तनाव रहित करने में सहायक हैं पालतू कुत्ते

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नई दिल्ली । वह जमाना लद गया, जब पेट्स दिखावटी चीज हुआ करते थे। समय के साथ यह रिश्ता बदल गया है। पेट्स आजकल घर परिवार का हिस्सा ही नहीं बन गए हैं, अब आफिस भी उनकी जद में आ गया है। अध्ययन भी पुष्टि करते हैं कि पालतू पशुओं के साथ मनुष्य का रिश्ता समय के साथ बदल रहा है। अध्ययन में सामने आया है कि कुत्ते से आपका रिश्ता न केवल आपको तनाव रहित करता है, बल्कि आपकी सृजनात्मकता को भी बढ़ाता है। चतुर और कार्लोस इन दिनों अपनी मौज-मस्ती के अलावा एक नेक काम करने में व्यस्त हैं। दोनों चंडीगढ़ की कंपनी ब्लू ब्लॉक्स में काम करने वाले सूचना तकनीकि विशेषज्ञ को तनाव रहित करने की जिम्मेदारी भी उठाते हैं। ऐसे समय में जबकि तनाव हमारी जीवनशैली का हिस्सा बन गया हो, यह बात क्या किसी अचछी खबर से कम है कि पेट्स से निकटता तनावमुव्त रखने में सहायक होती है।

कंपनी के सह संस्थापक सार्थक जब बीगल नश्ल के दो कुत्तों चतुर और कार्लोस को घर लाए थे, तो उन्हें बिल्कुल उम्मीद नहीं रही होगी कि ये उनके कितने अच्छे सहयोगी साबित होने वाले हैं। घर पर कोई देखभाल करने वाला नहीं होने के कारण परिजनों के सुझाव पर सार्थक ने उन्हें आफिस ले जाना शुरू किया। कुछ दिन आफिस आने के बाद दोनों कुत्ते आफिस स्टाफ से घुल मिल गए और स्टाफ को भी प्रशिक्षण दिया गया कि वे उनके साथ कैसे पेश आएं। इस तरह चतुर और कर्लोस इस कंपनी का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गए। वे अपनी हरकतों से कर्मचारियों को काम के तनाव से मुव्त करते हैं। कंपनी के मालिक सार्थक भी स्वीकार करते है कि इससे उनके कर्मचारियों की काम करने की क्षमता में बढ़ोतरी हुई है।

गुडग़ांव की एक कंपनी है- फर बॉल स्टोरी। इस कंपनी में मौजूद कुत्ते ऑफिस, स्कूल, हॉस्पिटल, घर जाकर इंसानों से प्यार और अपनेपन का रिश्ता जोड़ते हैं। इस नए रिश्ते से जुड़कर लोग अपनी परेशानी भुलाकर दोगुने उत्साह के साथ अपनी जिंदगी जीने लगते है। कंपनी के सह संस्थापक अनिमेश कटियार बताते हैं कि जब वे सिंबायोसिस के नोएडा कैंपस से लॉ कर रहे तो, तब वहां के निदेशक परिसर में दो लैब्राडोर नश्ल के कुत्ते लेकर आए। इसके बाद यहां के छात्रों की उपस्थिति में सुधार देखने को मिला। जो छात्र पढ़ाई की वजह से घर से दूर रह रहे थे, उनके घर के प्रति अतिरिव्त आग्रह में कमी आयी। उन्होंने स्वीकार किया कि मैंने स्वयं में भी बदलाव देखा है। मैं और मेरे अन्य दोस्त जो कालेज जाने से जी चुराते थे, अब नियमित रूप से कालेज जाने लगे। मैं स्वीकार करता हूं कि उन दोनों कुत्तों ने मेरी जिंदगी बदल कर रख दी है।