अब आईटी क्षेत्र में यूनियन की पहल

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चेन्नई । आईटी के क्षेत्र में यूनियन के गठन के बाद उसमें शामिल होने वाले सदस्यों की तादाद लगातार बढ़ रही है। आईटी संगठनों के बैनर तले विभिन्न कंपनियों में बड़े पैमाने पर होने वाली छंटनी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की तैयारी चल रही है। संगठन के पदाधिकारी इस मुद्दे पर शीघ्र कर्नाटक के मुख्यमंत्री से मुलाकात कर इस मामले में हस्तक्षेप की अपील करेंगे।

अमेरिकी वीजा नीति में बदलाव और परियोजनाओं में कमी की वजह से आईटी क्षेत्र की तमाम दिग्गज कंपनियां बड़े पैमाने पर खासकर मझले और वरि… स्तर के कर्मचारियों की छंटनी कर रही है। आटोमेशन और नवीनतम तकनीक की चुनौतियों से जूझ रही आईटी कंपनियां खर्च घटाने के लिए ऐसे कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा रही हैं। हाल के महीनों में विप्रो, इंफोसिस, टेक महिंद्रा और काग्निजेंट जैसी प्रमुख आईटी कंपनियों ने हजारों की तादाद में छंटनी की है। टेक महिंद्रा कंपनी ने इसी महीने एक हजार कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया है। इससे पहले बीते अप्रैल में विप्रो ने भी कामकाज की समीक्षा के बाद पांच सौ कर्मचारियों को निकाल दिया था। दूसरी ओर, अमेरिका में सूचीबद्ध आईटी कंपनी काग्निजेंट कर्मचारियों की तादाद में कम से कम पांच फीसदी कटौती की योजना बना रही है। यह आंकड़ा दस हजार के आसपास है। कंपनी ने बीते सप्ताह अपने वरि… कर्मचारियों के लिए एक स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना शुरू की है। इंफोसिस भी कम से कम एक हजार कर्मचारियों को निकाल सकती है।

बड़े पैमाने पर होने वाली इस छंटनी का विरोध करने के लिए चेन्नई में अब आईटी परिसरों में यूनियन बनाने की कवायद शुरू हो गई है। इसकी कमान फोरम फॉर आईटी इम्प्लॉइज (फाइट) ने संभाली है। तमिलनाडु में कम से कम चार लाख आईटी कर्मचारी काम करते हैं। फाइट के एक सदस्य एस. कुमार कहते हैं, ’’आईटी कर्मचारी नौकरी जाने के डर से खुलेआम यूनियन में शामिल होने से कतराते हैं लेकिन अब जब नौकरियां जाने लगी हैं तो उनको इसके विरोध के लिए एक बैनर तले आना ही होगा।’’ फाइट ने बड़े पैमाने पर सदस्यता अभियान चला रखा है। उसने चेन्नई और हैदराबाद में श्रम आयुक्तों को भी इस मुद्दे पर पत्र भेजा है। फाइट के अध्यक्ष पी. परिमल कहते हैं, ’’आईटी कर्मचारियों को उम्मीद है कि एक कंपनी से छंटनी के बाद उनको किसी और कंपनी में नौकरी मिल जाएगी। इसलिए अभी वह यूनियनबाजी से हिचक रहे हैं।’’ इस बीच एक अन्य संगठन ऑल इंडिया आईटी इम्प्लॉइज एसोसिएशन के सदस्य इस मुद्दे पर कर्नाटक सरकार से बातचीत करने की योजना बना रहे हैं। संगठन के अध्यक्ष सैयद मुकीमुद्दीन कहते हैं, ’’छंटनी के मुद्दे पर हम शीघ्र सरकार से बातचीत करेंगे। इसके लिए दूसरे संगठनों से बातचीत चल रही है।’’ दूसरी ओर, कर्नाटक के सूचना तकनीक मंत्री प्रियंक खड़गे ने प्रभावित आईटी कर्मचारियों से श्रम विभाग से शिकायत करने को कहा है। उन्होंने भरोसा दिया है कि सरकार इस मामले में जरूरी कदम उठाएगी आईटी संगठन इस मुद्दे पर बंगलूरु में एक रैली की भी योजना बना रहे हैं।