जानिए बिक्रम योगा की विधि और लाभ

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आज योग को पुरे विश्व में अपनाया जा रहा है| योग का अभ्यास हमारे अच्छे स्वास्थ्य की कुंजी है| योग हमारे शरीर के कार्य को सही कर कई शाररिक समस्याओ को ठीक कर देता है| योग से तनाव दूर होता है जिसके चलते योग करने वाले व्यक्ति में सकारात्मकता आती है|

योग से ना केवल अच्छे स्वास्थ्य का तोहफा मिलता है बल्कि सुन्दरता भी आती है| शरीर का शेप अच्छा बनता है, चेहरे पर ग्लो आता है, बाल झड़ना बंद होते है आदि| योग के अंतर्गत आने वाले कई आसन कई तरह के लाभ पहुचाता है|

कुछ आसन शरीर की चर्बी घटाते है, कुछ आसन रक्त का प्रवाह ठीक करते है, कुछ आसनों को करने से तनाव दूर होता है आदि| लेकिन इस भागदौर भरी जिंदगी में हर किसी के पास इतना वक्त नहीं है की हर चीज़ का लाभ पाने के लिए कई आसन करे|

इस समस्या का निदान प्रसिद्ध योग गुरु श्री बिक्रम चौधरी जी ने किया| 1990 में इन योग गुरु ने एक ऐसी योग क्रिया बनाई, जिससे आपको कई योग क्रियाओ का लाभ मिल सके| इस सम्मिलित योग क्रिया का नाम भी योग गुरु बिक्रम चौधरी के नाम पर ही बिक्रम योगा रखा गया| आइये आज के लेख में विस्तार से जानते है

जानिए बिक्रम योगा की विधि और लाभ

बिक्रम योगा, योग की कोई स्पेशल ब्रांच नहीं है| बल्कि कुछ आसनों का संग्रह है| दरहसल बिक्रम जी ने योग आसनों को एक साथ मिलाकर 90 मिनट का एक योग सत्र बनाया है जिसे बिक्रम योग कहा जाता है| यह योग सत्र का अभ्यास आपके शरीर के अंगो को स्वस्थ और क्रियाशील बनाने में मददगार है|

90 मिनट के इस योग सत्र को कमरे के अन्दर किया जाता है और उस का तापमान चालीस डिग्री सेंटीग्रेड या उससे भी कुछ ऊपर रखा जाता है| ऐसा इसलिए किया जाता है की जब भी इस योग को किया जाये तब बहुत ज्यादा पसीना आये| यह योग क्रिया को बहुत अधिक गरम वातावरण में किया जाता है इसीलिए इसे हॉट योगा के नाम से भी जाना जाता हैं|

बिक्रम योगा के अन्दर निम्नलिखित 26 योग आसन आते है:-

  • प्राणायाम (गहरी श्वास प्रक्रिया)
  • अर्द्ध चंद्रासन
  • उत्कट आसन
  • गरुड़ आसन (ईगल मुद्रा)
  • जनुशिरासन
  • दंडयमना धनुरासन
  • तुलादंड आसन
  • पश्चिमोतोनासन
  • त्रिकोणासन (त्रिभुज मुद्रा)
  • विभाक्तपद-जनुशिरासन
  • ताड़ासन (ट्री मुद्रा)
  • पदुन्गास्तासन
  • सवासन
  • पवनमुक्तासन
  • बैठना-खड़ा होना
  • भुजंगासन (कोबरा पोज)
  • शलभासन
  • पूर्ण-शलभासन
  • धनुरासन (बो मुद्रा)
  • सुप्त-वज्रासन
  • अर्द्ध-कुर्मासन
  • उस्तासन (ऊंट मुद्रा)
  • शशकासन
  • जानुशिरासन के साथ पश्चिमोतोनासन
  • अर्द्ध-मत्स्येन्द्रासन
  • कपालभाती

बिक्रम योगा के लाभ

  • इस योग क्रिया को करने से पसीना आता है| इसलिए वजन घटाने में भी यह मददगार है|
  • बिक्रम योगा के नियमित अभ्यास शरीर लचीला बनता है और स्फूर्ति आती है|
  • यह योग क्रिया शरीर को डेटॉक्स करने के लिए बहुत अच्छी है| इसे करते वक्त जब शरीर से पसीना निकलता है तो सारे विषेले पधार्थ भी निकल जाते है|
  • बिक्रम क्रिया का अभ्यास गरम स्थान पर किया जाता है जिसके चलते पुरे शरीर की सिकाई हो जाती है| इसलिए यदि मांसपेशियों में दर्द हो तो बहुत आराम मिलता है|
  • यह आपकी पुरानी चोटों को ठीक करता है और भविष्य में उन्हें होने से रोकता है|
  • इससे पेट से जुडी कई बिमारी ठीक हो जाती है, जो की अच्छे स्वास्थ्य के लिए बहुत जरुरी है|
  • इसमें 26 योग आसनों का सार है, इसलिए इसे करने से 26 आसनों के अलग अलग फायदे मिलते है|

बिक्रम योगा में ध्यान देने वाली कुछ बाते

बिक्रम योगा पुरे 10 मिनट का सेशन है| लेकिन इतनी देर गरम वातावारण में योगा करना खेल नहीं है| शुरुवात में आपको लगेगा की आप क्लास छोड़ के बहार चले जायेंग| लेकिन ऐसा करने के बजाय निचे बैठ जाये| मुह बंद करे, नाक से ब्रीथ इन/ आउट करे| इससे आपको 1 मिनट में रिकवर लगने लगेगा|

यदि आप बिक्रम योगा करने के लिए क्लास जा रहे है तो खुद को हाइड्रेटेड रखे| दिन में ज्यादा से ज्यादा पानी पिए| इसका मतलब यह नहीं है की आप क्लास के बहार खड़े होकर बहुत सारा पानी पी रहे| बल्कि आपको बहुत पहले से ही पानी पीना चाहिए|

बहुत से लोग इसे करते वक्त क्लास में भी पानी पीते है| लेकिन इसे करते वक्त पानी नहीं पीना चाहिए, जरुरत महसूस हो तो पी सकते है| लेकिन बेवजह नहीं पिए क्योकि इससे आपके पेट पर बुरा असर पढता है|

हमेशा क्लास वक्त पर जाये और नए लोग तो खासकर| इससे आपको अन्दर जाने, कपडे बदलने, अपनी चटाई बिछाकर उस पर बैठने के लिए समय मिल जायेगा| साथ ही आप अपने टीचर से भी इंटरैक्ट कर सकते है| क्योकि यदि आपको चोट या कोई अन्य परेशानी हो तो आपका टीचर आपको उस अनुसार ट्रेन करेगा|