जोड़ों के दर्द से परेशान हो चुके तो एक बार ये पोस्ट ज़रूर पढ़ें और शेयर करना ना भूले

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हम आपको जोड़ो के दर्द, घुटनो के दर्द और गठिया के लक्षण और कुछ आसान लेकिन कारगर घरेलु उपाय के बारे में बताएँगे। गठिया रोग को आमवात, संधिवात आदि नामों से भी जाना जाता है। इस रोग में सबसे पहले शरीर में निर्बलता और भारीपन के लक्षण दिखाई देते हैं। इस रोग के होने पर हाथ के बीच की उंगलियों में दर्द होता है। अगर इसका इलाज नही किया जाता तो हाथ की दूसरी उंगलियों में भी सूजन व दर्द होने लगता है। गठिया रोग होने पर शरीर की हडि्डयों में दर्द होता है, जिसके कारण रात को रोगी सो भी नहीं पाता है।
आजकल की बदलती जीवनशैली में ज्यादातर लोगों को जोड़ों के दर्द की शिकायत है। यूं तो जोड़ों के दर्द की समस्या एक उम्र के बाद ही सामने आती है लेकिन कितना अच्छा हो अगर आप शुरुआत से ही इसके प्रति सचेत रहें। गठिया की समस्या हो जाने पर पूरी लाइफस्टाइल अस्त-व्यस्त हो जाती है। पर आप चाहें तो सही खानपान की मदद से इस परेशानी को आने से रोक सकते हैं. आपने अपने घर में भी दादा-दादी, नाना-नानी को जोड़ों के दर्द से परेशान होते देखा होगा। अगर आप चाहते हैं कि ये समस्या आपको न हो तो आज से ही अपने आहार में इन चीजों को अनिवार्य रूप से शामिल करें।

इनके लक्षण :

भोजन का अच्छा न लगना, अधिक आलस आना, बुखार से शरीर के विभिन्न अंगों में सूजन, कमर और घुटनों में तेज दर्द जिसके कारण रोगी रात को सो नही पाता है आदि गठिया रोग में होने वाले लक्षण है।
इसके अलावा इस रोग में रोगी के हाथ-पांव की अंगुलियों में सूजन होती है जिससे अंगुलियां सीधी नही होती है, शरीर के दूसरे भागों में सूजन व दर्द रहता है। इस रोग के होने पर जोड़ो व मांसपेशियों में दर्द रहता है।
गठिया, जोड़ो का दर्द और हड्डियाँ मज़बूत करने का घरेलु उपाय :

पीपल और बेलिया : पीपल और बेलिया के पत्ते व छाल को एक साथ पीसकर लेप बना लें। इसका लेप अंगुलियों व घुटनों पर करने से अंगुलियों व घुटनों की हड्डियां मजबूत होती है।

दौ चुटकी चूर्ण : घुटनों के दर्द में त्रिफला, पीपल की जड़, सोंठ, कालीमिर्च और पीपल को 10-10 ग्राम की मात्रा में लेकर पीसकर चूर्ण बना लें। यह 2 चुटकी चूर्ण शहद के साथ सुबह-शाम लेने से घुटनों का दर्द दूर हो जाता है।

पीपल के पेड़ की छाल : 10 ग्राम पीपल के पेड़ की छाल का काढ़ा बनाकर उसमें शहद डालकर सेवन करने से गठिया रोग ठीक हो जाता है।

प्याज और लहसुन : लहसुन के सेवन से जोड़ों के दर्द में काफी आराम मिलता है। विशेषज्ञ भी मानते हैं कि प्याज और लहसुन में कई ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो जोड़ों के दर्द में फायदेमंद होते हैं। इनके नियमित सेवन से जोड़ों के दर्द की शिकायत होने का खतरा काफी कम हो जाता है।

बादाम और मूंगफली : विटामिन ई जोड़ों के दर्द के लिए बहुत फायदेमंद होता है। खासतौर पर बादाम में पाया जाने वाला ओमेगा 3 फैटी एसिड सूजन और गठिया के लक्षणों को कम करने में मददगार होता है। बादाम के अलावा मूंगफली में भी पर्याप्त मात्रा में ओमेगा 3 फैटी एसिड पाया जाता है।

पपीता : पपीते में बड़ी मात्रा में विटामिन सी पाया जाता है। विटामिन सी न केवल इम्यून सिस्टम को बेहतर बनाता है बल्क‍ि ये जोड़ों की सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद है।

एप्पल साइडर विनिगर और ब्रोकली : एक ग्लास पानी में एप्पल साइडर विनिगर मिलाकर पीने से जोडों के दर्द में फायदा मिलता है। इसके अलावा ब्रोकली खाने से भी गठिया में आराम मिलता है। ब्रोकली में कई ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो जोड़ों की सेहत लंबे समय तक बरकरार रखते हैं।

एक्सरसाइज : इसके अलावा सही साइज के जूते पहनकर, एक्सरसाइज करके और मोटापे को नियंत्रित रखकर भी आप जोड़ों के दर्द से राहत पा सकते हैं।

गठिया में इन पदार्थों का भोजन ले : एक वर्ष पुराने चावल, एरण्डी का तेल, पुरानी शराब, लहसुन, करेला, परवल, बैंगन, सहजना, लस्सी, गोमूत्र, गर्म पानी, अदरक, कड़वे एवं भूख बढ़ाने वाले पदार्थ, साबूदाना, तथा बिना चुपड़ी रोटी का सेवन करना गठिया रोग में लाभकारी है।

इस रोग में फलों का सेवन और सुबह नंगे पैर घास पर टहलना रोगी के लिए लाभकारी होता है। गठिया रोग में रात को सोते समय एक गिलास दूध में जरा-सी हल्दी डालकर पीने से लाभ मिलता है