गले के इन्फेक्शन होने पर अपना लेना ये प्रयोग फिर दवाओं की नही पड़ेगी जरूरत

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मौसम में आए बदलाव, सर्द-गर्म व गलत खान-पान की वजह से गले से जुड़ी इंफैक्शन होना आम सी बात है। कई बार इस इंफैक्शन का कारण एलर्जी व धूम्रपान भी हो सकते हैं। यह इंफैक्शन गले में चुंभन-सूजन, खराश, कर्कश भरी आवाज, हल्की खांसी के साथ दर्द व खाने की परेशानी भी दे सकती है। संक्रमण होने पर खराश की परेशानी सबसे पहले होती है जो बाद में आवाज का भारीपन व दर्द आदि की समस्या पैदा करती है। दरअसल, हमारे गले के दोनों तरफ टॉन्सिल्स होते हैं जो कीटाणुओं, बैक्टीरिया व वायरस से गले को बचाते हैं लेकिन जब ये टॉन्सिल्स खुद संक्रमित हो जाते हैं तो ऐसी दिक्कतें आनी शुरू हो जाती हैं जिसे टॉन्सिलाइटिस कहते हैं। वैसे तो एंटीबायोटिक व सहीं देखभाल से संक्रमण ठीक हो जाता है लेकिन सही देखभाल ना होने पर यह समस्या बढ़कर गंभीर रूप भी ले सकती है। दवा के उपचार के साथ अगर आप कुछ परहेज करेंगे तो गले के इन्फेक्शन में राहत जल्दी मिलेगी। वहीं, अगर आप मौसम के अनुसार अपना खान-पान सहीं रखेंगे तो इंफैक्शन से बचा भी जा सकता है और अगर इंफैक्शन के शिकार हो गए हैं तो सहीं टिप्स अपनाकर इससे राहत भी पाई जा सकती है।

गले के इन्फेक्शन से बचने के लिए गर्म पानी के गरारे :-खराश की परेशानी होते ही तुरंत गरारे करें। एक गिलास गर्म पानी में 2 चुटकी नमक डालें और इस पानी से रोजाना दिन में 3 से 4 बार गरारे करें। खराश की समस्या ठीक होगी और इंफैक्शन भी यहीं खत्म हो जाएगा। यदि सेंधा नमक का प्रयोग किया जाये तो सबसे बेहतर रहता है ।

गले के इन्फेक्शन के लिए विटामिन सी :- विटामिन सी इम्युन सिस्टम को स्ट्रांग करता है, जिससे इस तरह का इंफैक्शन जल्दी शरीर को नहीं जकड़ पाता। हवा में फैल संक्रमण फैलना व खान-पान में गड़बड़ी ही गला खराब होने की मुख्य वजहें हैं इसलिए प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत रखें। विटामिन सी खट्टे फलों में भरपूर होता है। संतरा इनमें से सबसे बेस्ट है। इस बात का ध्यान रखें कि संतरे का सेवन दोपहर के समय करें।

गले के इन्फेक्शन के लिए इमली :- इमली में भी विटामिन सी भरपूर होता है। खराश होने पर इमली के पानी से कुल्ला करें। ध्यान रखें कि आपको इमली के पानी के सिर्फ गरारे करने से इसे पीना नहीं है। इमली को खाने से गले में दर्द की तकलीफ बढ़ सकती है इसलिये बस गरारे ही करें और पानी को थूक दें ।

गले के इन्फेक्शन के लिए हल्दी और दूध :- रात को सोने से पहले 1 गिलास गर्म दूध में 1 टीस्पून हल्दी और चुटकी भर काली मिर्च डालकर पीएं। इससे गले की सूजन ठीक हो जाएगी। यह गले के साथ पूरे शरीर के इन्फेक्शन के लिए बहुत कारगर उपाय माना जाता है और इसको सेवन करने से कोई नुक्सान भी नही होता है । गर्म ही सेवन करें ।

गले के इन्फेक्शन के लिए लहसुन :- लहसुन के कुदरती एंटीसैप्टिक के गुण होते हैं जो इंफैक्शन से बचाव करने का काम करते हैं। लहसुन की एक कली को मुंह में रखकर चूसे। इसका रस गले में जाने से आराम मिलेगा। लहसुन बहुत सारे औषधिय गुणों से युक्त होता है और शरीर में किसी भी तरह के इन्फेक्शन और दर्द की समस्या में राहत देता है ।

गले के इन्फेक्शन के लिए सौंफ :-खाना खाने के बाद सौंफ जरूर चबाएं, इससे खराश ठीक होगी और बंद गला खुल जाएगा। सौंफ को पानी के साथ पकाकर भी सेवन किया जा सकता है इससे गले की सिकाई भी हो जाती है और आराम भी जल्दी आता है । बाजार में सौंफ का अर्क भी आयुर्वेदिक दवाओं की दुकानों पर मिलता है वह भी लाभकारी रहता है ।

गले के इन्फेक्शन में कुछ चीजों से रखें परहेज :-
गले की परेशानी से जल्दी राहत पाना चाहते हैं तो कुछ चीजों से परहेज जरूर करें। जैसे तली-भूनी, बासी, दही, ठंडी चीजों से परहेज करें क्योंकि यह चीजें इंफैक्शन को बढ़ा देते हैं। इसके अलावा ज्यादा खटाई वाली चीजें और बर्फ वाली चीजों का सेवन भूलकर भी ना करें । ये चीजें आपकी समस्या को बहुत ज्यादा बढ़ा देंगी ।

गले के इन्फेक्शन की समस्या के समाधान के लिए प्रयोगों की जानकारी वाला यह लेख आपको अच्छा और लाभकारी लगा हो तो कृपया लाईक और शेयर जरूर कीजियेगा ।

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