अच्छे पहनावे से बढ़ता है आत्म विश्वास

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नई दिल्ली । औद्योगिक और मार्केंटिंग के आज के दौर में पहनावे एवं वेशभूषा का महत्व बढ़ा है। पहले प्रभाव कों आखिरी प्रभाव समझा जाता है। इसके साथ ही एक अच्छा लुक उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने में मदद करता है। अब पुरूष भी सुंदरता को लेकर पहले की अपेक्षा अधिक सजग हो गये हैं। यहां तक कि कॉलेज जाने वाले छात्र अपनी उपस्थिति को दर्शाने के लिए अधिक जागरूक हो रहे हैं। वे भीड़ में अलग दिखना चाहते हैं। अनगिनत युवा गैर सर्जिकल प्रप्रियाओं के लिए ब्यूटी क्लीनिक पर पैसे जुटा रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक इससे पहले कॉस्मेटिक सर्जरी मशहूर हस्तियों और संपन्न वर्ग के लोगों के साथ एक समय के लिए जुड़ा था, लेकिन वर्तमान में यह सर्जरी, मध्यम वर्ग के लोगों के बीच प्रचलित हो रही है और इनके बीच में इसकी अधिक मांग हो रही है। उन्होंने बताया कि आज स्मार्ट दिखना महत्वपूर्ण हो गया है। इसके लिए हम किशोरों में सुधारात्मक सर्जरी के प्रति रुझान की प्रवृत्ति देख रहे हैं।नाक को ठीक करने से लेकर लीपोसक्शन तक, शरीर के अनावश्यक बालों की सफाई से लेकर जबड़ों को ठीक करने तक, केमिकल पील से फोटो फेशियल तक, दाग-धब्बों को हटाने से लेकर त्वचा को निखारने तक सबके लिए वे अतिरिव्त दर्द उठा रहे हैं। वास्तव में, ब्यूटी उत्पादों का व्यापार वार्षिक जीडीपी के साथ हर साल बढ़ रहा है और पूरी दुनिया में लोग दूसरी प्रमुख चीजों की तरह इसपर भी अधिक पैसा खर्च कर रहे हैं। उदाहरण के लिए, अमेरिकी प्रति व्यव्ति ब्यूटी के ऊपर शिक्षा से अधिक खर्च करते हैं। तो, ऐसा कह सकते हैं कि भारतीय इसके लिए अधिक कर सकते हैं।

2007 में की गई नील्सन के शोध के अनुसार, 84 प्रतिशत भारतीय अपनी पुरानी पीढ़ी की तुलना में अधिक आकर्षक दिखने का दबाव अधिक होता है। 30 प्रतिशत भारतीयों की पहचान सौंदर्य उत्पादों और दूसरे उपचारों पर अधिक से अधिक खर्च करने में हुई। 36 प्रतिशत हर महीने बालों की देखभाल 21 प्रतिशत हर महीने फेशियल उपचारों पर खर्च करते हैं। इससे भी अधिक है आज, औसतन भारतीय, ब्यूटी उत्पादों पर हर साल 7,000 रुपये खर्च करते हैं। 1995 में लोग अपनी वार्षिक आय का केवल चार प्रतिशत ही इसके ऊपर खर्च करते थे, जो 2005 में बढ़कर दोगुना यानी आठ प्रतिशत हुई। इसमें संभावना यह है कि यह बढ़कर 11 प्रतिशत हो जाएगी, इसमें प्रति व्यव्ति औसतन वार्षिक रूप से 49,000 रुपये खर्च होगा, जो कि एक पल में बढ़कर सात गुना हो रहा है।