अस्थमा का काल है सिर्फ 2 लौंग, जड़ से करती हैं सफाया

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शहरों में बढ़ रहे प्रदूषण के चलते अस्थमा का रोग तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे माहौल में लोगों के लिए सांस लेना तक दूभर हो गया है। अस्थमा के मरीजों के लिए बढ़ती ठंड और प्रदूषण दोनों ही नुकसानदायक होते हैं। सबसे ज्यादा चिंता की बात ये है कि ना सिर्फ वृद्ध बल्कि छोटे छोटे बच्चे भी अस्थमा की चपेट में आ रहे हैं। हालांकि देखा जाए तो जिन लोगों में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। वे जल्दी अस्थमा की चपेट में आते हैं।
जब कभी धूल भरी आंधी आए तो ऐसे वातावरण में अस्थमा रोगियों को जाने से बचना चाहिए। ये उनकी परेशानी को काफी हद तक बढ़ा सकते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सावधानी बरती जाए तो अस्थमा से बचाव संभव है। इस बीमारी में घरेलू नुस्खे अपना कर भी स्वस्थ रहा जा सकता है। अस्थमा की बीमारी को अगर समय रहते काबू कर लिया जाए तो इसके गंभीर अंजाम से बचा जा सकता है। अस्थमा के उपचार के लिए सबसे पहले इसके लक्षणों को पहचानना जरूरी है। आइए जानते हैं अस्थमा के लक्षण—

अस्थमा के लक्षण

  • शरीर में बेचैनी महसूस होती है
  • कई बार सिर भारी-भारी लगना और एक हिस्से में दर्द होना
  • जोर-जोर से सांस लेने के कारण थकावट महसूस होना
  • अधिक चलने के बाद उल्टी महसूस होना
  • सिगरेट-बीड़ी के धुंए से गला बंद होना या किसी तरह की एलर्जी महसूस होना

घेरलू नुस्खे अपनाएं

  • लहसुन, दमा के इलाज में बहुत प्रभावशाली औषधी है। 30 मिली दूध में लहसुन की पांच कलियां उबालें और इस मिश्रण का हर रोज सेवन करने से दमे की शुरुआती अवस्था में काफी लाभ मिलता है।
  • 4-5 दाने लौंग लेकर एक गिलास पानी में उबालें। जब पानी आधा रह जाए तो छान लें। इसमें एक चम्मच शहद मिलाकर पानी पीएं। ऐसा काढ़ा बनाकर दिन में तीन बार पीने से रोग नियंत्रित होता है।
  • अदरक की गरम चाय में लहसुन की दो कलियां पीसकर डाल दें। इससे अस्थमा बहुत जल्दी नियंत्रित होता है।
  • तुलसी के 15-20 पत्ते पानी से साफ कर लें फिर उन पर काली मिर्च का पाउडर खाने से सांस की तकलीफ में राहत मिलती है।
  • अस्थमा को काबू करने को हल्दी एक चम्मच दो चम्मच शहद में मिलाकर चाट लें
  • एक चम्मच हल्दी एक गिलास दूध में मिलाकर पीने से भी राहत मिलती है।

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