एक ऐसी सब्जी जो बहुत से औषधीय गुणों से भरपूर है यही कारण है की रोग भी नजदीक आने से खौफ खाते है

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फेफड़ों को स्वस्थ रखता है : तंबाकू के धुएं से विटामिन ए की कमी हो सकती है जिससे वातस्फीति का जोखिम हो सकता है। सरसों के साग से फेफड़ों को स्वस्थ बनाए रखने में मदद मिलती है।

हड्डियों को स्वस्थ रखने में सहायक : सरसों के साग में मौजूद कैल्शियम और पोटेशियम से हड्डियों को रोगों से बचाने और उन्हें स्वस्थ रखने में मदद मिलती है।

मेंटल हेल्थ में सुधार करता है : अध्ययनों के अनुसार, रोजाना तीन बार इस हरे पत्तेदार सब्जी को खाने से मेंटल फंक्शन नुकसान को 40 फ़ीसदी तक कम करने में मदद मिलती है।

वजन घटाने वालों के लिए अच्छा : इसमें डाइटरी फाइबर होने की वजह से आपका मेटाबोलिज्म मैनेज रहता है जिससे आपको सही वजन बनाए रखने में मदद मिलती है।

फाइबर का अच्छा स्रोत : सरसों का साग डाइटरी फाइब र प्राप्त करने का एक शानदार तरीका है। ये मेटाबोलिज्म दर को बढ़ाता है और पाचन सही रखने में सहायक है।

डिटोक्सीफाइ में सहायक : सरसों के साग में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और सल्फर से शरीर डिटोक्सीफाइ होता है, जिससे हृदय को स्वस्थ बनाए रखने और कैंसर से बचने में मदद मिलती है।

एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर : सरसों के साग में विटामिन, विटामिन ए और विटामिन सी जैसे एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। इसके अलावा ये मैंगनीज व फोलेट का भी अच्छा स्रोत है। विटामिन ई, सी और ए फ्री रैडिकल ख़त्म करने में सहायक हैं। ये अस्थमा, हृदय रोग और रजोनिवृत्ति से पीड़ितों के लिए अच्छा विकल्प है।

अस्थमा मरीजों के लिए अच्छा : इसमें मौजूद विटामिन सी से इन्फ्लैमटोरी पदार्थ हिस्टामिन के टूटने में मदद मिलती है। इसके अलावा मैग्नीशियम से ब्रोन्कियल नलियों और फेफड़ों को आराम मिलता है।

एंटी-इन्फ्लैमटोरी प्रभाव पड़ता है : इसमें मौजूद विटामिन के और ओमेगा-3 फैटी एसिड होने से सरसों का साग का एंटी-इन्फ्लैमटोरी प्रभाव पड़ता है। इसे खाने से आपको कैंसर, हृदय रोग और गठिया जैसी समस्याओं से बचने में मदद मिलती है।

कैंसर से बचाने में सहायक : इसके एंटीऑक्सिडेंट और एंटी-इन्फ्लैमटोरी जैसे गुण कैंसर रोकने में मदद करते हैं। अध्ययन के अनुसार, ये मूत्राशय, पेट, स्तन, फेफड़े, प्रोस्टेट और अंडाशय के कैंसर को रोकने में उपयोगी हो सकता है।

दिल को रखे स्वस्थ : ये कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करने और फोलेट को बढ़ाने में सहायक है। फोलेट हृदय रोग के लिए ज़िम्मेदार होमोसिस्टीन को बढ़ने से रोकता है।

सरसों का साग सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है और अगर इसके साथ मक्के की रोटी हो तो क्या कहने। इस हरे पत्तेदार सब्जी में उच्च मात्रा में फाइबर होते हैं, जिस वजह से ये पाचन तंत्र को सही रखती है। खनिज, विटामिन और प्रोटीन से भरपूर सरसों में कम मात्रा में कैलोरी होती है। इसलिए ये वजन घटाने वालों के लिए बेहतर विकल्प है। यह सिर्फ एक सब्जी ही नही वरन् बहुत से औषधीय गुणो से भरपूर हेल्थ क्लीनिक है जिसके कारण इस सब्जी का जो सेवन करते है उनके निकट रोग भी पास आने से खौफ खाते है।