डायबिटीज में क्या खाए और क्या नहीं

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Diabetic Diet Plan शुगर को बढ़ने से रोकने तथा नियंत्रण और यहां तक कि काफी हद तक पूरी तरह से ठीक करने में काफी सहायक सिद्ध हो सकता है | एक Diabetic Patient को अपने भोजन को चुनने में बहुत सावधानी बरतनी चाहिए,जैसे कैलोरी और कार्बोहाइड्रेट कम से कम लेना चाहिए |

इसलिए हम आपको बता रहे है एक आदर्श Diabetic Diet Plan जिसमे यह बताया गया है की मधुमेह से पीड़ित रोगी क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए | साथ ही साथ इससे उन लोगो को भी लाभ मिलेगा जो इस बीमारी से बचना चाहते है, क्योंकि “क्या न खाए” भाग में जिन चीजो को रखा गया है उनकी मात्रा आज ही अपनी थाली से कम करे , क्योंकि एक सही डायबिटीज डाइट इस रोग को काबू करने में काफी मदद करती है | वैसे भी रोगों से बचाव ही सबसे अच्छा उपचार होता है |

मधुमेह का एक संक्षिप्त परिचय -> शरीर में Pancreas Gland से इन्सुलिन न बनने के कारण मधुमेह रोग उत्पन्न होता है। यह हार्मोन शरीर में सेवन की गई चीनी का पाचन कर उसे ऊर्जा में परिवर्तित करता है और रक्त में ग्लूकोज की मात्रा एक निश्चित स्तर से अधिक नहीं बढ़ने देता। बाकि बची हुई फालतू शुगर की मात्रा इंसुलिन द्वारा ही ग्लाइकोजन में परिवर्तित करके पेट और मांसपेशियों में एकत्रित कर दी जाती है। आमतौर पर खाली पेट में रक्त की शुगर का स्तर 80 से 120 मिली ग्राम प्रति 100 सी.सी. के बीच होता है और खाना खाने के बाद यह स्तर 100 से 140 मिलीग्राम हो जाता है। अकसर यह रोग महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों में, गरीबों की अपेक्षा अमीरों में तथा 35 से 60 वर्ष की आयु वालों में अधिक होता है। वैसे वंशानुगत (Hereditary Disease) की श्रेणी में आने कारण से यह रोग किसी भी आयु में हो सकता है। यानि जिनके माता-पिता या दादा-दादी को मधुमेह रोग रहा हो तो उन्हें तो बचपन से ही इस रोग के प्रति जागरूक हो जाना चाहिए और समय-समय पर अपनी जाँच करवाते रहना चाहिए |

Diabetic Diet Plan के अनुसार क्या खाना चाहिए

Diabetic Diet में ज्यादा फाइबर युक्त भोजन -जैसे छिलके सहित पूरी तरह से बनी हुई गेहूं की रोटी, जई इत्यादि जैसे जटिल कार्बोहाइड्रेट शामिल होनी चाहिए, क्योंकि वे खून के प्रवाह में धीरे-धीरे मिल जाते हैं। इस प्रकार Insulin उत्पादित Glucose का बेहतर ढंग से सामना कर सकती है।

गेहूं और जौ 2-2 किलो की मात्रा में लेकर एक किलो चने के साथ पिसवा लें। ऐसे चोकर सहित आटे की बनी चपातियां भोजन में खाएं। इसे अपने Diabetic Diet में अवश्य शामिल करें |

मधुमेह रोगियों के लिए आहार के अंतर्गत सब्जियों में करेला, मेथी, सहजन , पालक, तुरई, शलगम, बैंगन, परवल, लौकी, मूली, फूलगोभी , broccoli , टमाटर , बंदगोभी , Tofu, सोयाबीन की मंगौड़ी, जौ, बंगाली चना, काला चना, दालचीनी, पत्तेदार सब्ज़ियां शामिल करें तथा इन सब्जियों से बने पतले सूपों का जितना चाहें उतना सेवन करें।

मधुमेह में फल (Fruit For Diabetes Patient )- फलों में जामुन, नीबू , आंवला टमाटर, पपीता , खरबूजा , कच्चा अमरुद, संतरा, मौसमी, ककड़ी ,चुकन्दर , मीठा नीम, बेल का फल, जायफल , नाशपाती को शामिल करें। आम ,पका केला ,सेब, खजूर तथा अंगूर में शुगर होता है, लेकिन क्योंकि फलों में फाइबर ज्यादा होता है इसलिए ये अच्छे शुगर की केटेगरी में आते है | जिनको हाई लेवल मधुमेह नहीं है वो इनको कम मात्रा में ले सकते है| इनका जूस बिल्कुल ना पियें क्योंकि उससे फाइबर निकल जाते है |

