ठंड में जोड़ो का दर्द करता है परेशान? तो ‘हरसिंगार’ दिलाएगा राहत

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मौसम बदलते ही बहुत सारी समस्‍याएं हमें घेरने लगती हैं, लेकिन सबसे ज्‍यादा परेशानी जोड़ों के दर्द से ग्रस्‍त लोगों को होती है क्‍योंकि सर्दी में जोड़ों के दर्द की तकलीफ बढ़ जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसा इसलिए होता है क्‍योंकि ठंड के मौसम में हमारी रक्त नलियां संकुचित हो जाती हैं, इसलिए जोड़ों का दर्द बढ़ जाता है।

सर्दियों ने अभी हल्‍की सी ही दस्‍तक दी है लेकिन लोगों के लिए परेशानियों का दौर शुरू हो गया। लेकिन सबसे ज्‍यादा परेशानी जोड़ों के दर्द से ग्रस्‍त लोगों को होती है क्‍योंकि सर्दी में जोड़ों के दर्द की तकलीफ बढ़ जाती है। माना जाता है कि बदलते मौसम में सबसे ज्‍यादा परेशानी उम्रदराज लोगों को झेलनी पड़ती है। लेकिन अब ऐसा नहीं है। आज जोड़ों का दर्द एक ऐसी समस्या बन गया है कि इससे कोई भी अछूता नहीं रहा। जैसे-जैसे मौसम में ठंडक बढ़ती जा रही है, तकरीबन लोगों में जोड़ों के दर्द की परेशानियां भी बढ़ती जा रही हैं।

सर्दी में क्‍यों बढ़ती है जोड़ों में दर्द की समस्‍या

जोड़ों के दर्द से परेशान लोगों की मुश्किलें सर्दी के मौसम में और भी बढ़ जाती हैं। डॉक्टरों का मानना है कि ऐसा इसलिए होता है कि जैसे-जैसे तापमान में कमी आती है, जोड़ों की रक्तवाहिनियां सिकुड़ने लगती हैं और उस हिस्से में रक्त का तापमान कम हो जाता है। इससे जोड़ों में अकड़ाहट बढ़ जाती है और दर्द होने लगता है। इसके अलावा यह भी मानना है कि ठंड के मौसम में दिल के आसपास रक्त की गर्माहट बनाए रखने के लिए शरीर के अन्य अंगों में रक्त की आपूर्ति कम हो जाती है, जिस कारण जोड़ों में दर्द बढ़ जाता है। लेकिन आप परेशान न हो क्‍योंकि आपकी इस समस्‍या को दूर करने के लिए हम आपके लिए एक रामबाण इलाज लेकर आये हैं।

जोड़ों में दर्द के लिए हरसिंगार

जी हां, सर्दियों में जोड़ों के दर्द की समस्‍या से बचने के लिए आप हरसिंगार का प्रयेाग कर सकते हैं। हरसिंगार जिसे पारिजात और नाइट जैस्मिन भी कहते हैं, एक सुन्दर वृक्ष होता है, जिस पर सुन्दर व सुगन्धित फूल लगते हैं। इसके फूल, पत्ते और छाल का उपयोग औषधि के रूप में किया जाता है। यह सारे भारत में पैदा होता है। यहां तक कि आपको इसके पौधे अपने घर के आस-पास भी देखने को मिल जाएंगे। इस पेड़ के पत्‍ते जोड़ों के दर्द को दूर करने में आपकी मदद कर सकते हैं। इसके पत्तों में टेनिक एसिड, मैथिल सिलसिलेट और ग्लूकोसाइड होता है ये द्रव्य औषधीय गुणों से भरपूर हैं।

कैसे करें उपयोग

  • हरसिंगार के पांच पत्तों को पीसकर पेस्ट बना लें।
  • इस पेस्ट को एक गिलास पानी में मिलाकर धीमी आंच पर पकाएं।
  • जब पानी आधा रह जाये तब इसे पीने लायक ठंडा करके पियें।
  • इस काढ़े का सेवन सुबह खाली पेट करें।
  • इससे वर्षों पुराने अर्थराइटिस के दर्द में भी निश्चित रूप से लाभ होता है।

इन बातों का ध्‍यान रखें

  • निस्संदेह यह उपाय जोड़ों के लिए अमृत की तरह काम करता है। लेकिन इसको लेने के साथ कुछ बातों का ध्‍यान रखना चाहिए।
  • ध्यान रहे पानी पीने के समय हमेशा बैठ के पीना चाहिए नही तो ठीक होने में बहुत समय लगेगा।
  • ये औषधि बहुत ही तेज और विशेष है इसलिए इसे अकेला ही लेना चाहिये, इसके साथ कोई भी दूसरी दवा न लें नही तो तकलीफ होगी।
  • रोजाना नया काढ़ा बनाकर पीना चाहिए।

अन्‍य उपाय

  • सर्दियों में पूरे कपड़े पहनें जिससे जोड़ों को हवा ना लगे। गर्म कपड़े पहनने से उन्हें ठंडी हवा नहीं लगेगी और आपको दर्द से थोड़ी राहत मिलेगी।
  • नियमित रूप से व्यायाम करना न भूलें। व्यायाम से शरीर में रक्त का संचार व्यवस्थित होता है, जिससे शरीर का तापमान संतुलित रखने में मदद मिलती है।
  • खाने में कैल्शियम, प्रोटीन और मिनरल्स प्रचुर मात्रा में शामिल करें।