तितली आसन करने की विधि और लाभ

0
52

आज हम बात कर रहे हैं तितली आसन की जिसे अंग्रेजी में बटरफ्लाई के नाम से जाना जाता है। इस आसन में आप अपने घूटनों को तितली की तरह हिलाते हैं। यह योग में बहुत ही सरल आसन है, लेकिन इसके फायदे अनेक है। महिलाओं के लिए यह आसन बहुत ही प्रभावशाली है। आइए जानते तितली आसन करने की विधि और लाभ।

तितली आसन करने की विधि

1. किसी समतल जगह पर सबसे पहले चटाई बिछाकर बैठ जाइए, फिर उसके बाद अपने दोनों पैरों को सामने की ओर फैला लें।

2. अब अपने घुटनों को मोड़ते हुए दोनों तलवों को ज्यादा से ज्यादा नजदीक लाने की कोशिश करें, फिर उसे मिला दीजिए। ध्यान रखें कि इस दौरान दोनों पैरों के तलवे एक-दूसरे से जुड़े रहें।

3. इस स्थिति में आने के बाद दोनों हाथों से पैरों की अंगुलियों को कसकर पकड़ें ताकि वह अलग न हो सकें। इसके अलावा अपनी एड़ी को शरीर के करीब लाने की कोशिश करें।

4. अब लंबी सांस लेते हुए अपनी जांघों को नीचे फर्श की ओर ले जाएं, और धीरे-धीरे इसे तितली के पंखों की तरह हिलाना शुरू करें।

5. ये ध्यान दीजिए कि जब यह आसन करें, तो रीढ़ की हड्डी या शरीर पूरी तरह से सीधा हो। इसे झटके के साथ नहीं करें।

6. इस आसन को कम से कम 20 से 25 बार दोहराएं।

7. कुछ देर करने के बाद सांस बाहर छोड़ते हुए वापस सामान्य मुद्रा में लौट आएं।

तितली आसन करने के लाभ

1. यह दर्द और जांघों की स्ट्रेचिंग के लिए सर्वश्रेष्ठ व्यायाम माना जाता है।
2. तितली आसन कूल्हों और जांघों को खोलने में मदद करता है और लचीलेपन में सुधार करता है।
3. यह आसन तनाव और थकान से राहत पाने के लिए एक अच्छा आसन माना जाता है।

महिलाओं के तितली आसन के फायदे

  •  यह प्रजनन और पाचन अंग को उत्तेजित करता है।
  •  महिलाओं के लिए इस तितली आसन अच्छा माना जाता है। इसे करने से डिलवरी के समय दर्द कम होता है।
  •  यह मासिक धर्म से संबंधित कई असुविधा और दर्द को कम करने में मदद करता है।
  •  रजोनिवृत्ति के बाद लड़कियों के लिए बहुत उपयोगी आसन है।
  •  तितली आसन के करने से गुर्दे, मूत्राशय, अंतःस्रावी ग्रंथि, और अंडाशय स्वस्थ्य रहते हैं।
  •  तितली आसन का नियमित अभ्यास प्राकृतिक प्रसव से संबंधित दर्द को आसान बनाने में मदद करेगा।
  •  गठिया व जोड़ों के दर्द में इस आसन को करने से काफी आराम मिलता है।
  • जिन लोगों का काम पूरे दिन खड़ा रहना है उनके के लिए तितली आसन बहुत ही लाभकारी है। अधिक देर तक खड़े रहने या चलने के बाद तितली आसन करने से थकान दूर हो जाती है।
  •  इस आसन के करने से शरीर और मांसपेशियां लचीली बनती है। जिससे आपको पैर को मोड़कर बैठने में दिक्कत नहीं आएगी।

तितली आसन में सावधानियां यदि आपको हाल में कोई चोट लगी हो, सर्जरी या किसी पूर्व-मौजूदा चिकित्सा स्थिति में पीड़ित हैं, तो तितली आसन को करने की कोशिश न करें। जिन लोगों को कमर के नीचले हिस्से में दर्द हो वो तितली आसन का अभ्यास न करें। इसके अलावा इस आसन को करते समय पैरों को ज्यादा जोर से नहीं हिलाएं। योग का कोई भी प्रयास करने से पहले किसी डॉक्टर से जरूर सलाह लें।

महत्त्वपूर्ण सुचना: यहाँ दी गई जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हरसम्भव प्रयास किया गया है। यहाँ उपलब्ध सभी लेख पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए है और इसकीनैतिक जि़म्मेदारी www.braahmi.com  की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपनेचिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। आपका चिकित्सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्प नहीं है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here