मेथी दाना (बीज) 25 से 100 ग्राम तक प्रतिदिन सुबह खाली पेट या सब्जी बनाकर, आटे में मिलाकर अथवा दाल के साथ नियमित रूप से खाएं।

मक्खन एवं पनीर के बजाय नमक के पानी में डिब्बाबंद मशरूम, Salmon Fish के साथ उबले आलू का उपयोग करें।
खाने से पहले एक कटोरी सलाद जरुर लें।

Diabetic Diet में बादाम , लहसुन , प्याज, अंकुरित दाले , अंकुरित छिलके वाला चना , सत्तू, बाजरा आदि शामिल करे |

कमजोरी दूर करने के लिए हरा कच्चा नारियल, अखरोट, मूंगफली के दाने, काजू, सोयाबीन, मटन का सूप, दही, छाछ का सेवन करें।

इंसुलिन के बनने में क्रोमियम की कमी से रुकावट आती है। इसलिए इसकी कमी को पूरी करने के लिए फूलगोभी, मशरूम, चोकर सहित खड़े अनाज, खमीर, सूखे मेवे यानि ड्राई फ्रूट्स अधिक खाएं और दालचीनी (cinnamon), अजमोद का भी सेवन करें।

फलों का ताज़ा जूस न पीए इसकी बजाय फल खाएं क्योकि उसमे ज्यादा फाइबर होता है !

मधुमेह से ग्रस्त रोगियों को अधिकतर ताजी, हरी सब्जियां खानी चाहिए । प्रत्येक भोजन के साथ सलाद जरुर लेना चाहिए । खाने में आधिक मात्रा में फल एवं सब्जियां लेने से शरीर में अधिक पानी पहुंचता है। पानी की भरपूर मात्रा गुर्दों एवं यूरिन उत्सर्जन तंत्र के लिए आवश्यक है ।

आहार प्रबंधन और Diabetic Diet के माध्यम से अपना वज़न पर नियंत्रित रखें। एक संतुलित आहार का मुख्य गुण यह है कि उसमे भोजन की प्रकृति व्यक्ति विशेष की जरुरत के हिसाब से बदल जाती है ।

भोजन एक बार में न कर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में 4-5 बार करें।

किसी भी समय का भोजन न छोड़ें तीन बार बराबर-बराबर भोजन ले और यदि आवश्यकता हो तो शाम को हल्का नाश्ता ले |

चीनी रहित चाय, कॉफी, दूध का सेवन करें। मिठास के लिए “Artificial Sweeteners” या शूगर फ्री गोलियां उपयोग में लें सकते है।

भोजन ठीक से चबा चबाकर खाएं, फ़ूड विशेषज्ञ इस बात की सलाह देते हैं कि , प्रत्येक खाने का ग्रास पंद्रह बार चबाया जाना चाहिए |

ख़ाली पेट न रहें और लिए जाने वाले भोजन की कुल मात्रा में कमी लाएं एवं नियमित रूप से व्यायाम करें।

यदि आप अपनी सीमा से ज़्यादा खा लेते हैं तो अगले समय के भोजन में थोडा कम खाए |
आप Diabetic Diet में शहद और गाजर को कम मात्रा में शामिल कर सकते है क्योकि ये “Good Sugar Substitutes” श्रेणी में आते है | लेकिन इसके लिए अपने चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें क्योंकि यह Diabetes के विभिन्न Types पर निर्भर करता है |

ठीक इसी प्रकार मधुमेह में गुड़ को लेकर अक्सर लोगो में शंका बनी रहती है | डायबिटीज में गुड खाने की सलाह नहीं दी जाती है लेकिन glycemic index के अनुसार गुड निश्चित रूप से refined sugar यानि चीनी से बेहतर होता है | लेकिन इसको आप अपनी डाइट में कितनी मात्रा शामिल कर सकते हैं ? या शामिल कर भी सकते हैं या नही ? यह आपके शुगर लेवल, डाइट चार्ट और आपकी कैलोरी की जरुरत पर निर्भर करता है | जो निश्चित रूप से सभी के लिए अलग- अलग होता है | वैसे आपके डॉक्टर आपको गुड लेने की सलाह दें तो तिल और गुड मिलाकर खाना बेहतर होता है |