दिल टूटना बन रहा जानलेवा

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दिल का टूटना भी हार्ट अटैक का एक बड़ा कारण है। इस कारण हो रही बीमारी का ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम है। एक अध्ययन के अनुसार लंबे समय तक दिल का टूटा रहना दिल को बेहद बीमार कर सकता है। एक साल के दौरान ब्रिटेन में करीब 3 हजार मरीज ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम से पीड़ित बताए गए जिसे आमतौर पर टाकोटसूबो सिंड्रोम भी कहा जाता है।

इस बीमारी के कारण दिल में एक लोटेनुमा आकृति बन जाती है। यह बीमारी सबसे ज्यादा महिलाओं को अपना शिकार बनाती है। जापान में एक ऑक्टोपॉस के नाम पर इस बीमारी का नाम पड़ा है क्योंकि यह उसी के आकार का होता है। भावनात्मक तनाव इस बीमारी के मुख्य कारण में से एक है। तलाक, प्यार में धोखा, किसी करीबी की मौत या फिर जीवनसाथी के साथ विवाद… ऐसी घटनाएं हैं जिनकी वजह से लोगों का खासतौर पर महिलाओं का दिल टूट जाता है।

रिसर्च के मुताबिक, अगर ज्यादा समय तक लोग दिल टूटने के दर्द के साथ जीते हैं तो उनमें इस बीमारी के लक्ष्य बढ़ जाते हैं जिसका इलाज भी आसान नहीं है। रिसर्च के मुताबिक इस बीमारी के कारण लोगों की मौत होने की बड़ी वजह मसल्स का कमजोर हो जाना है। इस रिसर्च में 52 ब्रोकन हार्ड सिंड्रोम से पीड़ित मरीजों को 4 महीने तक निगरानी में रखा गया।
इस टीम ने पाया कि एक बार बीमारी डायग्नोज़ हो जाती है तो हार्ट की स्थिति पता चल जाती है।

इस बीमारी में इंसान का दिल कैसे काम करता है इस बारे में रिसर्च में बहुत कुछ सामने आया है। डॉ डॉसन बताते हैं, ’जो मरीज इस बीमारी से पीड़ित हैं उनमें बगैर किसी ईलाज कैसे परिवर्तन आता है इसके बारे में ही रिसर्च की गई है। इसमें हमने पाया है कि यह बीमारी हार्ट को काफी हद तक डैमेज कर देती है। आंकड़ें भी कहते हैं कि डायग्नोज़ होने के 5 साल के भीतर इस बीमारी से मरने वालों की संख्या 17 फीसदी तक है।’ जबकि ब्रिटेन में इस बीमारी से 90 फीसदी महिलाएं पीड़ित हैं।

फाउंडेशन के प्रफेसर मैटीन बताते हैं कि इस रिसर्च के परिणामों के बाद यह सच्चाई सामने आ चुकी है कि इस बीमारी के इलाज को लेकर दुनिया भर में रिसर्च की जरूरत है। साथ ही लोगों को भी ऐसी बीमारी से बचने के लिए जागरूक होने की जरूरत है।