एक बार चार्ज करने पर तीन महीने चलेगा मोबाइल फोन

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लंदन (ईएमएस)। कंघी करना, टूथपेस्ट करना और मोबाइल फोन चार्ज करना हमारी रोजमर्रा की आदतों का हिस्सा बन गया है, लेकिन भविष्य में आपको अपना मोबाइल फोन रोज-रोज चार्ज नहीं करना पड़ेगा। बस एक बार फोन चार्ज कीजिए और तीन महीनों के लिए निश्चिन्त हो जाइए। मिशीगन और कार्नेल विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने हाल ही में मैग्नोइलेक्ट्रिक मल्टीफेरोइल नाम के पदार्थ की खोज की है, जिसकी सहायता से प्रोसेसर 100 गुना कम ऊर्जा खपत में भी काम करता रह सकता है।

मोबाइल फोनों में फिलहाल जिस सेमीकंडक्टर आधारित प्रणाली पर आधारित प्रोसेसरों का इस्तेमाल किया जाता है, उसे काम करने के लिए निरंतर ऊर्जा की जरूरत होती है। परन्तु मैग्नोइलेट्रिक मल्टीफेरोइक इस्तेमाल करने पर बीच-बीच में रुक-रुक कर बिजली की आपूर्ति होने की स्थिति में भी माइप्रोप्रोसेसर सुगमतापूर्वक काम करता रहता है।

मोबाइल फोनों को जल्दी जल्दी चार्ज करना एक बहुत बड़ी दिक्कत थी, जो इस आविश्कार के बाद दूर हो जाएगी। इस प्रणाली की सहायता से में बेहद कम ऊर्जा की आवृत्ति में देर तक मोबाइल चार्ज बना रहेगा। यानी एक बार मोबाइल चार्ज करने के बाद वह तीन माह तक लगातार काम करता रहेगा। इस आविष्कार के बाद मोबाइल फोनों पर लोगों की निर्भरता और बढ़ जाएगी।

इस समय इलेक्ट्रानिक्स के क्षेत्र में कुल खपत की पांच फीसदी ऊर्जा इस्तेमाल की जाती है। लॉरेंस बर्पले नेशनल लेबोरेटरी के ऊर्जा तकनीक विभाग के संयुव्त प्रयोगशाला निदेशक रामामूर्ति रमेश के अनुसार इस क्षेत्र में उर्जा की खपत तेजी से ब़ढ़ रही है। उन्होंने अनुमान व्यव्त किया कि सन 2030 तक इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में ऊर्जा की खपत का यह आंकड़ा 40 से 50 फीसदी तक जा पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि इस लिहाज से ऊर्जा की कम खपत करने वाली तकनीक का विकास हमारी लगातार बढ़ती वैश्विक ऊर्जा जरूरतों के लिहाज से राहत की बात है।