कॉमर्स की ओर रूझान बढ़ा 

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रिजल्ट के बाद अब छात्रों के सामने एडमिशन कहां लें यह सवाल उठा है। आजकल जिस प्रकार से कॉमर्स छात्रों के लिए संभावनाएं बढ़ी हैं उससे इस क्षेत्र में अधिक से अधिक छात्र आ रहे हैं। डीयू में बीकॉम ऑनर्स के लिए हर साल हजारों स्टूडेंट्स अप्लाई करते हैं और करीब 13 हजार के आसपास ऐडमिशन पाते हैं। इसके बाद कई स्टूडेंट्स जिन्हें कॉमर्स ऑनर्स में ऐडमिशन नहीं मिल पाता, वे बीकॉम में ऐडमिशन लेते हैं। दोनों ही कोर्स में कॉलेज-कॉलेज के हिसाब से 1 से 8 फीसदी के बीच अंतर रहता है।

बीकॉम ऑनर्स की डिमांड सबसे ज्यादा
बीकॉम ऑनर्स की डिमांड उसकी कटऑफ से पता चलती है, जो पिछले कुछ सालों में 95 से 99 के बीच रही है। जो कॉलेज टॉप नहीं माने जाते, वहां भी 90 से 92 की कटऑफ रहती है। पिछले साल यूनिवर्सिटी को बीकॉम के लिए 82 हजार 90 ऐप्लिकेशन मिली थीं और बीकॉम ऑनर्स के लिए 72 हजार 996 स्टूडेंट्स ने अप्लाई किया था। बीकॉम ऑनर्स के लिए पिछले साल रामजस ने 99.25 फीसदी और बीकॉम के लिए 98.75 फीसदी कटऑफ रखी थी। लास्ट कटऑफ में डीयू के स्वामी श्रद्धानंद कॉलेज में बीकॉम ऑनर्स के लिए स्टूडेंट्स को 85 फीसदी और बीकॉम में 75 फीसदी में चांस मिला था।

रामजस के बाद बीकॉम को , श्री गुरु तेग बहादुर खालसा कॉलेज, मोतीलाल नेहरू कॉलेज, दयाल सिंह कॉलेज, कॉलेज ऑफ वोकेशनल स्टडीज, ने इसे 98 फीसदी रखा था। इन कॉलेजों में बीकॉम ऑनर्स और बीकॉम की कटऑफ में 1 से 2 फीसदी का ही अंतर था।

किनके लिए है बेस्ट?
डीयू में कॉमर्स के अंडरग्रैजुएशन लेवल में दो कोर्स हैं- बीकॉम ऑनर्स और बीकॉम। मल्टिनैशनल कंपनियों में भी कॉमर्स स्टूडेंट्स की डिमांड बहुत है। साथ ही मैनेजमेंट स्टडीज करनी है तो उसके बेस के लिए भी स्टूडेंट्स ग्रैजुएशन लेवल में कॉमर्स पढ़ना चाहते हैं। पिछले 5 साल में कॉमर्स के लिए डीयू में ऐप्लिकेशंस की संख्या 60 हजार से 80 हजार तक पहुंच गई है।