कद्दू के बीज के फायदे और उनके औषधीय गुण

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कद्दू के बीज में अच्छी मात्रा में जिंक / जस्ता पाया जाता है। एक चौथाई कप कद्दू के बीज का सेवन दैनिक ज़रूरत का करीब 17 प्रतिशत जिंक देता है। जिंक एक आवश्यक खनिज है। यह सेलुलर चयापचय, इम्युनिटी के लिए, प्रोटीन संश्लेषण, घाव भरने, में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह करीब 100 एंजाइमों का उत्प्रेरक है तथा बचपन, किशोरावस्था और गर्भावस्था, के दौरान सामान्य वृद्धि और विकास के लिए आवश्यक है। जिंक की कमी से कम बढ़वार, भूख न लगना, इम्युनिटी की कमी, स्वाद का ठीक से न पता लग पाना, घावों का ज़ल्दी न भरना, आदि। क्योंकि जिंक डीएनए संश्लेषण और कोशिका विभाजन के लिए ज़रूरी है इसलिए प्रजनन स्वास्थ्य के लिए भी ज़रूरी है।

यह विटामिन से भरपूर A, B1, B2, B3, का अच्छा स्रोत है।

कद्दू के बीजों का सेवन पुरुषों के लिए विशेष लाभकारी है। कद्दू के बीज में क्योंकि ज्यादा जिंक है इसलिए यह जिंक की कमी के कारण होने वाले रोगों को दूर करता है। पुरुषों में जिंक कमी से लिंग की शिथिलता, शीघ्रपतन, नपुंसकता,इम्पोइम्पोटेंसी,अल्पजननग्रंथिता hypogonadism हो जाती है। जिंक की कमी से मेलसेक्सुअल हॉर्मोन टेस्टोस्टेरोन testosterone कम बनता है जिससे erectile dysfunction हो सकता है।

योन रोगों में फायदेमंद

कद्दू के बीज का सेवन सेक्स यौन शक्ति तथा प्रदर्शन में सुधार करता है। यह फर्टिलिटी,पोटेंसी, और सेक्स ड्राइव को बढ़ाता है।

कद्दू के बीज में मैगनिशियम  काफी मात्रा में होता है। एक चौथाई कप कद्दू के बीज का सेवन दैनिक ज़रूरत का करीब 50 प्रतिशत मैग्नेशियम देता है। मैग्नीशियम शरीर में होने वाली विविध जैव रासायनिक प्रतिक्रियाओं, प्रोटीन संश्लेषण, मांसपेशियों और तंत्रिका के कामकाज, रक्त शर्करा नियंत्रण, और रक्तचाप विनियमन के लिये ज़रूरी है। यह डीएनए, आरएनए DNA, RNA और एंटीऑक्सीडेंट के संश्लेषण के लिए आवश्यक है। यह मांसपेशियों में संकुचन के लिए तथा हृदय के सही रूप से काम करने के लिए भी ज़रूरी है। मैग्नेशियम  की कमी से भूख न लगना, मतली, उल्टी, थकान, कमजोरी, झुनझुनी, मांसपेशियों में संकुचन और ऐंठन, दौरे, व्यक्तित्व परिवर्तन, असामान्य हृदय लय, उच्च रक्तचाप, तथा माइग्रेन हो सकता है।

कद्दू के बीजों की खूबियों और उनके  औषधीय गुणों के बारे में:-

नींद में सहायक : अगर आप या आपके परिवार का कोई भी सदस्‍य अनिद्रा की समस्‍या से ग्रस्‍त है तो कद्दू के बीज उसके लिए बहुत मददगार साबित हो सकते हैं। इसमें एमिनो एसिड ट्रीप्टोफन की मौजूदगी शरीर में सेरोटोनिन को परिवर्तित कर गहरी नींद में मदद करता है।

हृदय स्वास्थ्य के लिए अच्छा : आहार विशेषज्ञों के अनुसार, कद्दू के बीज हृदय रोगियों के लिए अत्यंत लाभदायक होते है। कद्दू के बीज मिनरल मैग्‍नीशियम का एक समृद्ध स्रोत है, जो दिल के उपचार में मदद करता है। इसलिए दिल की समस्‍याओं से पीड़‍ित लोगों को कद्दू के बीजों को सेवन करना चाहिए।

रक्त शर्करा पर नियंत्रण :इस चमत्कारिक बीज में सुपाच्‍य प्रोटीन होता है। जो शरीर में रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करता है और अग्न्याशय को सक्रिय करता है। इसी कारण मधुमेह रोगियों को कद्दू के बीज खाने की सलाह दी जाती हैं।

