डेंगू के मरीज दर्द निवारक दवाएं स्वयं न ले

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नई दिल्ली । दिल्ली सरकार ने एस्प्रिन, डिस्प्रिन, ब्रूफेन व वॉब्रोन जैसी दर्द निवारक दवाओं की खुली बिप्री पर रोक लगा दी है। यह रोक डेंगू के मरीजों को ध्यान में रखते हुए लगाई गई है। इसलिए दिल्ली में अब इन दवाओं को खरीदने के लिए मरीज को डॉक्टरी प्रिस्प्रिप्शन (पर्चा) दिखाना जरूरी होगा। दरअसल डेंगू होने पर मरीज को तेज बुखार के साथ-साथ हाथ-पैरों और शरीर में दर्द होता है।

साथ ही उसकी प्लेटलेट्स में कमी आने लगती है। ऐसे में जब व्यव्ति अपनी मर्जी से इन दवाओं को दर्द निवारक के तौर पर लेता है तो उसकी प्लेटलेट्स में अधिक तेजी से कमी आने पर स्थिति सुधरने की बजाय और गंभीर हो जाती है। डेंगू पीडित मरीजों के अलावा भी यदि कोई मरीज इन्हें रोजाना लेता है तो एलर्जी, पेट में अल्सर या किडनी संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। एसिडिटी, प्लेटलेट्स व शरीर में रव्तकी कमी, पेट में अल्सर या किसी अन्य प्रकार का जख्म होने पर दर्द निवारक दवाओं को विशेषज्ञ के परामर्श से ही लेना चाहिए।