूजन

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हिंदू धर्म में सप्ताह के प्रत्येक दिन को किसी न किसी देवता, गृह के साथ पूजा-अर्चना से जोड़ा गया है। इसी क्रम में बुधवार को बुध ग्रह के नाम से जोड़ा गया है। इस दिन बुध ग्रह का पूजन किया जाता है। बुधवार के दिन श्री गणेश की पूजा का प्रावधान है। साथ ही, बुध ग्रह की पूजा भी बुधवार को की जाती है। मान्यता है कि कुंडली में बुध ग्रह के अशुभ स्थिति में होने पर बुधवार को गणेश का पूजन करना लाभदायक होता है। हिंदू मान्यता के अनुसार अगर घर में धन नहीं रुकता, बेवजह धन व्यर्थ होता है, घर में क्लेश मचा रहता है, तो यह सब बुधवार को व्रत या पूजन से दूर किया जा सकता है। मान्यता है कि यह व्रत बुध ग्रह का अशुभ प्रभाव दूर करता है।

मान्यता है कि बुधवार का व्रत अंधेर यानी कृष्ण पक्ष की बजाए चांदन यानी शुक्ल पक्ष में रखने की शुरुआत करनी चाहिए। यह व्रत किसी भी माह के शुक्ल पक्ष के पहले बुधवार से करना शुभ माना जाता है। बुधवार का व्रत कम से कम 21 बुधवारों तक और ज्यादा से ज्यादा 41 बुधवारों तक करने से शुभ फल मिलता है। अन्य व्रतों की तरह इस व्रत में भी नमक का सेवन नहीं किया जा सकता।

हिंदू धर्म में हर देवता का कुछ न कुछ प्रिय आहार होता ही है। ठीक इसी तरह मान्यता है कि बुधवार को खाने में मूंग की दाल की पंजीरी या हलवा भोग लगाने से भागवान गणेश जल्दी खुश होते हैं। इस व्रत में दान को विशेष महत्व दिया जाता है। माना जाता है कि बुधवार का व्रत रखने के दौरान दान के बाद ही भोजन ग्रहण करना चाहिये।