प्रोस्टेटिक हाइपरट्रॉफी का खतरा कम करें: कद्दू के बीज के तेल में ओमेगा-3s बहुत अधिक मात्रा में होता है जो प्रोस्टेटिक अतिवृद्धि यानी बीपीएच के जोखिम को कम करने में मदद करता है।

पुरुषों के रोग :मिनरल जिंक का एक समृद्ध स्रोत कद्दू के बीज पुरुष स्‍वास्‍थ्‍य के लिए भी बहुत लाभकारी होता है। मिनरल जिंक प्रोस्‍टेट के विकास का रोकने में मदद करता है।

ताकत का खजाना : जिन लोगों में एनर्जी का लेवल कम होता है, उन लोगों के लिए कद्दू के बीज रामबाण की तरह काम करते हैं। इन बीजों के सेवन शरीर में रक्त और ऊर्जा के स्तर के निर्माण में मदद करता है।

हाई ब्लडप्रेशर का इलाज :कद्दू के बीजों में एंटी-ऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं। ये हाई ब्लडप्रेशर को कम करने में बेहद कारगर साबित हुए हैं। जिन्हें हाई ब्लडप्रेशर की समस्या हो, उन्हें कद्दू के बीजों को अपने आहार में शामिल करना चाहिए।

पेट के कीड़े : आधुनिक शोधों के अनुसार, इन बीजों को चबाकर निगलने से पेट और छोटी आंत के परजीवियों का नाश हो जाता है। आदिवासी अंचलों में भी यही मान्यता है कि पेट के कीड़ों को मारने के लिए कद्दू के बीज बेहद असरदायक होते हैं।

जोड़ों का दर्द का इलाज ; सन 1995 के एक फार्मेकोलॉजिकल शोध के अनुसार, ड्रग इंडोमेथासिन, जो आर्थराइटिस के रोगियों को दी जाती है, वैसा ही असर कद्दू के बीज भी दिखाते हैं। साथ ही, कृत्रिम ड्रग की तरह इन बीजों का कोई दुष्प्रभाव भी नहीं होता है।

फाइबर युक्त भोजन ; कद्दू के बीज रेशा यानी फाइबर से उच्‍च होते है। जो शरीर में फाइबर की आवश्‍यकता को पूरा करता है। साथ ही इसके सेवन से कब्‍ज की समस्‍या नहीं होती और पेट हमेशा साफ रहता है।

कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करती है : बुरे कोलेस्‍ट्रॉल को कम करने के लिए कद्दू के बीज फायदेमंद होते है। स्टेरॉल्‍स और फि‍टोस्टेरॉल नामक तत्‍व से भरपूर कद्दू के बीज शरीर में कोलेस्‍ट्रॉल के स्‍तर को कम करने में मदद करते है।

एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण की मौजूदगी: कद्दू को प्राचीन काल से ही गुणों की खान माना जाता रहा है। कुछ अध्‍ययनों से यह बात साबित हुई है कि कद्दू के बीजों में भरपूर मात्रा में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण दर्द, बुखार, सूजन और जकड़न में इस्‍तेमाल होने वाली दवा (इंडोमेथासिन) के सामान ही प्रभावी होती है।

हाथ-पैरों में जलन : हाथ-पैरों में जलन होने पर कद्दू के बीजों को पीसकर इसका लेप जलन वाले हिस्सों पर करें, तुरंत राहत मिलेगी। लेप के सूख जाने के बाद हाथ-पैर या जलन वाले अंग को नमक के घोल से धो लेना चाहिए। इससे बहुत तेजी से आराम मिलता है

पथरी या किडनी स्टोन : सन् 1987 में अमेरिकन जर्नल में प्रकाशित एक शोध के अनुसार जिन बच्चों के पेशाब परीक्षण सैंपल में कैल्शियम ओक्सेलेट के कण पाए गए, उनके भोजन में कद्दू के बीजों को शामिल कर इस समस्या को काफी हद तक कम होते देखा गया। कैल्शियम ओक्सेलेट दरअसल किडनी में पथरी का निर्माण करते हैं।

एसिटिडी का इलाज: कद्दू के बीज में शरीर के पीएच को अल्कलाइजिंग करता है जिससे पेट में एसिड के गठन को रोकता है। एसिड की समस्‍या से बचने के लिए इसे अपने आहार में शामिल करें। इसे आप सब्जी, सूप, सलाद, जिसमें चाहे और जैसे चाहे खा सकते हैं

घावों का होना :शरीर के जिन हिस्सों पर घाव पक चुके हैं या किसी तरह से संक्रमित हो चुके हैं। उन जगहों पर सूखे बीजों का चूर्ण या ताजा बीजों का रस लगाने से आराम मिल जाता है।