इको फ्रेंडली उत्पाद चाहते हैं देश के वयस्क

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– इसका खुलासा फोर्ड 2016 की ट्रेंड रिपोर्ट में हुआ | कोलकाता । भारत के वयस्कों ने कहा कि वो ऐसे उत्पाद चुनना चाहते हैं जो प्रकृति को कम से कम नुकसान पहुंचाए। एशिया पैसिफिक के शेष हिस्से में लगभग 75 प्रतिशत लोगों ने यही विचार व्यक्त किए। इसका खुलासा फोर्ड 2016 की ट्रेंड रिपोर्ट में हुआ है। इस सिलसिले में महानगर में शेरिल कोनेली, ग्लोबल कंज्यू मर ट्रेंड्स एवं फ्यूचरिंग मैनेजर, फोर्ड मोटर कंपनी ने कहा कि युवा उपभोक्ता इस बात पर खास ध्यान देते हैं कि उनके उत्पाद कहां और कैसे बने हैं, फिर चाहे वह सब्जियां हों या ऑटोमोबाइल्स। वे सामाजिक मुद्दों से निपटने को निजी जिम्मेदारी मानते हैं और अपने पैसे को वहां खर्च कर रहे हैं जहां उन्हें उचित लगता हैं। हमें प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए उपभोक्ताओं की बढ़ती चाहत और जरूरतों की ओर समर्पित हैं। फोर्ड ने बहुत लम्बे समय से अपने निर्माण कार्य में पर्यावरण के अनुकूल प्रथाओं को सम्मिलित किया हैं और इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए फोर्ड अपने बिजनेस को हर प्रकार से ग्रीन बना रही हैं । फोर्ड ने पूरी दुनिया में अपनी निर्माण प्रक्रियाओं में प्रयोग होने वाली ऊर्जा में 2010 से 2015 के बीच 25 प्रतिशत की कटौती की। कंपनी अपने निर्माण संयंत्रों में पानी का खर्च कम करने के लिए खोजपरक तरीकों को एक्स्प्लोर कर रही है और शून्य पीने के पानी का लक्ष्य प्राप्त करने की दिशा में काम किया जा रहा है।