कब्ज की समस्या से राहत दिलाये योग

0
92

आजकल कब्ज आम समस्या बन गयी है। जिसे प्रत्येक व्यक्ति ने अनुभव किया होगा। कब्ज की समस्या से बच्चे से लेकर बड़े तक परेशान रहते है।

यदि आप इसकी दवाई ले भी ले तो उस समय आपको आराम मिल जाता है| लेकिन कुछ दिन बाद वापिस आपको समस्या हो जाती है|

कब्ज की समस्या में असामयिक मल हो सकता है, या फिर कुछ लोगो को इसमें मल त्यागने में बहुत कठिनाई होती है| कब्ज होने पर पेट में दर्द होता है, पेट फूलता है या फिर जी मचलाना जैसी समस्या होती है।

योग के जरिये आप कब्ज का स्थाई इलाज पा सकते है| इसके द्वारा आप पुराने से पुराने कब्ज को दूर कर सकते है।

जानिए कब्ज की समस्या में फायदेमंद आसन

कब्ज होने के कारण:-

कब्ज के लिए योग के आसनो के बारे में जानने से पहले हम कब्ज होने के कारणों को भी जान लेते है| ताकि इनसे दुरी बनाकर हम अपनी समस्या से जल्द निजात पा सके|

  • अनियमित दिनचर्या
  • खानपान में बदलाव
  • तीखा और मसालेदार भोजन
  • खाने के बाद तुरंत बैठ जाना
  • रात को खाने के बाद तुरंत सो जाना
  • चाय और कॉफी का ज्यादा सेवन करना आदि।

पवनमुक्तासन

  • पवनमुक्तासन सबसे आसान और सबसे प्रभावशाली योग मुद्रा में से एक है|
  • यदि आप कब्ज की समस्या से ग्रसित है तो इस आसन का अभ्यास जरूर करे|
  • पीठ के बल लेट जाए और अपने पैरों को अपने छाती के पास ले आये|
  • सिर को भी ऊपर की और खींचे तथा घुटने और सर को नजदीक लेन का प्रयास करे|
  • कुछ सेकण्ड्स इसी स्तिथि में बने रहे और फिर सामान्य अवस्था में आ जाये|

कपालभाति

  • इससे पेट की कई समस्याए खासतौर पर कब्ज में विशेष लाभ मिलता है|
  • इसे करने के लिए दोनों नोस्ट्रिल से सांस लें, जिससे पेट फूल जाए फिर जोर लगाते हुए सांस छोड़ दें।
  • अगली बार सांस स्वतः ही खींच ली जाएगी और पेट की पेशियां भी स्वतः ही फैल जाएंगी।

धनुरासन

  • धनुरासन करने के लिए पेट के बल लेट जाएं और ठुड्डी ज़मीन पर टिकाएँ।
  • अब पैरों को घुटनों से मोड़ें कर दोनों हाथों से पैरों के पंजो को पकड़ें।फिर सांस लीजिये और बाजू सीधे रखते हुए सिर, कंधे, छाती को जमीन से ऊपर उठा ले।
  • इस स्थिति में सांस सामान्य रखें और चार से पाँच सेकेंड रुकने के बाद सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे पहले छाती, कंधे और ठुड्डी को जमीन की ओर लाएं।
  • पंजों को छोड़ दें और कुछ देर आराम करें। इस प्रक्रिया को कम से कम 3 बार दोहराएं।

भुजंगासन

  • सबसे पहले पेट के बल लेट जाए और अपने हथेली को कंधे के सीध में लाएं|
  • साथ ही पैरों को सीधा रखते हुए दोनों पैरों के बीच की दुरी को कम करें।
  • फिर साँस लेते हुए शरीर के अगले भाग को नाभि तक उठाएं।
  • इसे करते समय धीरे धीरे स्वाँस लें और छोड़े।
  • फिर गहरी स्वाँस छोडते हुए प्रारम्भिक अवस्था में आएं। इस तरह से एक चक्र पूरा हुआ।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here