काली खांसी को जड़ से खत्म करेंगे ये नैचुरल तरीके

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काली खांसी को कुकर खांसी भी कहा जाता है। यह समस्या ज्यादातर 5 से 15 साल तक के बच्चों में होती है लेकिन बड़े भी इससे प्रभावित हो सकते हैं। काली खांसी संक्रामक बैक्टीरियल इंफैक्शन है, जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को होता है। इस बीमारी में रोगी को लगातार खांसना, एक दम से खांसी उठना, सांस लेने में तकलीफ होने जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। काली खांसी से निजात पाने के लिए लोग कई दवाओं का सेवन करते हैं, लेकिन आप चाहे तो इन घरेलू तरीकों से भी काली खांसी को खत्म कर सकते हैं।

1. अदरक अदरक में एंटीबैक्टीरियल प्रॉपर्टीज होती है जो कफ को खत्म करने में मददगार होता है। अदरक को पीसकर रस निकाल लें। अब इसमें शहद मिलाकर पीएं। इसके इलावा आप अदरक का रस, नींबू का जूस, प्याज का रस मिलाकर पीएं। रोजाना अदरक का सेवन करने से काली खांसी को कुछ हफ्तों में दूर किया जा सकता है।

2. हल्दी   हल्दी में एंटीबैक्टीरियल, एंटीवायरल होते हैं जो गले में बलगम जमा नहीं होने देते। एक चम्मच शहद में हल्दी मिलाकर खाएं। इसके अलावा आप हल्दी वाला दूध भी पी सकते हैं। हल्दी बहुत जल्दी सर्दी ,जुकाम को खत्म करती है।

3. लहसुन  लहसुन से नैचुरल तरीके से काली खांसी से छुटकारा पाया जा सकता है। 1 चम्मच लहुसन की बारीक कटी हुए कलियों को पानी में उबाल लें। अब इस पानी से भाप लें। रोजाना भाप लेने से काली खांसी 2 हफ्तों में ठीक हो सकती है। इसके साथ डाइट में लहसुन को शामिल करने से सर्दियों में होने वाली समस्याओं से राहत मिलती है।

4. अजवायन  चार चम्मच जैतून के तेल में 3-4 बूदें अजवायन की पत्तियां डालकर हल्का गर्म करें। जब तेल गुनगुना हो जाएं तो इससे रात को सोने से पहले छाती की मालिश करें।

5. मुलेठ  गला खराब या खांसी होने पर मुलेठी का सेवन करना चाहिए। मुलेठी का एक छोटा टुकड़ा लेकर उसको मुंह में डालकर चूसने से काली खांसी से राहत मिलती है।

6. शहद और मूली का रस  एक चम्मच शहद मेें एक चम्मच मूली का रस मिलाकर पीएं। आप चाहे तो इसमें सेंधा नमक मिला कर भी पी सकते है। दिन में 2 से 3 बार पीने से छाती में बलगम और काली खांसी से राहत मिलती है।

7. केसर केसर काली खांसी को खत्म करने के लिए रामवाण इलाज है। इसमें एंटीबैक्टीरियल प्रॉपर्टीज होती है जो इंफेक्शन को फैलने से रोकने के साथ ही जुकाम से भी राहत दिलाता है। 6 केसर के स्टिग्मा में आधा कप पानी डालकर घोल लें। इस घोल का रोजाना सेवन करें।